सूखने की कगार पर पहुंचा ‘पानी वाला बैंड’ का ऐतिहासिक जलश्रोत , स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
मसूरी-देहरादून मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध पानी वाला बैंड का ऐतिहासिक प्राकृतिक जलश्रोत इन दिनों जल संकट का सामना कर रहा है। वर्षों से लगातार बहने वाला यह स्रोत अब धीरे-धीरे सूखता दिखाई दे रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों में भी चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह जलस्रोत ब्रिटिश काल से अस्तित्व में है और पूरे वर्ष निरंतर पानी उपलब्ध कराता रहा है। चारधाम यात्रा मार्ग पर होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां रुककर पानी पीते थे और कुछ समय विश्राम भी करते थे। लेकिन अब पानी का प्रवाह बेहद कम हो गया है, जिससे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी घटने लगी है।
लोगों का कहना है कि गर्मियों में यह स्रोत ठंडे पानी और सर्दियों में गर्म पानी के लिए जाना जाता था। ऐसे ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर स्वरूप जलश्रोत का सूख�