आज की सबसे बड़ी बहस! सवाल सीधा है— क्या आस्था के नाम पर अश्लीलता जायज़ है? सावन का पावन महीना, भगवान भोलेनाथ की भक्ति, त्याग और तपस्या का पर्व... लेकिन आज सड़कों पर क्या दिखाई दे रहा है? कांवड़ यात्रा के नाम पर कानफोड़ू डीजे, द्विअर्थी अश्लील गाने और उन पर होते शर्मनाक डांस!
छोटे-छोटे बच्चे, जिनके हाथों में गंगाजल और लबों पर 'हर-हर महादेव' का उद्घोष होना चाहिए था, वो आज फूहड़ गानों पर थिरकते नजर आ रहे हैं। सवाल उन तथाकथित धर्म के ठेकेदारों और संगठनों से भी है जो आम दिनों में मर्यादा की दुहाई देते हैं— आज इस विकृति पर चुप्पी क्यों? प्रशासन की सख्ती कहाँ गायब है?
सनातन परंपरा संयम और पवित्रता सिखाती है, हुड़दंग नहीं! क्या आस्था के इस बाजारीकरण और फूहड़ता पर तुरंत रोक नहीं लगनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।" #sanchalnews #sanchalnewslive #ViralVideo #kavadyatra2026 #hindu