तीज का त्यौहार झूला झूलकर एवं पूजा चंद्र दर्शन के साथ मनाया
भीलवाड़ा (रमेश चंद्र डाड)। विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी प्रांत सह संयोजीका सीमा पारीक ने बताया अंसल सुशांत सिटी भीलवाड़ा में तीज का त्योहार बड़े हर्ष व उल्लास से मनाया गया इस दिन तीज मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन और वर्षा ऋतु (सावन-भादों) के स्वागत के लिए मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए 108 जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। 108वीं बार सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया को उनका मिलन हुआ था। तब से इस पावन उत्सव को उनके दिव्य मिलन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला (बिना पानी पिए) व्रत रखती हैं। अविवाहित युवतियां भी मनपसंद वर पाने के लिए यह व्रत करती हैं। कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद दुर्गा वाहिनी प्रांत सह संयोजीका सीमा पारीक, स्नेहलता पारीक, शकुंतला शुक्ला, गीतिका शर्मा, कुसुम राठौड़, बीना पारीक, राधा सोमानी, आस्था पारीक, प्राची सोमानी, हिमांशी आदि महिलाएं उपस्थित रही।