*अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वैश्य महासम्मेलन ने वरिष्ठजनों का किया सम्मान*
*अनुभव और जीवन मूल्यों की विरासत को समाज की अमूल्य धरोहर बताया*
सतना। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर *वैश्य महासम्मेलन जिलासतना* के पदाधिकारियों ने समाज के वरिष्ठजनों के घर पहुंचकर उनका सम्मान किया। इस दौरान वरिष्ठजनों को श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर सम्मानित किया गया तथा उनके जीवन अनुभवों और संघर्षों को आत्मीयता से सुना।
वैश्य महासम्मेलन द्वारा फूलचंद बडेरिया उम्र 98 वर्ष (गोविंद बडेरिया के पिताजी), शांति देवी गुप्ता उम्र 92 वर्ष (अशोक गुप्ता की माताजी), राजेंद्र नेमा उम्र 85 वर्ष (चाणक्यपुरी कॉलोनी) तथा प्रेमाबाई अग्रवाल उम्र 81 वर्ष (अशोका पैलेस) का सम्मान किया गया।
इस अवसर पर संभागीय अध्यक्ष लखन केसरवानी, जिला प्रभारी राजीव गुप्ता बबलू, जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल चांदी, जिला महामंत्री सागर गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष रावेन्द्र श्रीवास्तव बबलू, सुरेश बड़ेरिया, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्याम लाल गुप्ता श्यामू एवं शिव साहू सहित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
वरिष्ठजनों का अनुभव समाज की अमूल्य पूंजी : लखन केसरवानी
*संभागीय अध्यक्ष लखन लाल केसरवानी* ने कहा कि वरिष्ठजन परिवार और समाज की वह धरोहर हैं, जिनके अनुभवों में जीवन की लंबी यात्रा का सार छिपा होता है। उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को संस्कार, परंपरा और जीवन के संघर्षों से सीखने की प्रेरणा मिलती है। वरिष्ठजनों का सम्मान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और संस्कारों का प्रतीक होना चाहिए।
वरिष्ठजनों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान : संजय अग्रवाल
*जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल चांदी* ने कहा कि भारतीय संस्कृति में सदैव से बुजुर्गों को सम्मान और परिवार में विशेष स्थान दिया गया है। वरिष्ठजनों के अनुभव युवा पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि वैश्य महासम्मेलन समाज के वरिष्ठजनों के सम्मान और उनके सुख-दुख में सहभागी बनने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठजनों ने भी आत्मीयता के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए और समाज के पदाधिकारियों को आशीर्वाद प्रदान किया। सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि जिस समाज में बुजुर्गों का सम्मान होता है, वहां संस्कारों और मानवीय मूल्यों की जड़ें मजबूत रहती हैं।