बैतूल के पवित्र नगरी मुलताई में आज नवरात्रि की सप्तमी पर दादा गुरु महाराज पहुंचे। बिना अन्न और जल के केवल नर्मदा वायु के भरोसे सैकड़ो किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा करने वाले निराहारी दादा गुरु ने मां ताप्ती के उद्गम स्थल पर पहुंचकर विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और पौराणिक कुंडों सहित ताप्ती उद्गम स्थल के दर्शन किए।
दादा गुरु ने मां ताप्ती के प्रभाव क्षेत्र और अवरुद्ध प्रवाह क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। इसी दौरान उन्होंने मुलताई के लोगों से मां ताप्ती के प्रभाव क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त करने की भावुक अपील की।
दादा गुरु ने कहा कि मकान, दुकान या अन्य निर्माण यदि ताप्ती के प्रभाव क्षेत्र में आ रहे हैं, तो लोग स्वयं आगे आकर इन्हें विनम्रता और सौहार्दपूर्ण तरीके से हटाएं। उन्होंने कहा कि मां ताप्ती की पवित्रता और प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
दादा गुरु ने लोगों से मां ताप्ती को निर्मल रखने, उनके प्रवाह क्षेत्र को अवरुद्ध नहीं करने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ताप्ती की सेवा और संरक्षण का लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने दादा गुरु के आगमन पर कहा कि उनके पवित्र नगरी मुलताई के आगमन से बड़ा पुण्य लाभ इस क्षेत्र को मिला है उनकी अपील का बड़ा असर आने वाले दिनों में होगा।
दादा गुरु के इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री,विधायक और बड़ी संख्या में ताप्ती भक्त मौजूद रहे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया, वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।