कर्णप्रयाग की घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि तीर्थयात्री पक्ष की एफआईआर को उनकी मांग पर हरिद्वार स्थानांतरित किया जाना समझा जा सकता है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या घायल स्थानीय होटल व्यवसायियों और अन्य स्थानीय लोगों ने भी अपने मामलों की जांच हरिद्वार भेजने की मांग की थी?
यदि स्थानीय पीड़ितों ने ऐसी कोई मांग नहीं की, तो सरकार और प्रशासन आखिर किसके हित में यह निर्णय ले रहे हैं? स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी कर उन्हें न्याय से दूर करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि स्थानीय पीड़ितों के मामलों को हरिद्वार स्थानांतरित करने का आधार क्या है।
यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और उत्तराखंड के स्वाभिमान से जुड़ा प्रश्न है। उत्तराखंड के हितों और स्थानीय नागरिकों के अधिकारों से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कर्णप्रयाग मामला: केस हरिद्वार स्थानांतरित करने पर उठाए सवाल, स्थानीय लोगों के हितों से नहीं किया जाएगा बर्दाश्त
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Dehradun, Dehradun | Jun 23, 2026