अपडेट गुप्त गोदावरी गुफाओं में अवैध चढ़ोत्तरी
चित्रकूट- चित्रकूट के प्रमुख दर्शनीय स्थल गुप्त गोदावरी में दान पेटियों से रुपए चोरी और पर्यटक श्रद्धालुओं से अवैध चढ़ोत्तरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे, कुछ माह पूर्व ही चढ़ोत्तरी और अवैध पुजापा को लेकर गुप्त गोदावरी में दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ था, जहां नगर परिषद के दोनों पक्ष के कमाऊ पूतों को बाहर कर दिया गया था, जिससे लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद गुफाओं में अवैध चढ़ोत्तरी बंद हो जाय लेकिन कुछ शातिर लोगों ने फिर अवैध कमाई का तरीका ढूंढ लिया, VIP दर्शन की आड़ में यात्रियों से 500 रुपए लेकर साइड से दर्शन कराते रहे, और अब एक बार फिर गुफाओं में चढ़ोत्तरी का खेल चरम पर है। अब तो व्यवस्था के नाम पर गुफाओं के अंदर लगे 4 आउटसोर्सेज कर्मचारी ही श्रद्धालुओं से चढ़ोत्तरी करवा रहे हैं, जहां श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं, श्रद्धालुओं का कहना है कि गुफाओं में 100 रुपए से लेकर 500 रुपए राम दरबार, सुइया माता में यह कहकर चढ़वाएं जाते हैं कि यदि 100 रुपए चढ़ाओगे तो आपके बाल बच्चे कुशल से रहेंगे, 100 रुपए के बदले में एक रुपए का सिक्का भी दिया जाता है, कि पूजा घर में रखना, भंडार कभी खाली नहीं होगा, जिसने रुपए नहीं चढ़ाए तो कहते हैं कि यदि दान दक्षिणा नहीं करना था तो यहां क्यों आए हो।। पानी के कुंड में 2 जगह पुजापा कराई जाती है। एकख़ुफ़िया ऑटसोएसेज कर्मचारी गुफा के बाहर सीढ़ियों में ड्यूटी में रहता है, उसका काम है कि यदि कोई मीडिया कर्मी, पत्रकार, नेता, पार्षद वहां पहुंचने की कोशिश करें तो वो दौड़कर गुफा के अंदर सभी आउटसोर्सेज कर्मचारियों को एलर्ट कर देता है, जो राम दरबार , सुईया माता, खटखटा चोर से तुरंत नीचे आ जाते हैं। ये खेल आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चल रहा है मगर चढ़ोत्तरी के पैसों का बंदरबांट होने से नगर परिषद का जिम्मेदार अमला फील गुड महसूस कर रहा है, जबकि इसके पूर्व तत्कालीन सीएमओ रहे विशाल सिंह द्वारा स्टिंग ऑपरेशन कर पुजापा और चढ़ोत्तरी में लगे आधा दर्जन कर्मचारियों , आउटसोर्सेज कर्मचारियों, पुजारियों को पकड़ा था, तब कई कर्मचारी गुफा से हटाए भी गए थे लेकिन वर्तमान सीएमओ की निष्क्रियता के चलते जहां पर्यटक केंद्र गोदावरी में गुफाओं के अंदर श्रद्धालुओं से अवैध चढ़ोत्तरी का खेल चरम पर है तो वहीं श्रद्धालुओं का कहना है कि गुफाओं में आस्था के नाम पर अवैध चढ़ोत्तरी करवाई जाती है, जिससे आस्थावान श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंच रही है।*
क्रमशः ..........!