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4 views | Dewas, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

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हर ब्लैक स्पॉट पर अब होंगे "पथ प्रहरी", सड़क हादसों में मौत रोकने देवास पुलिस का बड़ा अभियान
360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल के तहत नागरिकों को दिया जा रहा सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण
देवास। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए देवास पुलिस ने जिलेभर में "360 डिग्री रोड सेफ्टी अभियान" शुरू किया है। इसके तहत जिले के सभी ब्लैक स्पॉट पर आसपास रहने वाले नागरिकों और दुकानदारों को "पथ प्रहरी" बनाकर उन्हें दुर्घटना पीड़ितों की त्वरित मदद के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशानुरूप एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता एवं डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत पथ प्रहरियों को सीपीआर, घायल व्यक्ति की सुरक्षित बॉडी हैंडलिंग, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन सेवाओं से तत्काल संपर्क करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें फर्स्ट एड किट भी वितरित की जा रही है।
गुरुवार को डीआईजी नवनीत भसीन स्वयं देवास शहर के थाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित ब्लैक स्पॉट पर पहुंचे और प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया।
एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मौत का एक बड़ा कारण घायलों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाना और नागरिकों में कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर बनी झिझक है। इसी को दूर करने के लिए प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर "पथ प्रहरी" बनाया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान पथ प्रहरियों को केंद्र सरकार की "राह वीर योजना" की जानकारी भी दी जा रही है, जिसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए तक का नकद पुरस्कार दिया जाता है। साथ ही प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक के निशुल्क उपचार की जानकारी भी दी जा रही है।
देवास पुलिस जिलेभर के प्रशिक्षित पथ प्रहरियों को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से एक मंच पर भी जोड़ रही है, जिससे किसी भी दुर्घटना की सूचना कुछ ही सेकंड में साझा कर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
दुर्घटनाओं में दिखा सकारात्मक असर
देवास पुलिस के अनुसार "360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल" के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत और दुर्घटना जनित मौतों में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि प्रशिक्षित पथ प्रहरियों का यह नेटवर्क भविष्य में सड़क हादसों में घायलों को समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 पथ प्रहरी को क्या सिखाया जा रहा है?
• सीपीआर (CPR) देना
• फर्स्ट एड किट का उपयोग
• घायल की सुरक्षित बॉडी हैंडलिंग
• एम्बुलेंस, पुलिस और अस्पताल से तत्काल संपर्क
• राह वीर योजना एवं राहत योजनाओं की जानकारी
अभियान का उद्देश्य
• गोल्डन ऑवर में घायल को सहायता
• सड़क दुर्घटना में मौतों में कमी
• नागरिकों की सक्रिय भागीदारी
• ब्लैक स्पॉट पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित करना।

हर ब्लैक स्पॉट पर अब होंगे "पथ प्रहरी", सड़क हादसों में मौत रोकने देवास पुलिस का बड़ा अभियान 360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल के तहत नागरिकों को दिया जा रहा सीपीआर और फर्स्ट एड प्रशिक्षण देवास। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए देवास पुलिस ने जिलेभर में "360 डिग्री रोड सेफ्टी अभियान" शुरू किया है। इसके तहत जिले के सभी ब्लैक स्पॉट पर आसपास रहने वाले नागरिकों और दुकानदारों को "पथ प्रहरी" बनाकर उन्हें दुर्घटना पीड़ितों की त्वरित मदद के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशानुरूप एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता एवं डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत पथ प्रहरियों को सीपीआर, घायल व्यक्ति की सुरक्षित बॉडी हैंडलिंग, प्राथमिक उपचार तथा आपातकालीन सेवाओं से तत्काल संपर्क करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें फर्स्ट एड किट भी वितरित की जा रही है। गुरुवार को डीआईजी नवनीत भसीन स्वयं देवास शहर के थाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित ब्लैक स्पॉट पर पहुंचे और प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया। एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मौत का एक बड़ा कारण घायलों को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचा पाना और नागरिकों में कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर बनी झिझक है। इसी को दूर करने के लिए प्रत्येक ब्लैक स्पॉट पर स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर "पथ प्रहरी" बनाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान पथ प्रहरियों को केंद्र सरकार की "राह वीर योजना" की जानकारी भी दी जा रही है, जिसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए तक का नकद पुरस्कार दिया जाता है। साथ ही प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपए तक के निशुल्क उपचार की जानकारी भी दी जा रही है। देवास पुलिस जिलेभर के प्रशिक्षित पथ प्रहरियों को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से एक मंच पर भी जोड़ रही है, जिससे किसी भी दुर्घटना की सूचना कुछ ही सेकंड में साझा कर तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। दुर्घटनाओं में दिखा सकारात्मक असर देवास पुलिस के अनुसार "360 डिग्री रोड सेफ्टी मॉडल" के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। वर्ष 2026 में सड़क दुर्घटनाओं में 18 प्रतिशत और दुर्घटना जनित मौतों में 25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस का मानना है कि प्रशिक्षित पथ प्रहरियों का यह नेटवर्क भविष्य में सड़क हादसों में घायलों को समय पर उपचार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पथ प्रहरी को क्या सिखाया जा रहा है? • सीपीआर (CPR) देना • फर्स्ट एड किट का उपयोग • घायल की सुरक्षित बॉडी हैंडलिंग • एम्बुलेंस, पुलिस और अस्पताल से तत्काल संपर्क • राह वीर योजना एवं राहत योजनाओं की जानकारी अभियान का उद्देश्य • गोल्डन ऑवर में घायल को सहायता • सड़क दुर्घटना में मौतों में कमी • नागरिकों की सक्रिय भागीदारी • ब्लैक स्पॉट पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम विकसित करना।

Dewas Nagar, Dewas | Jun 5, 2026

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार, डीआईजी नवनीत भसीन ने पुलिस बल को किया मार्गदर्शित
देवास। आगामी सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों के तहत देवास में संचालित विशेष पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम को गुरुवार को नई दिशा मिली। उज्जैन रेंज के ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय देवास में आयोजित प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और जनसहयोग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। डीआईजी ने कहा कि सिंहस्थ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन में पुलिस बल का प्रशिक्षित, अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद आवश्यक है।
कार्यक्रम में देवास एसपी पुनीत गहलोत एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया तथा आलोक वर्मा सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में जिला पुलिस बल, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल और विशेष शाखा के कुल 62 अधिकारी-कर्मचारी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों को संभावित सुरक्षा चुनौतियों, आपदा नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, जनसंपर्क और भीड़ प्रबंधन से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मिली रफ्तार, डीआईजी नवनीत भसीन ने पुलिस बल को किया मार्गदर्शित देवास। आगामी सिंहस्थ-2028 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों के तहत देवास में संचालित विशेष पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम को गुरुवार को नई दिशा मिली। उज्जैन रेंज के ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय देवास में आयोजित प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और जनसहयोग की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। डीआईजी ने कहा कि सिंहस्थ विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन में पुलिस बल का प्रशिक्षित, अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष होना बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम में देवास एसपी पुनीत गहलोत एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदोरिया तथा आलोक वर्मा सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में जिला पुलिस बल, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल और विशेष शाखा के कुल 62 अधिकारी-कर्मचारी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों को संभावित सुरक्षा चुनौतियों, आपदा नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, जनसंपर्क और भीड़ प्रबंधन से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

Dewas Nagar, Dewas | Jun 5, 2026

12.50 लाख की चोरी का पर्दाफाश
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, दो महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार
देवास। कोतवाली पुलिस ने "ऑपरेशन त्रिनेत्रम" के तहत दो सूने मकानों में हुई चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 12.50 लाख रुपये मूल्य का चोरी गया माल, वारदात में प्रयुक्त ईयोन कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 29 मई को सिविल लाइन क्षेत्र निवासी आदेश कुमार उइके के घर तथा 31 मई को कर्मचारी कॉलोनी निवासी वसीम शेख के मकान में ताला तोड़कर चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों परिवार घर से बाहर गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने सोने-चांदी के आभूषण, हीरे का मंगलसूत्र, नगदी, घड़ियां, लैपटॉप सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया था।
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में आरोपियों की गतिविधियां और चोरी के बाद कार से भागते हुए फुटेज मिले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने जयंत मीणा, आकाश उर्फ शूटर, चेतना सोलंकी और चिंकी उर्फ प्रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातें स्वीकार कर लीं।
जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी से पहले महिलाओं को कार में बैठाकर कॉलोनियों में रैकी करता था, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद सूने मकानों को निशाना बनाया जाता था।
बरामद सामग्री
• सोने-चांदी के आभूषण
• हीरे का मंगलसूत्र व ईयरिंग
• आसुस लैपटॉप
• घड़ियां
• 22 हजार रुपये नगद
• कुल मशरुका लगभग 12.50 लाख रुपये
• वारदात में प्रयुक्त ईयोन कार
• चार मोबाइल फोन
आरोपी
• जयंत मीणा (19 वर्ष)
• आकाश उर्फ शूटर (26 वर्ष)
• चेतना सोलंकी (30 वर्ष)
• चिंकी उर्फ प्रिया (23 वर्ष)
खास बात
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जयंत और आकाश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के कारण ही आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ, जिससे एक बार फिर "ऑपरेशन त्रिनेत्रम" की प्रभावशीलता साबित हुई।
बॉक्स :
सीसीटीवी बना पुलिस का सबसे बड़ा हथियार
चोरी की दोनों वारदातों के खुलासे में सीसीटीवी कैमरों की अहम भूमिका रही। फुटेज में आरोपी रैकी करते और चोरी के बाद कार से भागते दिखाई दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।

12.50 लाख की चोरी का पर्दाफाश सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, दो महिला समेत चार आरोपी गिरफ्तार देवास। कोतवाली पुलिस ने "ऑपरेशन त्रिनेत्रम" के तहत दो सूने मकानों में हुई चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से लगभग 12.50 लाख रुपये मूल्य का चोरी गया माल, वारदात में प्रयुक्त ईयोन कार और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार 29 मई को सिविल लाइन क्षेत्र निवासी आदेश कुमार उइके के घर तथा 31 मई को कर्मचारी कॉलोनी निवासी वसीम शेख के मकान में ताला तोड़कर चोरी की घटनाएं हुई थीं। दोनों परिवार घर से बाहर गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने सोने-चांदी के आभूषण, हीरे का मंगलसूत्र, नगदी, घड़ियां, लैपटॉप सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया था। घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की गई। घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में आरोपियों की गतिविधियां और चोरी के बाद कार से भागते हुए फुटेज मिले। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने जयंत मीणा, आकाश उर्फ शूटर, चेतना सोलंकी और चिंकी उर्फ प्रिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने चोरी की वारदातें स्वीकार कर लीं। जांच में सामने आया कि गिरोह चोरी से पहले महिलाओं को कार में बैठाकर कॉलोनियों में रैकी करता था, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। इसके बाद सूने मकानों को निशाना बनाया जाता था। बरामद सामग्री • सोने-चांदी के आभूषण • हीरे का मंगलसूत्र व ईयरिंग • आसुस लैपटॉप • घड़ियां • 22 हजार रुपये नगद • कुल मशरुका लगभग 12.50 लाख रुपये • वारदात में प्रयुक्त ईयोन कार • चार मोबाइल फोन आरोपी • जयंत मीणा (19 वर्ष) • आकाश उर्फ शूटर (26 वर्ष) • चेतना सोलंकी (30 वर्ष) • चिंकी उर्फ प्रिया (23 वर्ष) खास बात पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में जयंत और आकाश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के कारण ही आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ, जिससे एक बार फिर "ऑपरेशन त्रिनेत्रम" की प्रभावशीलता साबित हुई। बॉक्स : सीसीटीवी बना पुलिस का सबसे बड़ा हथियार चोरी की दोनों वारदातों के खुलासे में सीसीटीवी कैमरों की अहम भूमिका रही। फुटेज में आरोपी रैकी करते और चोरी के बाद कार से भागते दिखाई दिए, जिसके आधार पर पुलिस ने पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।

Dewas Nagar, Dewas | Jun 5, 2026

🔥 शिप्रा के पानी पर सियासत गरम!
देवास का पानी मांगलिया भेजने के प्रस्ताव पर भड़के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा – "क्या देवास की लीडरशिप नपुंसक हो गई है?"
बयान के बाद जिले की राजनीति में मचा बवाल।
📍 क्या शिप्रा बैराज का पानी बाहर भेजा जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं।
#Dewas #ShipraBarrage #SajjanSinghVerma #DewasWaterCrisis #MadhyaPradesh MPPolitics DewasNews IndoreNews ShipraRiver BreakingNews PoliticalStorm TimesMPNews MPNews ViralNews WaterPolitics DewasUpdate LatestNews MPTak PublicIssue WaterDispute

🔥 शिप्रा के पानी पर सियासत गरम! देवास का पानी मांगलिया भेजने के प्रस्ताव पर भड़के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा। जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठाए सवाल, कहा – "क्या देवास की लीडरशिप नपुंसक हो गई है?" बयान के बाद जिले की राजनीति में मचा बवाल। 📍 क्या शिप्रा बैराज का पानी बाहर भेजा जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में बताएं। #Dewas #ShipraBarrage #SajjanSinghVerma #DewasWaterCrisis #MadhyaPradesh MPPolitics DewasNews IndoreNews ShipraRiver BreakingNews PoliticalStorm TimesMPNews MPNews ViralNews WaterPolitics DewasUpdate LatestNews MPTak PublicIssue WaterDispute

Dewas Nagar, Dewas | Jun 5, 2026

डिजिटल पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम, अब हर अपराध की जांच होगी तकनीक के साथ
देवास। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और अपराधों की विवेचना को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में देवास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले को उपलब्ध कराए गए 374 टैबलेट्स का वितरण कर सभी विवेचकों को ई-विवेचना प्रणाली से जोड़ा गया है। इसके साथ ही देवास का प्रत्येक विवेचक अब "स्मार्ट विवेचक" बन गया है और अपराधों की जांच डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विवेचकों को ई-विवेचना एप्लीकेशन के उपयोग, डिजिटल अनुसंधान प्रक्रिया और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी भसीन ने कहा कि ई-विवेचना प्रणाली पुलिस अनुसंधान को आधुनिक, डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने कहा कि तकनीक के व्यापक उपयोग से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ई-विवेचना से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय बचेगा और चार्जशीट समय पर न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकेगी।
प्रमुख फायदे
▪️ 374 विवेचकों को टैबलेट्स वितरित
 ▪️ केस डायरी, दस्तावेज और साक्ष्य का डिजिटल संधारण
 ▪️ विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति
 ▪️ समय पर चार्जशीट प्रस्तुत करने में सहायता
 ▪️ पीड़ितों को त्वरित न्याय और अपराधियों को शीघ्र सजा की संभावना
 ▪️ डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा नया विस्तार

क्या बदलेगा?
 ई-विवेचना प्रणाली के लागू होने से पुलिस अनुसंधान की अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे जांच अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, साक्ष्य अपलोड करने और केस प्रगति को अपडेट करने में सुविधा मिलेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों में सुधार होगा।
देवास पुलिस का यह कदम डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

डिजिटल पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम, अब हर अपराध की जांच होगी तकनीक के साथ देवास। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और अपराधों की विवेचना को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में देवास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले को उपलब्ध कराए गए 374 टैबलेट्स का वितरण कर सभी विवेचकों को ई-विवेचना प्रणाली से जोड़ा गया है। इसके साथ ही देवास का प्रत्येक विवेचक अब "स्मार्ट विवेचक" बन गया है और अपराधों की जांच डिजिटल माध्यम से की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विवेचकों को ई-विवेचना एप्लीकेशन के उपयोग, डिजिटल अनुसंधान प्रक्रिया और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी भसीन ने कहा कि ई-विवेचना प्रणाली पुलिस अनुसंधान को आधुनिक, डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने कहा कि तकनीक के व्यापक उपयोग से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ई-विवेचना से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय बचेगा और चार्जशीट समय पर न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकेगी। प्रमुख फायदे ▪️ 374 विवेचकों को टैबलेट्स वितरित ▪️ केस डायरी, दस्तावेज और साक्ष्य का डिजिटल संधारण ▪️ विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति ▪️ समय पर चार्जशीट प्रस्तुत करने में सहायता ▪️ पीड़ितों को त्वरित न्याय और अपराधियों को शीघ्र सजा की संभावना ▪️ डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा नया विस्तार क्या बदलेगा? ई-विवेचना प्रणाली के लागू होने से पुलिस अनुसंधान की अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे जांच अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, साक्ष्य अपलोड करने और केस प्रगति को अपडेट करने में सुविधा मिलेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों में सुधार होगा। देवास पुलिस का यह कदम डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

Dewas Nagar, Dewas | Jun 5, 2026