मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर पहुंचा आवासीय पट्टा और अवैध वसूली का मामला, पीड़ित ने प्रधान पर लगाए गंभीर आरोप
.
#हरदोई: कोतवाली क्षेत्र बेनीगंज अंतर्गत ग्राम निरंजन पुरवा मजरा नेवादा लोचन निवासी मैकूलाल पुत्र स्वर्गीय रामदयाल व राधे पुत्र लल्लू ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराते हुए ग्राम प्रधान प्रतिनिधि और राजस्व कर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है हालांकि (द टेलीकास्ट न्यूज़) उक्त वीडियो को प्रमाणित नहीं करता है। पीड़ित राधे का कहना है कि उनसे आवासीय पट्टा दिलाने के नाम पर 20 हजार व मैकू लाल से 11 हजार रुपये लिए गए, लेकिन न तो कोई वैध दस्तावेज दिए गए और न ही उसे न्याय मिला।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार उनके परिवार लगभग 30 वर्षों से ग्राम की गाटा संख्या 197, जो नवीन परती (आबादी संरक्षित भूमि) के रूप में दर्ज है, पर कब्जे के आधार पर निवास करता चला आ रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि पन्नालाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनका आवासीय पट्टा बनवा दिया जाएगा तथा सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी करा दी जाएंगी। इसके बदले पन्नालाल द्वारा उनसे पैसे लिए गए। पीड़ितो का कहना है कि प्रधान और लेखपाल अशोक आनंद द्वारा जमीन की नापजोख कराकर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कहा गया। आश्वासन मिलने के बाद सहयोगियों से उधार लेकर ईंट, सीमेंट, मौरंग और अन्य निर्माण सामग्री की व्यवस्था की तथा भूमि पर नींव भरवा दी। जहां उक्त भूमि के ठीक पास गांव के ही संजय पुत्र रामचंद्र द्वारा प्रधान पति की बगैर अनुमति के कब्जा कर अन्य नींव निर्माण करने का विरोध करते हुए प्रधान पति पन्नालाल द्वारा संडीला तहसील प्रशासन को की गई शिकायत पर उपरोक्त भूमि को सरकारी जमीन बताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई कराई गई और सभी की बनी हुई नींव, गेट को तहसील प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में ट्रैक्टर से तुड़वा दिया गया। जहाँ शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि भूमि सरकारी थी तो उन्हें पट्टा दिलाने और निर्माण कराने का आश्वासन क्यों दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके आर्थिक रूप से कमजोर होने का फायदा उठाकर उनसे धनराशि ली गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
पीड़ितो ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, और उनके द्वारा दिए गए धन और निर्माण कार्य में हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उसके पास लेन-देन से संबंधित वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शी गवाह मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
अब यह मामला मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचने के बाद स्थानीय प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्रीय लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद पीड़ित को न्याय मिलता है या नहीं।
#रिपोर्ट: पुनीत मिश्रा/बेनीगंज
Hardoi, Hardoi | Jun 6, 2026