बताते चलें कि यमुना एक्सप्रेस वे बनाने के साथ करीब 1150 गांवों को यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अधिसूचित श्रेणी में रख लिया,जिसके चलते इन गांवों का विकास ही रुक गया,क्षेत्रीय विधायक राजेश चौधरी ने विधान सभा में इस बारे में दमदारी से अपनी बात रखते हुए कहा कि इन गांवों में न तो कोई स्कूल कॉलेज बन पा रहा है,न ही कोई विकास कार्य हो पा रहे है