डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिश्रण की तैयारी: आम जनता की जेब और वाहनों की सेहत पर क्या होगा असर! कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का तीखा हमला,!
देहरादून उत्तराखंड:-पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण (E20) की सफलता के बाद, अब भारत सरकार डीजल में आइसोब्यूटेनॉल (Isobutanol) मिलाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में संकेत दिया है कि सरकार डीजल में 15% तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना पर काम कर रही है।
सरकार का मुख्य उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर देश की निर्भरता को कम करना और पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करना है। वर्तमान में भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। डीजल की खपत पेट्रोल से लगभग दोगुनी है, इसलिए डीजल में मिश्रण करने से विदेशी मुद्रा की भारी बचत हो सकती है। एथेनॉल को सीधे डीजल में नहीं मिलाया जा सकता, इसलिए उसे पहले आइसोब्यूटेनॉल में बदला जाता है, जो डीजल के साथ बेहतर तरीके से घुलता है।