#बालाघाट
जीव विज्ञान विषय की प्रायोगिक कार्यशाला सम्पन्न
नई शिक्षा नीति के अनुरूप प्रयोगात्मक शिक्षण पर दिया गया विशेष जोर
जिले के उच्च माध्यमिक शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल एवं राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (SIEMAT) भोपाल के निर्देशानुसार तथा जिला शिक्षा अधिकारी बालाघाट एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बालाघाट के मार्गदर्शन में जिले के स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित शासकीय विद्यालयों के उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए जीव विज्ञान विषय की प्रायोगिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सांदीपनि विद्यालय बालाघाट में दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर के जीव विज्ञान विषय के उच्च माध्यमिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षकों को प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना तथा जीव विज्ञान विषय के प्रयोगों एवं व्यावहारिक गतिविधियों के प्रति उनकी दक्षता को बढ़ाना था। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रयोगशाला आधारित अध्ययन एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रयोगशाला आधारित शिक्षण विद्यार्थियों में अवलोकन क्षमता, वैज्ञानिक सोच, तर्कशक्ति, धैर्य, निष्कर्ष निकालने की क्षमता तथा स्वतंत्र रूप से कार्य करने की प्रवृत्ति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नई शिक्षा नीति भी विषयों के व्यावहारिक एवं कौशल आधारित अध्ययन पर विशेष बल देती है, जिसके अनुरूप यह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में राज्य तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (NITTTR), भोपाल से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स श्री ताराचंद मस्करे एवं डॉ. मोहनिश पिछोड़े ने प्रतिभागी शिक्षकों को कक्षा 11वीं एवं 12वीं के जीव विज्ञान विषय के सभी प्रमुख प्रयोगों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने रक्त परीक्षण, रक्त एवं मूत्र के माध्यम से बायोकेमिकल परीक्षण, वैज्ञानिक डेटा संग्रहण, प्रोजेक्ट निर्माण, चार्ट एवं मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को यह भी बताया कि किस प्रकार विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ा जा सकता है। साथ ही विद्यालयों में सुसज्जित एवं उपयोगी प्रयोगशालाओं के निर्माण एवं संचालन के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यशाला में व्यक्तिगत एवं सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को प्रयोगों के संचालन, रिकॉर्ड संधारण तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की तकनीकों से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रयोगों का स्वयं अभ्यास कर अपनी समझ को और अधिक सुदृढ़ किया। इस अवसर पर कार्यशाला के नोडल अधिकारी एवं सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज रहांगडाले, डाइट प्राचार्य श्री मलगाम, प्रशिक्षण प्रभारी श्री खेमनदास तितरमारे तथा श्री सजल मस्की सहित अन्य अधिकारी एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। सभी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए इसे शिक्षकों के व्यावसायिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
कार्यशाला के समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों तक पहुंचाने तथा प्रयोगात्मक शिक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह कार्यशाला नई शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को साकार करने तथा विज्ञान शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
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24 views | Balaghat, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026