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jago himachal

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हमीरपुर में कांग्रेस का मशाल जुलूस, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
हमीरपुर। केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कथित घोटालों के विरोध में शनिवार शाम जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। शाम करीब छह बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से शुरू हुआ यह जुलूस मुख्य बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें और मोमबत्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जन-जागरण अभियान भी चलाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले समेत कई मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की नीतियों का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता पर पड़ा है तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के हितों की आवाज को लगातार बुलंद किया है। उन्होंने दावा किया कि इसी दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आज सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में सामने हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच संघर्ष जारी रखेगी।
मशाल जुलूस में विधायक सुरेश कुमार, विधायक कैप्टन रंजीत राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, विभिन्न ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मशाल जुलूस केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों एवं हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी।
हमीरपुर में कांग्रेस का मशाल जुलूस, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
हमीरपुर। केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कथित घोटालों के विरोध में शनिवार शाम जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। शाम करीब छह बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से शुरू हुआ यह जुलूस मुख्य बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें और मोमबत्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जन-जागरण अभियान भी चलाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले समेत कई मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की नीतियों का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता पर पड़ा है तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के हितों की आवाज को लगातार बुलंद किया है। उन्होंने दावा किया कि इसी दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आज सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में सामने हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच संघर्ष जारी रखेगी।
मशाल जुलूस में विधायक सुरेश कुमार, विधायक कैप्टन रंजीत राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, विभिन्न ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मशाल जुलूस केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों एवं हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी।
हमीरपुर में कांग्रेस का मशाल जुलूस, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
हमीरपुर। केंद्र सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और कथित घोटालों के विरोध में शनिवार शाम जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर ने शहर में मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। शाम करीब छह बजे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से शुरू हुआ यह जुलूस मुख्य बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशालें और मोमबत्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जन-जागरण अभियान भी चलाया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, नीट परीक्षा से जुड़े कथित घोटाले समेत कई मुद्दों को उठाया। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की नीतियों का सबसे अधिक प्रभाव युवाओं, किसानों, मजदूरों और आम जनता पर पड़ा है तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के हितों की आवाज को लगातार बुलंद किया है। उन्होंने दावा किया कि इसी दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार आज सबसे बड़ी चुनौतियों के रूप में सामने हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच संघर्ष जारी रखेगी।
मशाल जुलूस में विधायक सुरेश कुमार, विधायक कैप्टन रंजीत राणा, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, जिला कांग्रेस पदाधिकारी, विभिन्न ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मशाल जुलूस केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने का अभियान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों और समाज के सभी वर्गों के अधिकारों एवं हितों की लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ती रहेगी।
NEET पेपर घोटाले के विरोध में कुल्लू में कांग्रेस का कैंडल मार्च, गृह मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग
कुल्लू-  देशभर में NEET पेपर घोटाले को लेकर उठ रहे विरोध के बीच शनिवार को कुल्लू में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। शहर के मुख्य बाजार से निकाले गए इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया और छात्रों के भविष्य के साथ हुए कथित खिलवाड़ पर चिंता जताई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को भी अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनका आरोप है कि पेपर लीक जैसे संगठित अपराध सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाते हैं, जिसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाए, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका लोकतांत्रिक विरोध और संघर्ष जारी रहेगा।
शोघी में 12 ग्राम चिट्टा सहित आरोपी गिरफ्तार, शिमला पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई
शिमला -
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल सेल शिमला को एक और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शोघी पुलिस चौकी के समीप एचआरटीसी बस की चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति के कब्जे से 12 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद कर उसे गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को स्पेशल सेल शिमला की टीम शोघी पुलिस चौकी के पास प्रभावी गश्त एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एचआरटीसी बस में यात्रा कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति के बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके बैग में माचिस की डिब्बी के भीतर छिपाकर रखी गई 12 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित ठाकुर (32 वर्ष), निवासी ननखड़ी, जिला शिमला के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध पुलिस थाना बालुगंज में अभियोग संख्या 151/2026, दिनांक 24 जुलाई 2026, धारा 21 एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा तथा मामले की गहन जांच जारी है। शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशा तस्करों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिमला में ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई, खराब निजी बस को हटाकर यातायात किया बहाल
शिमला -
शिमला शहर में शनिवार, 25 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे विंटर फील्ड और ओल्ड बस स्टैंड के बीच एक निजी बस अचानक खराब होने से यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस शिमला ने तत्काल मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करते हुए खराब वाहन को सड़क से सुरक्षित हटाया और मार्ग को यातायात के लिए पूर्ण रूप से बहाल कर दिया।
ट्रैफिक पुलिस की मुस्तैदी के चलते यातायात व्यवस्था को शीघ्र सामान्य कर लिया गया। वर्तमान समय में शिमला शहर में यातायात पूरी तरह सामान्य एवं सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। जिला शिमला पुलिस ने वाहन चालकों एवं आम जनता द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी यातायात नियमों के पालन और पुलिस प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण के लिए जिले की सभी पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का होगा आयोजन - उपायुक्त, लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना

03 से 05 अगस्त तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होंगी बैठकें, जनभागीदारी से तय होगी विकास की दिशा

केलांग, 24 जुलाई....उपायुक्त, लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार करने के उद्देश्य से विशेष ग्राम सभा बैठकों के आयोजन के आदेश जारी किए हैं। इन बैठकों का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक पंचायत की स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास संबंधी प्राथमिकताओं के आधार पर आगामी विकास योजनाओं का निर्माण करना है।

उपायुक्त ने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विकास खण्ड लाहौल एवं स्पीति की कुल 48 ग्राम पंचायतों के लिए विशेष ग्राम सभा बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 03 अगस्त 2026 को विकास खण्ड लाहौल की शान्शा, तान्दी, गौशाल, बरबोग, जुन्डा, केलांग, खंगसर, कोकसर, उदयपुर, तिंगरट एवं जाहलमा ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी। इसी प्रकार 04 अगस्त 2026 को रानिका, कोलोंग, किशोरी, गोंधला, सिस्सू, सलग्रां, दारचा, मूरिंग, चिमरट, नालडा एवं गोहरमा पंचायतों में बैठकें होंगी।

वहीं 05 अगस्त 2026 को विकास खण्ड लाहौल की शकोली, मडग्रां, तिन्दी, त्रिलोकनाथ, जोबरंग, थिरोट, यूरनाथ, वारपा, मूलिंग, कारदंग, मालंग एवं शूलिंग ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा बैठकों का आयोजन किया जाएगा।

स्पीति विकास खण्ड में 03 अगस्त 2026 को डेमुल, ढखर, किब्बर, गियू, तावो, लांगचा, हल, काजा एवं लालुंग ग्राम पंचायतों में तथा 04 अगस्त 2026 को खुरिक, लारा, सगनम, कुंगरी एवं लोसर ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा बैठकें आयोजित की जाएंगी।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि बैठकों का सफल आयोजन सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों की अधिकतम भागीदारी व  सभी विभागों के फ्रंट लाइन वर्कर्स का भाग लेना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्रामीण विकास की आधारशिला है, जिसमें स्थानीय स्तर विकासात्मक आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाता है।
मूसलाधार बारिश से रेलवे निर्माण क्षेत्र मेहला में जलभराव, भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना हुई बारिश से प्रभावित 
बिलासपुर- जिला बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई क्षेत्रों से जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं। भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इसी बीच भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना के तहत रेलवे कंपनी के कार्य क्षेत्र मेहला से भी जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। निर्माण स्थल पर बारिश का पानी जमा होने से कार्य प्रभावित हो गया है। पूरे क्षेत्र में पानी का जलभराव हो गया है जिससे क्षेत्र में काफी समस्या हो गई है।
मूसलाधार बारिश से रेलवे निर्माण क्षेत्र मेहला में जलभराव, भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना हुई बारिश से प्रभावित 
बिलासपुर- जिला बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कई क्षेत्रों से जलभराव की तस्वीरें सामने आ रही हैं। भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है और कई स्थानों पर पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
इसी बीच भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजना के तहत रेलवे कंपनी के कार्य क्षेत्र मेहला से भी जलभराव की तस्वीरें सामने आई हैं। निर्माण स्थल पर बारिश का पानी जमा होने से कार्य प्रभावित हो गया है। पूरे क्षेत्र में पानी का जलभराव हो गया है जिससे क्षेत्र में काफी समस्या हो गई है।
केंद्र सरकार से सफल बातचीत के बाद सोनम वांगचुक नें अनशन तोड़ा। 

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रत्ती खड्ड में किया गया अमूर कार्प मत्स्य अंगुलिकाओं का संचयन

मंडी, 22 जुलाई। मत्स्य मण्डल मण्डी द्वारा आज सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह की देखरेख में कसारला में 70 मिमी एवं उससे अधिक आकार की अमूर कार्प अंगुलिकाओं का संचयन किया गया, ताकि रत्ती खड्ड में इस प्रजाति की मछलियों की संख्या का पुनः संवर्धन एवं पुनर्स्थापन सुनिश्चित किया जा सके। यह मत्स्य बीज विभागीय कार्प फार्म, अलसू में उत्पादित किया गया है। यह कार्य विभागीय कर्मचारियों, इंडस्ट्रियल एसोसिएशन रत्ती के सदस्यों तथा स्थानीय लोगों की उपस्थिति संपन्न हुआ।

 

इस अवसर पर नीतू सिंह ने बताया कि इंडस्ट्रियल एसोसिएशन रती ने इस मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एसोसिएशन द्वारा ही मत्स्य बीज के क्रय एवं संचयन का प्रस्ताव विभाग को दिया गया था, जिसके फलस्वरूप यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

 

उन्होंने स्थानीय जनता एवं इंडस्ट्रियल एसोसिएशन रत्ती से अपील की कि रती खड्ड में उद्योगों अथवा घरों का सीवरेजयुक्त गंदा पानी न छोड़ा जाए, क्योंकि इससे खड्ड का जल प्रदूषित होता है तथा मछलियों के मरने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी औ‌द्योगिक इकाई के पाइप, सोक टैंक अथवा अन्य सीवरेज प्रणाली में रिसाव की समस्या उत्पन्न होती है, तो इसकी सूचना समय रहते जिला उ‌द्योग केन्द्र, मण्डी को दी जाए। इसी प्रकार यदि कोई स्थानीय व्यक्ति अपने निजी सीवरेज का गंदा पानी रती खड्ड में छोड़ता है, तो इसकी शिकायत हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय, मण्डी को करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

 

उन्होंने स्थानीय मछुआरों से भी अपील की कि आगामी 15 अगस्त, 2026 तक मत्स्य आखेट पूर्णतः प्रतिबंधित है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के मत्स्य आखेट से बचें और जो भी व्यक्ति अवैध मत्स्य आखेट करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मत्स्य अधिनियम, 1976 तथा मत्स्य नियमावली, 2020 के अंतर्गत दोषियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर भारी जुर्माना वसूलने का प्रावधान है।
लोक निर्माण मंत्री ने कटासनी में निर्माणाधीन शूटिंग रेंज एवं इंडोर स्टेडियम का किया निरीक्षण
शिमला -
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला जिला के कटासनी में निर्माणाधीन अत्याधुनिक शूटिंग रेंज एवं इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, निर्धारित समय सीमा तथा विभिन्न तकनीकी पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार खेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त शूटिंग रेंज एवं इंडोर स्टेडियम तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध होगा।

उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयावधि के भीतर पूर्ण किया जाए ताकि इसका लाभ शीघ्र ही खिलाड़ियों और स्थानीय युवाओं को मिल सके।

इस अवसर पर प्रशासन के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं निर्माण कार्य से जुड़े अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
शिक्षा मंत्री ने 87 लाख से बनने वाले हरिजन बस्ती धार शरघाल संपर्क मार्ग का किया भूमि पूजन
शिमला -
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आज अपने एक दिवसीय दौरे पर कोटखाई में मौजूद थे जहाँ पर उन्होंने पराली बदरूनी पंचायत के अंतर्गत बहुप्रतीक्षित हरिजन बस्ती धार शरघाल संपर्क मार्ग का भूमि पूजन किया। लगभग 1500 मीटर लम्बे इस संपर्क मार्ग के निर्माण में 87 लाख रुपयों का व्यय होना है। साथ ही उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सुना। 

रिहाली मेले में पहुँच कर माता देवी नंदन का लिया आशीर्वाद 
इसके पश्चात वह देवरी खनेटी पहुंचे जहाँ पर उन्होंने जिला स्तरीय ऐतिहासिक रिहाली मेले में पहुँच कर माता देवी नंदन का आशीर्वाद लिया। रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर मेले में आए लोगों को मेले की शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि रिहाली मेला माँ देवी नंदन के सम्मान में मनाया जाने वाला एक पारंपरिक और ऐतिहासिक मेला है, जो प्रतिवर्ष सावन के महीने में मनाया जाता है, जिसमें स्थानीय और साथ लगते इलाकों से बढ़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।  
देवरी खनेटी में मनाये जाने वाले रिहाली मेले का इतिहास हजारों साल पुराना है, जिसका सीधा सम्बन्ध देवी नंदन और खनेटी राजपारिवार से है। यह मेला सात सौ खनेटी, चार पंचायतों पराली, बदरूनी, देवरी-खनेटी, कुल्टी और क्यारवी और पांच परगने पराली, शिल्ली, अलावंग, शुकीनाली व बसौल के निवासियों द्वारा मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त देवता बेंद्रा और डोम देवता भी इस मेले में भाग लेते हैं। शिक्षा मंत्री ने बताया कि हमारी समृद्ध संस्कृति पूरे विश्व में अनूठी है और मेले एवं त्यौहार इसका एक प्रमुख अंग है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आह्वान करते हुए कहा कि वह अपनी संस्कृति से जुड़े रहें और इस प्रकार के आयोजनों में बढ़चढ़ कर भाग लें।
रोहित ठाकुर ने इस अवसर पर मां देवी नंदन मंदिर प्रबंधन समिति खनेटी के सभी आयोजन कर्ताओं को रिहाली मेले सहित वॉलीबॉल टूर्नामेंट व सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाइयाँ दी और वॉलीबॉल टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को सम्मानित किया। साथ ही, उन्होंने बताया कि इस प्रकार के खेल आयोजन युवाओं के लिए एक आवश्यक प्रक्रिया है। जहाँ खेलों से मनोरंजन तो होता ही है वहीं युवाओं के स्वास्थ्य में भी वृद्धि होती है और वह नशे जैसी बुराई से बचे रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में उनके विधानसभा क्षेत्र के महत्वपूर्ण खेल संस्थान ठाकुर रामलाल खेल छात्रावास में वॉलीबाल और कब्बडी सहित आठ खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहाँ की छात्राएं देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी है। रोहित ठाकुर ने हाई मास्ट लाइट हेतू 4 लाख रूपये और मेला कमेटी व स्थानीय क्लब को 50 हज़ार रूपये देने की घोषणा भी की। 

कोटखाई में हो रहा सर्वांगीण विकास
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में इस समय लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विभिन्न निर्माण कार्यों पर लगभग 550 करोड़ रूपये व्यय किये जा रहें हैं ताकि हर एक गाँव को सड़क सुविधा से जोड़ा जा सके। इसके साथ 40 लाख रूपये की लागत से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय देवरी खनेटी के भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवनो का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 1 करोड़ 82 लाख रूपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी खनेटी भी शामिल है, जिसे जनता को समर्पित कर दिया गया है। साथ ही कोटखाई में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्राप्त हुई जो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के लिए सब-जज कोर्ट, वेटरनरी अस्पताल, आदर्श स्वास्थ्य संस्थान सहित 182 सड़कें भी स्वीकृति हुई हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने हाल ही में क्षतिग्रस्त कोटखाई खनेटी देवरीघाट जाशला सड़क को सेब सीज़न के मद्देनज़र शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश सम्बंधित विभाग को दिए।

यह भी रहे उपस्थित
इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, ज़िला परिषद सदस्य रेखा चौहान, स्थानीय पंचायत की प्रधान प्रियंका राजटा, साथ लगती पंचायतो के जन प्रतिनिधि, जुब्बल नावर कोटखाई के युवा कांग्रेस अध्यक्ष दीपक कालटा, एसडीएम कोटखाई, बीडीओ कोटखाई, अधिशासी अभियंता कोटखाई, तहसीलदार कोटखाई, टीका गौरव चंद परिहार अन्य गणमान्य भी उपस्थित रहे।
भाजपा चाहती तो हिमाचल प्रदेश को कर्जमुक्त बना सकती थीः मुख्यमंत्री
श्री सुक्खू कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता सम्मेलन में बोले
भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई को प्रतिबद्ध प्रदेश सरकारः सीएम
शिमला -
 मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भाजपा पर हिमाचल प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार चाहती तो हिमाचल प्रदेश को कर्जमुक्त बनाया जा सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार को जीएसटी प्रतिपूर्ति और आरडीजी के रूप में लगभग 60,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। यदि इस राशि में से 48,000 करोड़ रुपये भी राज्य के कर्ज को चुकाने के लिए खर्च किए जाते, तो हिमाचल प्रदेश कर्जमुक्त हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने इस धनराशि का राजनीतिक लाभ के लिए दुरूपयोग किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार को इस राशि की तुलना में लगभग तीन गुना कम, करीब 17,000 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेलने का श्रेय भाजपा की पूर्व सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश राजस्व घाटा अनुदान रोककर राज्य के वैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के बावजूद वर्तमान कांग्रेस सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के समय हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में देश में 21वें स्थान पर पहुंच गया था, जबकि कांग्रेस सरकार के फैसलों के बाद राज्य अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी प्रदेश सरकार लगातार सुधार कर रही है। उत्तर भारत के किसी अन्य राज्य के सरकारी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि हिमाचल प्रदेश इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय हिमकेयर योजना में घोटाला हुआ और पुरुषों की बच्चादानी के ऑपरेशन के बिल बनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना में करीब 1,000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। वर्तमान कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और पिछले साढ़े तीन वर्षों में वर्तमान राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान बद्दी क्षेत्र में करीब 5,000 बीघा जमीन मात्र एक करोड़ रुपये में कथित रूप से अपने उद्योगपति मित्रों को बिना किसी रजिस्ट्रेशन फीस के कौड़ियों के भाव सौंप दी।
अग्निवीर योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं के हितों की अनदेखी की है, जबकि हिमाचल प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में 1,000 कांस्टेबल पदों पर भर्ती की गई है और आने वाले समय में 800 और पद भरे जाएंगे।
श्री सुक्खू ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना युवाओं के साथ धोखा है और केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्मेदार लोगों से इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को भी पुलिस द्वारा जबरन हिरासत में लिया गया। उन्होंने प्रियंका गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार की भी निंदा की।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि कांग्रेस सेवा दल का 103 वर्षों का गौरवशाली इतिहास है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान दे रही है, जिसका सकारात्मक संदेश जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस सेवा दल को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात कही।
विनय कुमार ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा और इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को मजबूत करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
कार्यक्रम में विधायक सुदर्शन बबलू, एचपीएसआईडीसी के चेयरमैन और कांग्रेस सेवा दल के चीफ अनुराग शर्मा, कांग्रेस महासचिव विनोद जिंटा, कांग्रेस सेवा दल की हिमाचल प्रदेश प्रभारी ज्योति खन्ना सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
विशेष प्रचार अभियान के तहत नसलोह और जनेहड़ में जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नशा निवारण पर किया गया जागरूक
मंडी, 22 जुलाई 2026।
राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं, विभिन्न जनकल्याणकारी नीतियों, उपलब्धियों तथा "चिट्टा मुक्त हिमाचल–नशामुक्त मंडी" अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से विशेष प्रचार अभियान चलाया जा रहा है।
बुधवार को द्रंग विधानसभा क्षेत्र के गांव नसलोह (ग्राम पंचायत नसलोह) तथा सदर विधानसभा क्षेत्र के गांव जनेहड़ (ग्राम पंचायत जनेहड़) में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में विभाग से संबद्ध आकार थिएटर सोसायटी के कलाकारों ने गीत-संगीत, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पात्र वर्गों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांगजन, विधवा, एकल एवं परित्यक्ता महिलाओं तथा अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र युवाओं को एक वर्षीय पीजीडीसीए एवं डीसीए कंप्यूटर पाठ्यक्रम करवाए जाते हैं।
बताया गया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग तथा विधवा एवं एकल महिलाओं को 1,000 रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता और 1,500 रुपये प्लेसमेंट स्टाइपेंड प्रदान किया जाता है। वहीं दिव्यांग लाभार्थियों को 1,200 रुपये प्रतिमाह प्रशिक्षण भत्ता तथा 1,800 रुपये प्लेसमेंट स्टाइपेंड देने का प्रावधान है।
कलाकारों ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, इंदिरा गांधी सुख सुरक्षा योजना सहित प्रदेश सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामीणों तक पहुंचाई तथा पात्र लोगों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
इस दौरान नुक्कड़ नाटकों और प्रेरक गीतों के माध्यम से युवाओं एवं आमजन को नशे से दूर रहने तथा "चिट्टा मुक्त हिमाचल–नशामुक्त मंडी" अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत नसलोह की प्रधान मथरा देवी, उपप्रधान यादव लाल ठाकुर, ग्राम पंचायत जनेहड़ की प्रधान स्नेह लता, उपप्रधान सुरेश कुमार, पंचायत सचिव तनुज शर्मा, वार्ड सदस्य जमुना देवी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, विद्यार्थी और शिक्षकों को एक्सपोजर विजिट पर भेजेंगेः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने बी.टेक. एआई पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये की घोषणा की
विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस पर दी शुभकामनाएं
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विश्वविद्यालय में नए युग के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था करेगी, जिसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।
स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नोडल एजेंसी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज जैसी आधुनिक तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करना होगा। राज्य सरकार इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वविद्यालय में बी.टेक. एआई पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए 5 करोड़ रुपये के अनुदान की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में उन्होंने अपने जीवन के आठ वर्ष बिताए हैं और उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत भी यहीं से हुई थी। इस विश्वविद्यालय ने उन्हें बहुत कुछ सीखने का अवसर दिया और इस संस्थान से शिक्षा ग्रहण करने के उपरान्त वह मुख्यमंत्री के पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह भी इसी संस्थान से जुड़े हैं। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की पूरे देश में सराहना हो रही है और इसके पूर्व छात्र देश और प्रदेश में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर अपनी उल्लेखनीय सेवाएं दे रहे हैं।
श्री सुक्खू ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए। वर्ष, 2021 में केंद्र सरकार के एक सर्वेक्षण में शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर था, जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से खोले गए लगभग 500 शैक्षणिक संस्थानों को वर्तमान सरकार ने बंद करने का निर्णय लिया और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया। राज्य सरकार ने पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम, राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल तथा एक्सपोजर विजिट जैसी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 150 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं जिन्हें सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पहले जहां विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से निजी स्कूलों की ओर पलायन कर रहे थे, वहीं अब सरकारी स्कूलों में 24 हजार से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में भी सुधार की आवश्यकता है और विश्वविद्यालयों को रोजगारोन्मुखी तथा आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी एक्सपोजर विजिट का अनुभव दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र को भी सुदृढ़ बनाने को प्राथमिकता दे रही है। हिमाचल के लोग हर वर्ष उपचार के लिए प्रदेश से बाहर लगभग 1,000 करोड़ रुपये खर्च करते हैं। इस स्थिति में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की पुरानी मशीनों और तकनीक को अत्याधुनिक मशीनों से बदल रही है तथा प्रदेश में एम्स, दिल्ली के समान आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के चार चिकित्सा महाविद्यालयों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। इसमें प्रति सर्जरी लगभग 1.25 लाख रुपये खर्च आता है और राज्य सरकार इस पर 80 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पांच स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएंगी। सरकार की इन पहलों से हिमाचल स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में हिमाचल भवन का निर्माण कार्य लगभग एक माह में पूरा हो जाएगा। इससे दिल्ली में प्रदेश के विद्यार्थियों तथा अन्य लोगों को किफायती दरों पर रहने की सुविधा उपलब्ध होगी।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में 10.25 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आधुनिक डिजिटल पुस्तकालय तथा 6.09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाली यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक ई-संसाधनों और शोध सामग्री उपलब्ध होगी, जबकि लीगल स्टडीज संस्थान में गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नई सुविधाएं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर को और ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक साबित होंगी।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के विकास में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और वह शिक्षा में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप विश्वविद्यालय में पांच नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तथा सभी विभागों को इन केंद्रों से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विश्वविद्यालय ने आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, राज्य वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान, कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बलदेव ठाकुर, विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. विजय कुमार स्टोक्स, डॉ. राज बहादुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कनेड में अंडरपास निर्माण की उठी मांग, पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
मंडी -
मंडी जिले की कनेड पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को पंचायत प्रधान उषा वर्मा की अध्यक्षता में जिलाधीश अपूर्व देवगन से भेंट कर नौलखा–डडौर फोरलेन मार्ग पर कनेड क्षेत्र में शीघ्र अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जनहित और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को देखते हुए इस मांग को अत्यंत आवश्यक बताया।
ज्ञापन में कहा गया कि कनेड के आसपास की लगभग 7 से 8 पंचायतों के हजारों लोगों का आवागमन इसी मार्ग से होता है। इसके अलावा कनेड विद्यालय में 500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें प्रतिदिन फोरलेन सड़क पार करनी पड़ती है। सुरक्षित मार्ग नहीं होने के कारण विद्यार्थियों, किसानों, आम नागरिकों और पशुपालकों को लगातार जोखिम उठाना पड़ रहा है। कृषि उपज को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने और पशुओं के आवागमन में भी गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि सिविल डिस्पेंसरी, पटवार कार्यालय, पशु चिकित्सालय तथा पंचायत कार्यालय फोरलेन के दूसरी ओर स्थित हैं। ऐसे में मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य नागरिकों को सड़क पार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों को देखते हुए कनेड पंचायत ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर इस स्थान पर शीघ्र अंडरपास निर्माण की मांग की है।
इस अवसर पर जिला परिषद महादेव वार्ड की सदस्य किरणा चौहान, बीडीसी सदस्य शिल्पा सैनी, उपप्रधान मनोज कुमार, फोरलेन संघर्ष समिति के विजय ठाकुर, किसान सभा के जोगिन्दर वालिया सहित सभी वार्ड सदस्यों ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल में व्यापार मंडल के प्रधान राजू राम, स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान संदीप कुमार, किशोरी वालिया, पूर्व प्रधान भूपेन्द्र वालिया, विजय अबरोल, दामोदर चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से जनहित में अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्रीय राजमार्ग का घेराव करने के लिए भी विवश होंगे।
नीट के मामले में केंद्र सरकार ने सख्त कार्रवाई की, लेकिन सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के दोषियों को पुरस्कृत किया : जयराम ठाकुर
सीबीआई द्वारा कार्रवाई की संस्तुति के बाद भी जांच रिपोर्ट दबाने वाले, जिम्मेदार अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करने वाले, हालिया पुलिस भर्ती में पेपर लीक के साक्ष्य होने और मनी ट्रेल पकड़े जाने के बाद भी मामले को दबाने वाले हिमाचल के मुख्यमंत्री से सवाल करें राहुल गांधी।
नीट पुनः परीक्षा का परिणाम भी आ गया, सभी दोषी कानून के शिकंजे में हैं। उन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस युवाओं को भड़काकर, अराजकता फैलाकर राजनीति करना चाहती है।

शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने कहा कि नीट परीक्षा में अनियमितताओं के मामले में केंद्र सरकार ने तत्काल सख्त कदम उठाए। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई, दोषियों की गिरफ्तारी हुई, कानून के तहत कार्रवाई की गई और पुनर्परीक्षा भी कराई गई। अब पुनर्परीक्षा का परिणाम भी घोषित हो चुका है तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई जारी है। दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी। केंद्र सरकार ऐसे प्रावधान कर रही है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो सकें। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने युवाओं के भविष्य से जुड़े मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती है।
दूसरी ओर, हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने पेपर लीक के मामले में सीबीआई द्वारा जिम्मेदार ठहराए गए अधिकारियों को पुरस्कृत किया। सीबीआई द्वारा कार्रवाई की संस्तुति किए जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट को दबाया गया। जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे, उन्हें जिम्मेदारी तय करने के बजाय महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया।

जय राम ठाकुर ने कहा कि हालिया पुलिस भर्ती परीक्षा में भी पेपर लीक के साक्ष्य सामने आए, मनी ट्रेल तक पकड़ी गई, लेकिन सरकार ने मामले को दबाने का प्रयास किया। मास चीटिंग के आरोप लगे। आरोप लगाने वाले छात्रों ने पूरी घटना का विवरण बताया, लेकिन सरकार ने एक बार भी उनकी बात नहीं सुनी। इसके बाद वह पेपर लीक के नाम पर राजनीति कर रही है। यह शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को युवाओं के नाम पर राजनीति करने से पहले हिमाचल के मुख्यमंत्री से जवाब मांगना चाहिए कि आखिर पेपर लीक के मामलों में दोषियों को बचाने का प्रयास क्यों किया गया। जो सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण देती है, उसे नैतिकता का पाठ पढ़ाने का कोई अधिकार नहीं है।

जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नीट के मुद्दे पर युवाओं को भड़काकर और अराजकता फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। देश की राजधानी में आगजनी, हिंसा और अराजकता फैलाकर कांग्रेस सिर्फ राजनीति कर रही है, क्योंकि जब भी कांग्रेस सत्ता में रहती है, तो न पेपर लीक को रोक पाती है और न ही उसे रोकने के गंभीर प्रयास करती है। कांग्रेस के बड़े नेताओं के उस समय के बयान हर जगह वायरल हैं। उनसे ही स्पष्ट हो जाता है कि सत्ता में रहते समय पेपर लीक पर उनकी क्या नीति थी। जबकि केंद्र सरकार ने कानून के दायरे में रहकर पारदर्शी और सख्त कार्रवाई की।
पहाड़ी राज्यों के पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की बहुआयामी कार्ययोजना, हिमाचल को मिल रहा विशेष लाभ : सुरेश कश्यप

लोकसभा में सांसद सुरेश कश्यप के प्रश्न पर केंद्र सरकार का जवाब—प्रदूषण नियंत्रण, नदी संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन के लिए कई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू

शिमला। शिमला संसदीय क्षेत्र से सांसद सुरेश कश्यप द्वारा लोकसभा में हिमालयी एवं पहाड़ी राज्यों, विशेषकर हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, नदी पुनर्जीवन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई विशेष कार्ययोजना से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया गया। इस पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्तिवर्धन सिंह ने विस्तृत उत्तर देते हुए बताया कि केंद्र सरकार हिमालयी राज्यों के संवेदनशील पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अनेक ठोस एवं दीर्घकालिक कदम उठा रही है। 

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों में पर्यावरण संरक्षण केवल प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका, पर्यटन, कृषि, बागवानी और भावी पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से उन्होंने लोकसभा में यह प्रश्न उठाया ताकि हिमाचल प्रदेश को मिल रही पर्यावरणीय योजनाओं और सहायता की विस्तृत जानकारी देश के सामने आ सके। 

केंद्रीय मंत्री ने अपने उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 लागू किए हैं, जिनमें विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन के अलग मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने पहाड़ी क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सभी राज्यों एवं संबंधित विभागों को भेजे हैं। 

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश के बद्दी, दमताल, काला अंब, नालागढ़, पांवटा साहिब, परवाणू और सुंदरनगर सहित सात गैर-प्राप्ति (Non-Attainment) शहरों के लिए विशेष कार्ययोजनाएं लागू की गई हैं। वर्ष 2019-20 से 2025-26 के दौरान इन शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 25.73 करोड़ रुपये का प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया गया है। 

उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश में 250 स्थानों पर जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जा रही है, जिनमें 156 नदियां एवं जलाशय शामिल हैं। राज्य में प्रदूषित नदी क्षेत्रों के लिए विशेष पर्यावरणीय कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं तथा उनकी नियमित समीक्षा मुख्य सचिव स्तर पर की जा रही है। 

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बढ़ते पर्यटन एवं जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुरूप हिमालयी क्षेत्रों के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को लागू कर रही है। सड़क, भवन एवं अन्य विकास परियोजनाओं में भूस्खलन प्रबंधन, सीवेज उपचार संयंत्र, जलग्रहण क्षेत्र विकास, पर्यावरण प्रबंधन योजना, वन संरक्षण, वन्यजीव संरक्षण, हरित क्षेत्र विकास, मलबा प्रबंधन तथा बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली जैसे उपाय अनिवार्य किए गए हैं। 

उत्तर में यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना (NAPCC) के माध्यम से हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों में जलवायु परिवर्तन से निपटने की रणनीति पर कार्य कर रही है। हिमाचल प्रदेश ने अपनी राज्य जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना (SAPCC) तैयार कर ली है, जबकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र मिशन (NMSHE) भी संचालित किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन मंत्रालय द्वारा 'ट्रैवल फॉर लाइफ (Travel for LiFE)' अभियान के माध्यम से सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 

सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए हिमालयी राज्यों के लिए दीर्घकालिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से हिमाचल प्रदेश में स्वच्छ पर्यावरण, सुरक्षित नदियां, बेहतर वायु गुणवत्ता तथा प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की क्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।
गगल एयरपोर्ट प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करेंगे : केवल सिंह पठानिया
अब तक 2,232 करोड़ रुपये का मुआवजा तथा राहत एवं पुनर्वास के तहत 128 करोड़ रुपये वितरित

शाहपुर, 20 जुलाई।
शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने रविवार को गगल में कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। 
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नए गगल के निर्माण और प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए वे सदैव उनके साथ खड़े हैं तथा उनकी हरसंभव सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि इस विषय को वे लगातार विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाते रहे हैं।

केवल सिंह पठानिया ने बताया कि गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण परियोजना के तहत 3,655 प्रभावित परिवारों को लगभग 2,580 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है, जिसमें से अब तक 2,232 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त राहत एवं पुनर्वास के तहत 128 करोड़ रुपये की राशि भी प्रभावित परिवारों को प्रदान की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। 
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने उन पात्र परिवारों को भी राहत देने का निर्णय लिया है, जिनके नाम निजी भूमि नहीं थी और जो सरकारी भूमि पर रह रहे थे। 
उन्होंने इसे संवेदनशील एवं जनहितैषी निर्णय बताते हुए कहा कि कठिन समय में प्रभावित लोगों के हितों के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कार्य करने की आवश्यकता है।

उपमुख्य सचेतक ने प्रदेश के सभी लोकसभा सांसदों से भी आग्रह किया कि गगल एयरपोर्ट विस्तारीकरण से प्रभावित परिवारों को अधिक मुआवजा दिलाने के लिए इस मुद्दे को लोकसभा में मजबूती से उठाया जाए।

इस अवसर पर एपीएमसी के चेयरमैन निशु मोंगरा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने विशेष रूप से उन परिवारों को भी राहत देने के निर्णय की सराहना की, जिनके पास निजी भूमि नहीं थी।

कार्यक्रम में पूर्व प्रधान देवराज ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत किया। गगल पंचायत के उपप्रधान रवींद्र बाबा ने पंचायत की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके समाधान की मांग रखी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नवनीत शर्मा ने भी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर एसडीएम कांगड़ा डॉ. अंजली गर्ग, एसडीएम शाहपुर गणेश ठाकुर, गगल व्यापार मंडल के प्रधान देवेंद्र कोहली, वार्ड सदस्य सुषमा देवी, कविता एवं ममता, योगराज, प्रकाश, उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हिमाचल के युवा टेक इनोवेटर हर्षित ने बढ़ाया प्रदेश का मान, गूगल का एआई-पावर्ड परफॉर्मेंस ऐड्स सर्टिफिकेशन किया हासिल
शिमला/कुमारसैन। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के कुमारसैन से संबंध रखने वाले युवा टेक इनोवेटर एवं डिजिटल उद्यमी हर्षित ने गूगल स्किलशॉप का प्रतिष्ठित एआई-पावर्ड परफॉर्मेंस ऐड्स सर्टिफिकेशन प्राप्त कर एक नई उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। यह प्रमाणन वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है और उन पेशेवरों को प्रदान किया जाता है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विज्ञापन अभियानों की रणनीति, संचालन और बेहतर व्यावसायिक परिणाम प्राप्त करने में दक्ष होते हैं।
डिजिटल जगत में “शेरू बावा” के नाम से भी पहचाने जाने वाले हर्षित ने कम उम्र में ही वेबसाइट डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लिकेशन, गेम डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग और बिजनेस ऑटोमेशन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनका तकनीकी सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ, जब उन्होंने प्रोग्रामिंग और आधुनिक वेब तकनीकों को सीखना प्रारंभ किया। आज वे फुल स्टैक डेवलपमेंट, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (एसईओ), गूगल ऐड्स और एआई आधारित डिजिटल समाधानों पर कार्य कर रहे हैं।
हर्षित की शुरुआती उपलब्धियों में ‘हिम टेक्स्ट’ मोबाइल एप्लिकेशन विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जिसे उन्होंने छात्र जीवन में विकसित किया था। इस नवाचार को प्रदेशभर में सराहना मिली थी और हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्वयं इसका औपचारिक शुभारंभ किया था। उस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने हर्षित की तकनीकी सोच और नवाचार की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया था।
वर्तमान में हर्षित एचएनएम क्रिएटिव सॉल्यूशंस के संस्थापक हैं। उनकी संस्था वेबसाइट डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर ऐज़ अ सर्विस (सास) प्लेटफॉर्म, ईआरपी सिस्टम, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया प्रबंधन, ग्राफिक डिज़ाइन, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और बिजनेस ऑटोमेशन जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। उन्होंने कई व्यवसायों, होटल, स्कूलों और स्टार्टअप्स की डिजिटल पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हर्षित का कहना है कि तकनीक का वास्तविक उद्देश्य लोगों का जीवन सरल बनाना है। उनका मानना है कि छोटे व्यवसाय, स्थानीय उद्यमी और स्टार्टअप भी आधुनिक तकनीक और सही डिजिटल रणनीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बना सकते हैं। वे प्रदेश के युवाओं को वेबसाइट डेवलपमेंट, मोबाइल ऐप, साइबर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुमारसैन जैसे क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा संसाधनों की नहीं, बल्कि मेहनत, समर्पण और निरंतर सीखने की मोहताज होती है। गूगल का यह अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन हर्षित की उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है और यह हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरा है।
निर्विरोध चुने गए जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
सीमा देवी बनीं जिला परिषद अध्यक्ष और अभिमन्यु कंवर उपाध्यक्ष, उपायुक्त ने दिलाई शपथ
धर्मशाला, 20 जुलाई: जिला परिषद कांगड़ा के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए सोमवार को धर्मशाला स्थित जिला परिषद सभागार में चुनाव सर्वसम्मति से संपन्न हुए। वार्ड-8 (कल्याड़ा) से निर्वाचित जिला परिषद सदस्य सीमा देवी को जिला परिषद कांगड़ा का अध्यक्ष तथा वार्ड-53 (शेखुपुरा) से निर्वाचित सदस्य अभिमन्यु कंवर को जिला परिषद का उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।
जिला परिषद कांगड़ा में कुल 54 सदस्य में से चुनाव प्रक्रिया में 39 सदस्य उपस्थित रहे। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष दोनों पदों के लिए एक-एक नामांकन पत्र प्राप्त होने के कारण दोनों प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी हेमराज बैरवा ने नव निर्वाचित अध्यक्ष सीमा देवी एवं उपाध्यक्ष अभिमन्यु कंवर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उपायुक्त ने निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित समस्त सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की
परिवार ने मुख्यमंत्री से भेंट की
शिमला -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से आज यहां हमीरपुर जिले के गलोड़ क्षेत्र के राजेश शर्मा ने भेंट की। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में हाल ही में अपनी जान गंवाने वाले आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा नेे मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आदित्य शर्मा की असामयिक मृत्यु का मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाए, क्योंकि अब तक इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री ने शोकग्रस्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार मजबूती के साथ परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे ताकि परिवार को न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर आदित्य शर्मा की माता सुषमा शर्मा भी उपस्थित थीं।
जाहलमा नाले का जलस्तर सामान्य होते ही मार्ग बहाल करने और स्थायी पुल के निर्माण में तेजी लाने के निर्देशः उपायुक्त किरण भड़ाना

केलांग, 20 जुलाई 2026। उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अध्यक्ष, लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगातार हो रही वर्षा तथा जालहमा नाले में आई बाढ़ के कारण नाले पर बनाया गया अस्थायी मार्ग तेज बहाव में बह गया है। अस्थाई मार्ग के बह जाने से दोनों ओर का यातायात पूर्णतः प्रभावित हो गया है। जन सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। किसानों एवं बागवानों की उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाने तथा आम लोगों को शीघ्र यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जालहमा नाले का जलस्तर सामान्य होते ही अस्थायी सड़क मार्ग को युद्ध स्तर पर पुनः बहाल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने जालहमा नाले पर निर्माणाधीन स्थायी पुल के कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

उपायुक्त किरण भड़ाना ने क्षेत्र के किसानों, बागवानों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि जब तक अस्थायी मार्ग पुनः बहाल नहीं हो जाता, तब तक नाले को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं। उन्होंने कहा कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। साथ ही उन्होंने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने का आग्रह किया है।
न्यायालय से फरार चल रहा आरक्षी गिरफ्तार, गैर-जमानती वारंट पर शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई
शिमला। जिला शिमला पुलिस ने न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के अभियान के तहत वर्ष 2018 के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सदर, शिमला की टीम ने आरोपी को जिला चम्बा से गिरफ्तार कर नियमानुसार शिमला लाया है।
पुलिस के अनुसार, अभियोग संख्या 286/2018 के तहत अजय कुमार (29) पुत्र स्वर्गीय सुकद राम, निवासी गांव एवं डाकघर रायपुर, थाना चुवाड़ी, तहसील भटियात, जिला चम्बा के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 457 एवं 511 के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच पूरी होने के बाद चालान माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां यह मामला वर्तमान में विचाराधीन है।
विचारण के दौरान आरोपी निर्धारित तिथियों पर न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किए गए। पुलिस ने बताया कि इससे पूर्व भी आरोपी को गैर-जमानती वारंट की तामील के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका था, लेकिन पुनः अनुपस्थित रहने पर न्यायालय ने उसके खिलाफ नए वारंट जारी किए।
पुलिस थाना सदर, शिमला की टीम ने 19 जुलाई 2026 को आरोपी को चम्बा बाजार से गिरफ्तार किया। आरोपी वर्तमान में जिला चम्बा की पुलिस लाइन में आरक्षी के पद पर तैनात है। उसे शिमला लाया गया है तथा 20 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय, कोर्ट नंबर-3, शिमला के समक्ष पेश किया जा रहा है।
जिला शिमला पुलिस ने कहा है कि कानून की नजर में सभी समान हैं और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध भविष्य में भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।