Public App Logo
Profile Picture

jago himachal

@anjalibartsen3
13585Followers
4Following
जाबली में अचानक आया मलबे का सैलाब, दुकान छोड़कर भागा दुकानदार
सोलन: हिमाचल प्रदेश के जाबली, सोलन में भारी बारिश के बीच पहाड़ी नाले में अचानक मलबा आ गया। देखते ही देखते मलबे और पानी का तेज बहाव नाले के साथ बनी एक दुकान के पास पहुंच गया। अचानक आई इस आफत को देखकर दुकानदार को अपनी दुकान छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अचानक आए मलबे और पानी के तेज बहाव का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान नालों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
जाबली में अचानक आया मलबे का सैलाब, दुकान छोड़कर भागा दुकानदार
सोलन: हिमाचल प्रदेश के जाबली, सोलन में भारी बारिश के बीच पहाड़ी नाले में अचानक मलबा आ गया। देखते ही देखते मलबे और पानी का तेज बहाव नाले के साथ बनी एक दुकान के पास पहुंच गया। अचानक आई इस आफत को देखकर दुकानदार को अपनी दुकान छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अचानक आए मलबे और पानी के तेज बहाव का खौफनाक मंजर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान नालों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
हिमाचल में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, मानसून में ₹1,235 करोड़ की संपत्ति तबाह; 266 लोगों की मौत
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश से फिलहाल राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शुक्रवार को बिलासपुर, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि शनिवार को बिलासपुर, कांगड़ा और सोलन में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार रविवार से मानसून कमजोर पड़ सकता है। इसके बाद 8 सितंबर तक प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं है।
इस मानसून सीजन में भारी बारिश और भूस्खलन ने हिमाचल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। 1 जून से 3 सितंबर तक सरकारी और निजी संपत्ति को करीब ₹1,235 करोड़ का नुकसान हो चुका है। इसमें अकेले लोक निर्माण विभाग (PWD) की ₹946 करोड़ की संपत्ति तबाह हुई है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण प्रदेश में 111 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि 472 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
बारिश और उससे जुड़े हादसों में इस दौरान 266 लोगों की मौत हुई है। इनमें 158 मौतें सड़क हादसों, 18 लैंडस्लाइड, 13 पानी में डूबने और 1 मौत फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। इसके अलावा अन्य अलग-अलग कारणों से भी लोगों की जान गई है।
सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश, फिर भी भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून सीजन के दौरान बारिश सामान्य से कम रही है। 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य बारिश 630.2 मिलीमीटर होती है, जबकि इस बार 578.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यानी इस अवधि में प्रदेश में सामान्य से 8 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में हुई तेज बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाओं ने जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया है।
हिमाचल में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट, मानसून में ₹1,235 करोड़ की संपत्ति तबाह; 266 लोगों की मौत
Video 4
Video 5
Video 6
कुल्लू में अचानक उठीं आग की लपटें, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
कुल्लू -
कुल्लू में अचानक आग की लपटें उठती दिखाई देने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची लपटें और धुआं देखकर लोग मौके पर जुट गए। फिलहाल आग से हुए नुकसान और किसी के हताहत होने को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कुल्लू में अचानक उठीं आग की लपटें, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
कुल्लू -
कुल्लू में अचानक आग की लपटें उठती दिखाई देने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची लपटें और धुआं देखकर लोग मौके पर जुट गए। फिलहाल आग से हुए नुकसान और किसी के हताहत होने को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
Video 9
10 दिनों के सत्र में 1908 छात्र-छात्राओं ने देखी विधानसभा की कार्यवाही : कुलदीप पठानियां
शिमला, 3 सितंबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 1908 छात्र-छात्राओं ने विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा। आज पूर्वाह्न 10:30 बजे भारतीय विधि संस्थान हरिदेवी, घणाहट्टी, राजकीय आईटीआई चौड़ा मैदान, जिला शिमला तथा बाहरा विश्वविद्यालय वाकनाघाट, जिला सोलन के छात्र-छात्राओं ने विधानसभा सचिवालय पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की और सदन की कार्यवाही का अवलोकन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने संसदीय प्रणाली, विधानसभा की कार्यवाही, सदन में पीठासीन अधिकारी की भूमिका तथा सत्र संचालन से जुड़े विभिन्न सवाल विधानसभा अध्यक्ष से पूछे। पठानियां ने विद्यार्थियों के प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देते हुए उन्हें संसदीय व्यवस्था और आज सदन में होने वाली कार्यवाही की जानकारी दी।
छात्रों से संवाद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम है और विधायक का चुनाव जनता अपने मत के माध्यम से सीधे करती है। देश और प्रदेश संवैधानिक व्यवस्था एवं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होते हैं। उन्होंने कहा कि कानून बनाने का अधिकार लोकसभा और विधानसभा को संविधान में प्रदान किया गया है।
पठानियां ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दुनिया के विभिन्न देशों के संविधानों का गहन अध्ययन करने के बाद भारतीय संविधान की रचना की। इसी संविधान के तहत आज 140 करोड़ भारतीय एकजुटता, आपसी सद्भाव और प्रेम के साथ राष्ट्र की खुशहाली, प्रगति एवं समृद्धि के लिए कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा लोकतंत्र के प्रहरी हैं और देश की संसदीय प्रणाली को मजबूत करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवा प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि अथवा अन्य किसी भी भूमिका में राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थी प्रदेश और देश का भविष्य हैं तथा उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों को हमेशा याद रखना चाहिए, जिनकी वजह से देश को आजादी मिली और जनता को अपनी चुनी हुई सरकार तथा संविधान मिला।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार चुनने का अधिकार सीधे जनता के पास है और निश्चित अवधि के बाद जनता अपने मत के माध्यम से सरकार को बदल भी सकती है। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई
शिमला, 3 सितंबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने प्रदेश और देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने बधाई संदेश में पठानियां ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी देश और प्रदेशवासियों के लिए एक महापर्व है, जिसे लोग बड़े हर्षोल्लास, श्रद्धाभाव और आस्था के साथ मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की आठवीं तिथि को मनाया जाता है और यह पूरे भारतवर्ष में हिंदुओं के लिए भक्ति, एकता तथा आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है। यह पर्व लोगों के जीवन में खुशी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है तथा इससे जुड़ी जीवंत परंपराएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस पावन अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों के सुखद, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना की। उन्होंने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण द्वारा स्थापित आदर्शों, सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का संदेश समाज में प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
14वीं विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन कार्यवाही का संचालन करते विधानसभा अध्यक्ष पठानियां
शिमला, 03 सितम्बर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 14वीं विधानसभा के 12वें सत्र (मानसून सत्र) के अंतिम दिन आज विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। सत्र के अंतिम दिन अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को निर्धारित प्रक्रिया एवं गरिमा के साथ आगे बढ़ाया और विभिन्न विधायी एवं संसदीय कार्यों का संचालन किया। मानसून सत्र के समापन अवसर पर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की मौजूदगी में महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं कार्यवाही हुई।
मॉनसून सत्र के अंतिम दिन विधानसभा सचिवालय पहुंचे अध्यक्ष पठानियां, सलामी लेकर किया अभिवादन स्वीकार
शिमला। चौदहवीं हिमाचल प्रदेश विधान सभा के 12वें सत्र (मॉनसून सत्र) के अंतिम दिन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए विधान सभा सचिवालय पहुंचने पर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने सलामी ली। विधान सभा सचिवालय पहुंचने पर सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें सम्मानपूर्वक सलामी दी, जिसके बाद अध्यक्ष पठानियां ने उनका अभिवादन स्वीकार किया। मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही को लेकर विधान सभा परिसर में विशेष गतिविधियां देखने को मिलीं। अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदन की कार्यवाही का संचालन किया और सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। चौदहवीं विधान सभा के 12वें सत्र के समापन अवसर पर सदन में विभिन्न विषयों पर चर्चा और महत्वपूर्ण कार्यवाही हुई।
मॉनसून सत्र के अंतिम दिन सदन की ओर बढ़े विधानसभा अध्यक्ष पठानियां
शिमला। चौदहवीं हिमाचल प्रदेश विधान सभा के 12वें सत्र (मॉनसून सत्र) के अंतिम दिन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां सदन की ओर जाते हुए नजर आए। सत्र के अंतिम दिन विधानसभा की कार्यवाही को लेकर सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और विभिन्न विधायी कार्यवाही हुई। विधानसभा अध्यक्ष पठानियां ने सदन की कार्यवाही का संचालन करते हुए संसदीय परंपराओं और नियमों के अनुरूप कार्यवाही को आगे बढ़ाया।
भारत विश्व का सबसे बड़ा और सशक्त लोकतंत्र: कुलदीप पठानियां
शिमला। राजकीय महाविद्यालय चुवाड़ी, जिला चंबा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्पाटू, जिला सोलन, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टूटीकंडी, सेंट बीड्स कॉलेज संजौली तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बलदया, जिला शिमला के करीब 210 छात्र-छात्राओं ने बुधवार को पूर्वाह्न 10:30 बजे हिमाचल प्रदेश विधानसभा सचिवालय पहुंचकर कौंसिल चैंबर के बाहर विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की। इस दौरान पठानियां ने विद्यार्थियों को संसदीय प्रणाली, देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पठानियां ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर हैं। उन्होंने बताया कि लोकसभा के लिए सांसदों के चुने जाने के बाद लोकसभा का गठन होता है और जिस दल के पास बहुमत होता है, वह केंद्र में सरकार बनाता है। बहुमत प्राप्त दल अपने नेता का चुनाव करता है, जो देश का प्रधानमंत्री बनता है और इसके बाद मंत्रिपरिषद का गठन किया जाता है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से विधानसभा सदस्यों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में लोकसभा में 543 सदस्य, जबकि राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। इनमें 233 सदस्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष और राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष होता है। राज्यसभा को उच्च सदन तथा लोकसभा को निम्न सदन कहा जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को हिमाचल में विधान परिषद के प्रावधान की जानकारी देते हुए कहा कि बड़े राज्यों में विधान परिषद भी होती है, लेकिन हिमाचल प्रदेश छोटा राज्य होने के कारण यहां विधान परिषद नहीं है।
कौंसिल चैंबर से जुड़ा है देश के इतिहास का गौरव
सेंट बीड्स कॉलेज की छात्राओं से संवाद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कौंसिल चैंबर के ऐतिहासिक महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस भवन का निर्माण वर्ष 1920 में शुरू हुआ और 1925 में पूरा हुआ। इसके निर्माण में पांच वर्ष लगे और उस समय इस पर करीब 10 लाख रुपये खर्च हुए थे। तत्कालीन ब्रिटिश सरकार ने इसका निर्माण कौंसिल चैंबर के रूप में करवाया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय असेंबली के लिए एक समर्पित भवन उपलब्ध करवाना था।
पठानियां ने बताया कि फ्रेडरिक व्हाइट राष्ट्रीय असेंबली के पहले नामित स्पीकर थे, जबकि वर्ष 1925 में विट्ठल भाई पटेल ने अपने ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी को दो मतों से हराकर इसी सदन में राष्ट्रीय असेंबली के पहले निर्वाचित स्पीकर बनने का गौरव हासिल किया था। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक भवन कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। महिलाओं को मताधिकार देने और भारत छोड़ो प्रस्ताव से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाएं भी इसी सदन से जुड़ी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि सदन के भीतर जिस आसन पर वह बैठते हैं, वह कुर्सी भी वर्ष 1925 में वर्मीज सरकार द्वारा तत्कालीन ब्रिटिश सरकार को उपहार स्वरूप दी गई थी। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को सदन की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सदन की कार्यवाही से पहले सदस्यों का अभिवादन स्वीकार करते दिखे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां
शिमला, 02 सितंबर। हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने चौदहवीं विधानसभा के 12वें सत्र के 9वें दिन की कार्यवाही का संचालन करने से पूर्व सदन के भीतर पहुंचकर सदस्यों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में मौजूद सदस्यों से आत्मीयता से मुलाकात की और उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही के संचालन की प्रक्रिया शुरू की।
मॉनसून सत्र के 9वें दिन कार्यवाही के लिए विधानसभा सचिवालय पहुंचे अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां
शिमला। चौदहवीं हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 12वें सत्र (मॉनसून सत्र) के 9वें दिन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां बुधवार को विधानसभा सचिवालय पहुंचे। सचिवालय पहुंचने पर उन्होंने औपचारिक सलामी ली। इस दौरान विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच अध्यक्ष का स्वागत किया गया।
मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और विधायी कार्यवाही जारी है। सत्र के 9वें दिन भी सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां विधानसभा सचिवालय पहुंचे और निर्धारित कार्यवाही की कमान संभाली।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने 9वें दिन की कार्यवाही का किया संचालन
शिमला -
हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने आज दिनांक 02 सितम्बर, 2026 को 14वीं विधान सभा के 12वें सत्र (मानसून सत्र) के 9वें दिन की कार्यवाही का सदन में संचालन किया। अध्यक्ष ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया और विभिन्न विषयों पर सदस्यों की भागीदारी के बीच सदन का संचालन किया। मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा और राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने 9वें दिन की कार्यवाही का किया संचालन
शिमला -
हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने आज दिनांक 02 सितम्बर, 2026 को 14वीं विधान सभा के 12वें सत्र (मानसून सत्र) के 9वें दिन की कार्यवाही का सदन में संचालन किया। अध्यक्ष ने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया और विभिन्न विषयों पर सदस्यों की भागीदारी के बीच सदन का संचालन किया। मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा और राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है।
सदन की कार्यवाही से पहले विधानसभा अध्यक्ष से मिले विपिन सिंह परमार
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही आरम्भ होने से पूर्व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक विपिन सिंह परमार ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से उनके कार्यालय कक्ष में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात हुई और विभिन्न विषयों पर आपसी चर्चा भी हुई।
विधानसभा सचिवालय में हुई इस शिष्टाचार भेंट के दौरान सत्र की कार्यवाही से जुड़े विषयों सहित सदन के संचालन को लेकर भी बातचीत हुई। इसके बाद दोनों नेता सदन की निर्धारित कार्यवाही में शामिल हुए।
सौहार्द, सामंजस्य और सदस्यों के सहयोग से चलता है सदन : कुलदीप सिंह पठानियां
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले आर्मी पब्लिक स्कूल डगशाई, जिला सोलन, विधि अध्ययन संस्थान शाहपुर, जिला कांगड़ा, डीएवी पब्लिक स्कूल कुमारसेन और डीएवी पब्लिक स्कूल टूटू, जिला शिमला के करीब 200 छात्र-छात्राओं ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से मुलाकात की। छात्रों ने विधानसभा की कार्यप्रणाली, सदन के संचालन, अध्यक्ष की भूमिका, विधानसभा व मंत्रिपरिषद के गठन सहित विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे।
छात्रों के साथ संवाद करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की संसदीय व्यवस्था संघीय ढांचे पर आधारित है, जिसमें केंद्र स्तर पर संसद और राज्यों में विधानमंडल की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि वह चौदहवीं विधानसभा के सर्वसम्मति से निर्वाचित अध्यक्ष हैं और उनका प्रमुख दायित्व सदन की कार्यवाही का संचालन करना है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सहयोग से ही सदन की कार्यवाही सौहार्द, सामंजस्य और गरिमा के साथ सुचारू रूप से चलती है।
कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए पठानियां ने कहा कि वे देश के भावी अधिवक्ता और न्यायाधीश हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून और देश की स्वतंत्रता की रक्षा करना उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में कई प्रमुख नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें मोतीलाल नेहरू, विट्ठलभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे नाम शामिल हैं।
पठानियां ने कहा कि भारतीय सदनों की हमेशा से उच्च परंपरा और गरिमा रही है। विट्ठलभाई पटेल ने केंद्रीय विधानसभा के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष के रूप में संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि आज भी हिमाचल प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और संसदीय परंपराओं की पूरे देश में चर्चा होती है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए आमंत्रित किया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश सरकार के उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानियां भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
विधानसभा सचिवालय पहुंचने पर अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां का स्वागत
शिमला। चौदहवीं विधान सभा के 12वें सत्र के 8वें दिन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए विधान सभा सचिवालय पहुंचने पर विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां का उप-सचेतक हिमाचल प्रदेश सरकार केवल सिंह पठानियां ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान दोनों के बीच सदन की कार्यवाही से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर संवाद भी हुआ। सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही को लेकर विधान सभा सचिवालय में आवश्यक तैयारियां पूरी की गई थीं।
विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने संभाली सदन की कार्यवाही
शिमला। हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने आज दिनांक 01 सितम्बर, 2026 को 14वीं विधान सभा के 12वें सत्र के 8वें दिन सदन की कार्यवाही का संचालन किया। अध्यक्ष ने निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों के तहत सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इस दौरान विधानसभा में विभिन्न विषयों पर सदस्यों की सहभागिता के बीच कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित की गई। अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं को बनाए रखते हुए कार्यवाही का संचालन किया।
मॉनसून सत्र के 8वें दिन सदन की ओर रवाना हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां
शिमला। चौदहवीं विधानसभा के 12वें सत्र (मॉनसून सत्र) के 8वें दिन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां सदन की ओर जाते हुए। सत्र के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सदन की कार्यवाही को निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत संचालित करते हैं।