डिजिटल पुलिसिंग की ओर बड़ा कदम, अब हर अपराध की जांच होगी तकनीक के साथ
देवास। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने और अपराधों की विवेचना को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में देवास पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा जिले को उपलब्ध कराए गए 374 टैबलेट्स का वितरण कर सभी विवेचकों को ई-विवेचना प्रणाली से जोड़ा गया है। इसके साथ ही देवास का प्रत्येक विवेचक अब "स्मार्ट विवेचक" बन गया है और अपराधों की जांच डिजिटल माध्यम से की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन रेंज के डीआईजी नवनीत भसीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विवेचकों को ई-विवेचना एप्लीकेशन के उपयोग, डिजिटल अनुसंधान प्रक्रिया और आधुनिक तकनीकी संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीआईजी भसीन ने कहा कि ई-विवेचना प्रणाली पुलिस अनुसंधान को आधुनिक, डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक मजबूत आधार मिलेगा।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने कहा कि तकनीक के व्यापक उपयोग से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। ई-विवेचना से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, दस्तावेजों के आदान-प्रदान में लगने वाला समय बचेगा और चार्जशीट समय पर न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकेगी।
प्रमुख फायदे
▪️ 374 विवेचकों को टैबलेट्स वितरित
▪️ केस डायरी, दस्तावेज और साक्ष्य का डिजिटल संधारण
▪️ विवेचना प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति
▪️ समय पर चार्जशीट प्रस्तुत करने में सहायता
▪️ पीड़ितों को त्वरित न्याय और अपराधियों को शीघ्र सजा की संभावना
▪️ डिजिटल पुलिसिंग को मिलेगा नया विस्तार
क्या बदलेगा?
ई-विवेचना प्रणाली के लागू होने से पुलिस अनुसंधान की अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इससे जांच अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, साक्ष्य अपलोड करने और केस प्रगति को अपडेट करने में सुविधा मिलेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों में सुधार होगा।
देवास पुलिस का यह कदम डिजिटल पुलिसिंग और तकनीक आधारित न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।