"सफलता की कहानी"
स्वास्थ्य अमले की संवेदनशीलता, समय पर निर्णय एवं टीमवर्क से एक और उच्च जोखिम गर्भवती को मिला सुरक्षित मातृत्व
हाई रिस्क गर्भवती का हुआ सुरक्षित सामान्य प्रसव, माता व नवजात दोनों पूर्णतः स्वस्थ
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गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, समय पर जांचें, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की समय पर पहचान और सतत निगरानी द्वारा संस्थागत सुरक्षित प्रसव कराने और माता व बच्चे दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन में सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान ने एक और सफलता हासिल करते हुए आज एक और हाई रिस्क गर्भवती महिला को सुरक्षित मातृत्व प्रदान किया है।
विकासखंड परासिया के अंतर्गत ग्राम डुंगरिया की एक गर्भवती महिला श्रीमती सरोज यादव अपनी दूसरी गर्भावस्था में उच्च जोखिम गर्भवती (हाई रिस्क प्रेग्नेंसी) के रूप में चिन्हित थीं। महिला की प्रसव संभावित तिथि (एक्सपेक्टेड डेट ऑफ डिलिवरी) 08 जुलाई 2026 थी। प्रथम गर्भावस्था में 7 माह में समयपूर्व प्रसव के दौरान शिशु की गर्भ में ही मृत्यु हो गई थी। साथ ही महिला की लंबाई मात्र 138 सेमी होने के कारण भी वह उच्च जोखिम श्रेणी में थी। इन सभी जोखिम कारकों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसकी नियमित निगरानी एवं सतत फॉलोअप किया जा रहा था।
गुरुवार 02 जुलाई 2026 की शाम को महिला को अचानक प्रसव पीड़ा प्रारंभ हुई। आशा कार्यकर्ता ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दी। सीएचओ द्वारा बिना विलंब ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) को अवगत कराया गया, जिन्होंने तत्काल बीएमओ को स्थिति से अवगत कराया। सूचना प्राप्त होते ही बीएमओ डॉ. अंकित सहलाम ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्वयं इसकी सतत मॉनिटरिंग की, आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए तथा एम्बुलेंस उपलब्ध न होने की स्थिति में व्यक्तिगत रुचि एवं विशेष प्रयास करते हुए तत्काल एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
बीएमओ डॉ. सहलाम के सक्रिय नेतृत्व, त्वरित निर्णय क्षमता एवं प्रभावी समन्वय के कारण गर्भवती महिला को उसके निवास ग्राम डुंगरिया से सुरक्षित रूप से सिविल अस्पताल परासिया लाया गया। वहाँ आवश्यक चिकित्सकीय जाँच के उपरांत उच्च जोखिम को देखते हुए तत्काल 108 एम्बुलेंस की व्यवस्था कर जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, जिससे किसी भी संभावित जटिलता से बचाव संभव हो सका।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, आशा कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, बीपीएम एवं बीएमओ के संयुक्त प्रयासों एवं बीएमओ के सक्रिय नेतृत्व, मार्गदर्शन, त्वरित निर्णय एवं उत्कृष्ट समन्वय के परिणामस्वरूप 03 जुलाई 2026 की रात्रि लगभग 1:56 बजे जिला चिकित्सालय में महिला का सफलतापूर्वक सामान्य प्रसव कराया गया। महिला ने 3.35 किलोग्राम वजन के स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया है। वर्तमान में माता एवं नवजात दोनों पूर्णतः
स्वस्थ हैं।