बातों- बातों में न्यायलयों के फैसलों पर नाराज़गी व्यक्त कर गए मुख्यमंत्री
हिमाचल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीक्षांत समारोह में उपस्थित हैं। मैं आपके समक्ष प्रदेश के हित से जुड़ी कुछ बातें रखना चाहता हूँ।
प्रदेश के बजट का लगभग 70% हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च होता है। वर्ष 2003 में तत्कालीन सरकार ने तय किया था कि कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों को वरिष्ठता और वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन लगभग 20 साल बाद न्यायालय ने ऐसे वित्तीय लाभ देने का फैसला सुनाया, जिनका भर्ती नियमों में न तब प्रावधान था, न आज है। कोर्ट के ऐसे फैसलों से राज्य का वित्तीय प्रबंधन गड़बड़ा जाता है। कर्मचारियों के हित जरूरी हैं, लेकिन प्रदेश के वित्तीय हितों की अनदेखी भी नहीं हो सकती।