आंवलहेड़ा में भगवान चारभुजानाथ को बांधी राखी, 250 साल पुरानी अनूठी परंपरा का हुआ निर्वहन
चित्तौड़गढ़, 29 अगस्त। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर निकटवर्ती गांव आंवलहेड़ा में वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा श्रद्धा और आस्था के साथ निभाई गई। गांव स्थित श्री चारभुजा मंदिर में भगवान श्री चारभुजानाथ को राखी बांधकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और भोग लगाया गया।
गांव के रवि कुमार, विष्णु एवं कालू ब्रह्मभट्ट ने बताया कि आंवलहेड़ा में भगवान चारभुजानाथ को राखी बांधने की यह परंपरा करीब ढाई सौ वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी अनूठी परंपरा अन्य कहीं देखने को नहीं मिलती।
वहीं, पूरे सावन माह में मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात 8 बजे से सवा 9 बजे तक सामूहिक रामधुन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी मंदिर में एकत्रित होकर “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम” का सामूहिक उच्चारण करते रहे।
रक्षाबंधन के दिन भगवान श्री चार�