जमुई: दीपावली को लेकर स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग एलर्ट
08 नवंबर रविवार को दीपावली पर्व पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान बच्चों में आतिशबाजी भी होना लाजमी है। खुशियों का यह त्योहार मुसीबत में ना बदल जाए, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग पहले से ही एलर्ट मोड में है। जोरशोर से इसकी तैयारी की जा रही है। इसको लेकर शनिवार की सुबह 10 बजे तक सदर अस्पताल में बर्न वार्ड बनकर तैयार हो चुका है और अग्निशमन वाहन के लिए भी स्थल चिन्हित किया गया है।
सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी अनूप कुमार शर्मा के मुताबिक दीपावली पर्व के दौरान आतिशबाजी से अगजनी व अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए पतौना चौक और महिसौड़ी चौक पर अग्निशमन वाहन के साथ कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही जिले के सभी के मेन चौक पर अग्निशमन वाहन के साथ कर्मियों की तैनाती के लिए निर्देश दिया गया है। इसके अलावा वे खुद अन्य पदाधिकारियों व कर्मियों के साथ घूम- घूम कर जायजा ले रहे हैं। टीम को पूरी तरह एलर्ट मोड में कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सदर अस्पताल उपाधीक्षक, स्वास्थ प्रबंधक सहित जिले के सभी सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे दीपावली में आतिशबाजी को लेकर होने वाले परेशानी के प्रति सजग रहें। सभी अस्पताल में आवश्यकता के अनुसार दवा का भंडारण कर लिया गया है। खासकर आतिशबाजी के दौरान बच्चों में जलने की शिकायत को लेकर व्यवस्था में बढ़ोतरी की गई है। अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि सदर अस्पताल में एक बर्नवार्ड भी बनकर तैयार हो चुका है। का निर्देश दिया गया है, जिसकी व्यवस्था चुस्त दुरुस्त की गई है। साथ ही एक मेडिकल टीम भी गठित की गई है। जो अस्पताल के अलावा छठ घाट पर भी नजर रखेगी। आपात स्थिति के लिए एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी। इसे लेकर अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए चिकित्सक सहित सभी स्वास्थ्य कर्मी की छुट्टी रद्द कर दी गई है।
दीपावली के त्योहार पर आतिशबाजी में बरती गई थोड़ी सी लापरवाही खुशियों को फीका कर सकती है। इसलिए आतिशबाजी में सतर्कता बरतने की जरूरत है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डाक्टर थनीष कुमार ने बताया कि तेज आवाज और गाढ़ा सफेद धुआं छोड़ने वाली पटाखा से खास कर बच्चों को परहेज करना चाहिए। पटाखा से निकलने वाली कार्बन मोनोआक्साइड व सल्फर डाई आक्साइड गैसें सेहत के लिए हानिकारक होती है। यह सांस रोगी बना सकती हैं। सिर दर्द, चक्कर, घबराहट व उल्टी आने की भी संभावना बनी रहती है ऐसी समस्याएं उतपन्न हो सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपील किया कि बच्चों को कम से कम आतिशबाजी करने दें। वह भी अपनी देखरेख में करावे, तेज एवं पर्यावरण बिगाड़ने को लेकर बनाए गए पटाखों से दूर रहें। आंख, हाथ, पैर सहित शरीर के अन्य खुले भागों को आग से दूर रखें। कई पटाखा दूर से भी हमें नुकसान पहुंचाती है, इसका भी खास ख्याल रखें। #jamui #healthvibhag #healthcare
Jamui, Jamui | Nov 7, 2026