संजौली में आवारा कुत्तों और ट्रैफिक की समस्या से लोग परेशान, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने महापौर के समक्ष उठाए मुद्दे
स्कूलों के बाहर फीडिंग प्वाइंट बनाने पर जताई चिंता, कुत्तों को निर्धारित स्थानों पर खाना खिलाने और बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग
शिमला। संजौली क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या और बाजार में बढ़ते यातायात दबाव को लेकर सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन संजौली के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों की मौजूदगी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके साथ ही संजौली बाजार में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विजय सनोरिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के प्रधान विजय शर्मा, उपप्रधान गुप्ता, कैशियर राणा और सदस्य जितेंद्र भी शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने महापौर को अपनी संस्था के पंजीकरण की प्रति सौंपी। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था का पंजीकरण हो चुका है। ऐसे में भविष्य में यदि सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कोई योजना या सहायता उपलब्ध होती है, तो एसोसिएशन को इसकी जानकारी देने का आग्रह किया गया, ताकि संस्था के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाई जा सके।
संजौली में आवारा कुत्तों की समस्या उठाई
विजय सनोरिया ने बताया कि संजौली में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। विशेष रूप से मंदिर के आसपास और संजौली बाजार में बड़ी संख्या में कुत्तों के घूमने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुत्तों को खाना खिलाना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए उचित स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए। उन्होंने महापौर से आग्रह किया कि कुत्तों को बाजार और लोगों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों से दूर निर्धारित फीडिंग प्वाइंट पर खाना खिलाने की व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो और कुत्तों को भी भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
स्कूलों के बाहर फीडिंग प्वाइंट से बच्चों की सुरक्षा पर चिंता
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि संजौली में एक स्थान पर स्कूल के ठीक बाहर फीडिंग प्वाइंट बनाया गया है, जबकि इसके साथ ही मंदिर भी स्थित है। इस कारण वहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है और आवारा कुत्तों की मौजूदगी से परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार कुत्ते बच्चों पर झपट पड़ते हैं, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बनी रहती है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को विशेष रूप से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल वरिष्ठ नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि संजौली में पैदल चलने वाले प्रत्येक नागरिक, बच्चों और अन्य लोगों को इससे परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फीडिंग प्वाइंट के लिए उचित स्थान निर्धारित करना जरूरी है।
संजौली बाजार में यातायात नियंत्रित करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने संजौली बाजार में बढ़ते यातायात दबाव का मुद्दा भी महापौर के समक्ष उठाया। विजय सनोरिया ने बताया कि बाजार में ट्रैफिक अधिक होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए एसोसिएशन की ओर से प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) से भी बात की गई है। इसके अलावा, एक दिन पहले उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया गया था। अब इसी मामले को लेकर महापौर और नगर निगम आयुक्त से भी बातचीत की जा रही है, ताकि संजौली में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और नगर निगम इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान, उचित फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने और संजौली बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।