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jago himachal

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₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
₹12 हजार वेतन, ₹5 हजार रिकवरी! वायरल वीडियो में छलका HRTC परिचालक का दर्द, प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हिमाचल प्रदेश में HRTC के एक परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो से रामपुर जा रही बस का है। जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
घटना के बाद कैमरे के सामने परिचालक का दर्द छलक पड़ा। रोते हुए उसने HRTC प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे मात्र ₹12,000 मासिक वेतन मिलता है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर ₹5,000 तक की रिकवरी डाल दी जाती है। उसका कहना है कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है।
परिचालक ने भावुक होकर कहा कि वह ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता है, लेकिन इस तरह की रिकवरी से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग परिचालक के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और HRTC कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों व वेतन व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
सैलरी कम , लेकिन रिकवरी अधिक! कैमरे के सामने छलका HRTC परिचालक का दर्द, वीडियो वायरल
शिमला -
हिमाचल प्रदेश में एक HRTC परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो की रामपुर रूट पर चलने वाली बस का है।
जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई। इसी दौरान परिचालक कैमरे के सामने भावुक हो गया और रोते हुए अपनी पीड़ा बयां की।
वीडियो में परिचालक का आरोप है कि उसे जो वेतन मिलता है, उससे अधिक रिकवरी डाल दी जाती है। उसने कहा कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो जाता है। परिचालक ने एचआरटीसी प्रबंधन से कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील भी की।
सैलरी कम , लेकिन रिकवरी अधिक! कैमरे के सामने छलका HRTC परिचालक का दर्द, वीडियो वायरल
शिमला -
हिमाचल प्रदेश में एक HRTC परिचालक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला शिमला जिले के तारादेवी डिपो की रामपुर रूट पर चलने वाली बस का है।
जानकारी के अनुसार, फ्लाइंग स्क्वाड की टिकट जांच के दौरान एक यात्री बिना टिकट पाया गया, जिसके बाद परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई। इसी दौरान परिचालक कैमरे के सामने भावुक हो गया और रोते हुए अपनी पीड़ा बयां की।
वीडियो में परिचालक का आरोप है कि उसे जो वेतन मिलता है, उससे अधिक रिकवरी डाल दी जाती है। उसने कहा कि इतनी कम तनख्वाह में परिवार और छोटे बच्चों का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो जाता है। परिचालक ने एचआरटीसी प्रबंधन से कर्मचारियों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील भी की।
133 इको टास्क फोर्स की ब्रावो कंपनी ने स्कूली छात्रों के साथ सलोट में किया पौधरोपण

मंडी, 03 जुलाई। वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर 133 इको टास्क फोर्स की ब्रावो कंपनी, जालोगी द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सलोट में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में विद्यालय के अंग्रेज़ी प्रवक्ता मनीष ठाकुर, सुरक्षा शिक्षक योगेश कुमार तथा राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस वन महोत्सव सप्ताह अभियान के दौरान विभिन्न प्रजातियों के लगभग 2500 पौधे रोपित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य पौधरोपण के साथ ही स्कूली छात्रों को हरित आवरण को संरक्षित एवं संवर्द्धित करते हुए पर्यावरण अनुकूल भविष्य के लिए प्रोत्साहित करना भी है।

कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण के अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण पर जागरूकता व्याख्यान तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक सहभागिता का संदेश भी दिया गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल लखविंदर ने बताया कि यह पहल प्रादेशिक सेना की पर्यावरण संरक्षण, पारिस्थितिक पुनर्स्थापन तथा भावी पीढ़ी में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
संजौली बाइफरकेशन के पास HRTC बस में तकनीकी खराबी, दोनों ओर यातायात सुचारु
शिमला, 3 जुलाई:
संजौली बाइफरकेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 5:00 बजे एक एचआरटीसी बस में तकनीकी खराबी आने के कारण बस सड़क पर ही रुक गई। सूचना मिलते ही मैकेनिक टीम मौके पर पहुंची और बस को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया गया।
राहत की बात यह है कि बस में खराबी आने के बावजूद दोनों ओर से यातायात पूरी तरह सुचारु रूप से चल रहा है। ट्रैफिक पुलिस शिमला की टीम मौके पर मौजूद है और यातायात का संचालन व्यवस्थित ढंग से कर रही है।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं।
भाजपा बेनमोर वार्ड की बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और बूथ कार्यक्रमों पर हुआ मंथन

डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को लेकर भाजपा बेनमोर वार्ड ने बनाई कार्ययोजना

शिमला। भाजपा बेनमोर वार्ड की बैठक का आयोजन नलिनी रेस्टोरेंट में किया गया। बैठक की अध्यक्षता एवं संचालन बैठक प्रभारी राजेश शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि बैठक में संगठन की वर्तमान गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से बूथ स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर संगठन को और अधिक सक्रिय एवं सशक्त बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने का आह्वान किया गया।

इसके अतिरिक्त, भारतीय जनता पार्टी के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा पार्टी की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई।

बैठक में कर्ण नंदा, अनूप वैद्य, राजेश शर्मा, राजिंदर साहिता, रवि सूद एवं शुभ महाजन सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
राम मंदिर दान चोरी मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच हो, एसआईटी जांच पर उठे सवाल: कुलदीप सिंह राठौर
शिमला, 3 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में लीपापोती करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के जरिए केवल एक व्यक्ति को मोहरा बनाकर इस कथित मामले में शामिल बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण से लेकर इसके लोकार्पण तक धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी लाभ के लिए जल्दबाजी में मंदिर का लोकार्पण किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित राम मंदिर से कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के दान की चोरी कैसे हो गई और अब तक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी अन्य दल की सरकार के समय ऐसा मामला सामने आता तो भाजपा पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने के लिए किया है। इसलिए निष्पक्ष जांच केवल उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में ही संभव है।
राठौर ने कहा कि भगवान श्रीराम सब कुछ देख रहे हैं और भाजपा ने मंदिर दान की कथित चोरी कर करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मामले में जनता और भगवान श्रीराम के प्रकोप से नहीं बच पाएगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल और कांग्रेस सचिव प्रदीप सूर्या भी मौजूद रहे।
राम मंदिर दान चोरी मामले की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से जांच हो, एसआईटी जांच पर उठे सवाल: कुलदीप सिंह राठौर
शिमला, 3 जुलाई। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच में लीपापोती करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि एसआईटी जांच के जरिए केवल एक व्यक्ति को मोहरा बनाकर इस कथित मामले में शामिल बड़े लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि यह मामला करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।
राठौर ने आरोप लगाया कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण से लेकर इसके लोकार्पण तक धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी लाभ के लिए जल्दबाजी में मंदिर का लोकार्पण किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित राम मंदिर से कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपये के दान की चोरी कैसे हो गई और अब तक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि किसी अन्य दल की सरकार के समय ऐसा मामला सामने आता तो भाजपा पूरे देश में बड़ा आंदोलन खड़ा कर देती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने के लिए किया है। इसलिए निष्पक्ष जांच केवल उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में ही संभव है।
राठौर ने कहा कि भगवान श्रीराम सब कुछ देख रहे हैं और भाजपा ने मंदिर दान की कथित चोरी कर करोड़ों राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मामले में जनता और भगवान श्रीराम के प्रकोप से नहीं बच पाएगी।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष अमित नंदा, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, शिमला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल और कांग्रेस सचिव प्रदीप सूर्या भी मौजूद रहे।
नवीं कक्षा की छात्रा और उसकी मां की मौत मामले में सीडब्‍ल्‍यूसी ने लिया संज्ञान

पुलिस से स्‍टेट्स रिपोर्ट तलब की

धर्मशाला, 03 जुलाई। जिला कांगड़ा के थाना जवाली के तहत आने वाली पंचायत धेवा में नवीं कक्षा की छात्रा और उसकी मां की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में जिला बाल कल्‍याण समिति, धर्मशाला ने संज्ञान लेते हुए पुलिस से मामले की स्‍टेट्स रिपोर्ट तलब करते हुए उचित कानूनी कार्यवाही किए जाने के निर्देश जारी किए हैं।

शुक्रवार को इस घटना का पता चलते ही जिला बाल कल्‍याण समिति के अध्‍यक्ष विक्रमजीत शर्मा एवं सदस्‍यों विजय शर्मा और नरेष्‍ठा कुमारी ने मामले पर गौर करते हुए आवश्‍यक जानकारी जुटाई। समिति के अध्‍यक्ष विक्रमजीत शर्मा ने बताया कि उन्‍हें विभिन्‍न मीडिया माध्‍यमों से मिली जानकारी के अनुसार ज्‍वाली की पंचायत धेवा में रहने वाले एक परिवार के सदस्‍यों ने रात को खाना खाया और इसके बाद मां और उसकी नाबालिग बेटी एवं बेटा अपने घर में सो गए और महिला का पति दूसरे कमरे में सोने के लिए चला गया। बताया जा रहा है कि इस बीच सुबह जब महिला का पति उठा तो महिला और बेटी की संदिग्‍ध परिस्‍थितियों में मौत हो चुकी थी, जबकि नबालिग बेटा भी गंभीर हालत में उल्‍टियां करता पाया गया। बेटे को उसके पिता ने ग्रामीणों की मदद से जवाली अस्पताल में दाखिल करवाया जहां वह उपचाराधीन है।

विक्रमजीत ने बताया कि इस मामले में प्रभावित परिवार की नवीं कक्षा में पढ़ने वाली बेटी की मौत हो गई है, जबकि बेटा गंभीर है। नबालिग बच्‍चों से जुड़ा मामला होने के चलते इस घटना पर जिला बाल कल्याण समिति ने संज्ञान लिया है और पुलिस थाना जवाली से इस मामले में की गई प्रारंभिक जांच की स्टेट्स रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पुलिस को उचित कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।
संजौली बाइफरकेशन के पास HRTC बस में तकनीकी खराबी, दोनों ओर यातायात सुचारु
शिमला, 3 जुलाई:
संजौली बाइफरकेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 5:00 बजे एक एचआरटीसी बस में तकनीकी खराबी आने के कारण बस सड़क पर ही रुक गई। सूचना मिलते ही मैकेनिक टीम मौके पर पहुंची और बस को ठीक करने का कार्य शुरू कर दिया गया।
राहत की बात यह है कि बस में खराबी आने के बावजूद दोनों ओर से यातायात पूरी तरह सुचारु रूप से चल रहा है। ट्रैफिक पुलिस शिमला की टीम मौके पर मौजूद है और यातायात का संचालन व्यवस्थित ढंग से कर रही है।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं।
5-6 जुलाई को जिस्पा के आइबेक्स होटल में होगा भाजपा का महा प्रशिक्षण अभ्यास वर्ग, अधिकतम भागीदारी का आह्वान
केलांग/लाहौल-स्पीति। भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय महा प्रशिक्षण अभियान-2026 के अंतर्गत आगामी 5 और 6 जुलाई को जिस्पा स्थित आइबेक्स होटल में दो दिवसीय अभ्यास वर्ग आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में भाजपा जिला लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष रिगज़ीन समफेल ह्यरप्पा ने सभी पदाधिकारियों, मोर्चा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कार्यकर्ताओं के वैचारिक एवं संगठनात्मक कौशल को विकसित करने तथा आगामी कार्यक्रमों की प्रभावी तैयारी के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से समय पर उपस्थित होकर प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की।
एचपीयू में सहायक प्रोफेसर भर्ती पर एसएफआई का बड़ा आरोप, नियुक्ति रद्द करने और न्यायिक जांच की मांग
शिमला, 3 जुलाई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) में सहायक प्रोफेसर (कॉमर्स) की भर्ती को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की विश्वविद्यालय इकाई ने कुलपति को कुलसचिव के माध्यम से विस्तृत शिकायत-पत्र सौंपते हुए आरोप लगाया है कि विज्ञापन संख्या Rectt.17/2019 के तहत डिपार्टमेंट ऑफ इवनिंग स्टडीज़ में हुई नियुक्ति विश्वविद्यालय के नियमों, विभागीय निर्णयों और वैधानिक प्रावधानों के विपरीत की गई। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, नियुक्ति रद्द करने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा तत्कालीन कुलपति की भूमिका की न्यायिक जांच की मांग की है।
एसएफआई के अनुसार 30 दिसंबर 2019 को जारी विज्ञापन के तहत सहायक प्रोफेसर (कॉमर्स) के चार पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एससी (ओपन) श्रेणी के एक अभ्यर्थी ने 24 जनवरी 2020 को ऑनलाइन आवेदन किया, जबकि उसकी हार्ड कॉपी विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड के अनुसार 26 फरवरी 2020 को प्राप्त हुई। जबकि विज्ञापन में स्पष्ट रूप से 15 फरवरी 2020 तक आवेदन की हार्ड कॉपी जमा करना अनिवार्य था। संगठन ने सवाल उठाया है कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन को किस अधिकारी के आदेश पर स्वीकार किया गया और उसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल कैसे किया गया।
एसएफआई ने यह भी आरोप लगाया है कि आवेदन की अंतिम तिथि तक संबंधित अभ्यर्थी के पास कॉमर्स विषय में अनिवार्य एम.कॉम. की डिग्री नहीं थी और वह उस समय इग्नू से एम.कॉम. की पढ़ाई कर रहा था। संगठन का कहना है कि उसके पास एमबीए और पीएचडी की उपाधियां जरूर थीं, लेकिन विज्ञापित पद के लिए आवश्यक विषयगत योग्यता उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में उसे पात्र घोषित करना भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
शिकायत में कहा गया है कि 6 अक्टूबर 2020 को एचपीयू बिजनेस स्कूल की अकादमिक समिति ने निर्णय लिया था कि प्रबंधन विषय के शिक्षण पदों के लिए केवल मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स और डॉक्टरेट ही पात्र होंगे तथा किसी अन्य विषय को मैनेजमेंट का एलाइड सब्जेक्ट नहीं माना जाएगा। इसके बाद 4 नवंबर 2020 को वाणिज्य विभाग की विभागीय परिषद ने भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि कॉमर्स का कोई एलाइड सब्जेक्ट नहीं है। एसएफआई का आरोप है कि इन आधिकारिक निर्णयों के बावजूद भर्ती प्रक्रिया में एमबीए को कॉमर्स का एलाइड सब्जेक्ट मानते हुए संबंधित अभ्यर्थी को पात्र घोषित किया गया।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि 17 से 21 जून 2021 के बीच साक्षात्कार आयोजित किए गए और 21 जून 2021 को तत्कालीन कुलपति ने नियुक्ति आदेश जारी कर दिया। एसएफआई का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम, 1970 की धारा 11(आई) के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति का अधिकार एग्जीक्यूटिव काउंसिल में निहित है, जबकि धारा 12-सी(7) के तहत कुलपति अपनी आपातकालीन शक्तियों का उपयोग नियुक्ति के लिए नहीं कर सकते। इसलिए तत्कालीन कुलपति की भूमिका की स्वतंत्र न्यायिक जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
एसएफआई ने यह भी उल्लेख किया कि 16 जुलाई 2022 को, यानी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के लगभग एक वर्ष बाद, विश्वविद्यालय ने मैनेजमेंट और कॉमर्स को एलाइड सब्जेक्ट घोषित करने की अधिसूचना जारी की थी। संगठन का कहना है कि नियुक्ति के समय ऐसी कोई अधिसूचना प्रभावी नहीं थी। बाद में 26 जून 2023 को उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में इस अधिसूचना को वापस भी ले लिया गया।
संगठन ने मांग की है कि संबंधित नियुक्ति तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए, पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत एफआईआर दर्ज की जाए, अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार करने वाले अधिकारी की पहचान सार्वजनिक की जाए, पात्रता तय करने में विभागीय निर्णयों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई हो तथा तत्कालीन कुलपति की भूमिका की न्यायिक जांच कर आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएं। साथ ही विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं का आर्थिक बोझ छात्रों पर न डालते हुए हाल ही में बढ़ाई गई फीस भी वापस लेने की मांग की गई है।
एसएफआई ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन इस शिकायत पर समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई नहीं करता, तो संगठन छात्र समुदाय के साथ व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा और पूरे मामले को राज्य सरकार, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सहित अन्य सक्षम संस्थाओं के समक्ष भी उठाएगा।
सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करे प्रशासन, पिछली बार की लापरवाही दोहराई गई तो बागवानों को होगा भारी नुकसान : अतुल शर्मा

एचपीएमसी का लंबित भुगतान जारी हो, सड़क, ट्रैफिक और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन : अतुल शर्मा

शिमला, 3 जुलाई। चौपाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-15 गोरली मडावग से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने आगामी सेब सीजन को लेकर क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है और हजारों किसान-बागवान पूरे वर्ष की आय के लिए इसी फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां नहीं की गईं तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अतुल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में एचपीएमसी के गोदामों, बगीचों और सड़कों पर हजारों टन सेब फंस गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी बरसात शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन आरंभ होने जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त तैयारियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि करगोली नाला–देहा मुख्य मार्ग, देहा–चौपाल सड़क, सरांह–जोड़ना–पुलबाहल–नेरीपुल मार्ग तथा बमटा–मडावग–खिड़की सड़क सहित अनेक महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों की हालत अत्यंत खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और झुके हुए पेड़ दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। यदि सेब सीजन से पहले इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी मुख्य एवं वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। भारी वर्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनों की अलग से व्यवस्था की जाए तथा पुलिस विभाग द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना लागू की जाए, ताकि सेब समय पर मंडियों तक पहुंच सके।
अतुल शर्मा ने पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष फंड जारी करने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का पिछला लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों को किसानों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को प्रशासनिक तैयारियों की पूरी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार और प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाते हैं तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को होगा। इसलिए प्रशासन को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस अवसर पर कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करे प्रशासन, पिछली बार की लापरवाही दोहराई गई तो बागवानों को होगा भारी नुकसान : अतुल शर्मा

एचपीएमसी का लंबित भुगतान जारी हो, सड़क, ट्रैफिक और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन : अतुल शर्मा

शिमला, 3 जुलाई। चौपाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-15 गोरली मडावग से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने आगामी सेब सीजन को लेकर क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है और हजारों किसान-बागवान पूरे वर्ष की आय के लिए इसी फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां नहीं की गईं तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अतुल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में एचपीएमसी के गोदामों, बगीचों और सड़कों पर हजारों टन सेब फंस गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी बरसात शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन आरंभ होने जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त तैयारियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि करगोली नाला–देहा मुख्य मार्ग, देहा–चौपाल सड़क, सरांह–जोड़ना–पुलबाहल–नेरीपुल मार्ग तथा बमटा–मडावग–खिड़की सड़क सहित अनेक महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों की हालत अत्यंत खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और झुके हुए पेड़ दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। यदि सेब सीजन से पहले इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी मुख्य एवं वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। भारी वर्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनों की अलग से व्यवस्था की जाए तथा पुलिस विभाग द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना लागू की जाए, ताकि सेब समय पर मंडियों तक पहुंच सके।
अतुल शर्मा ने पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष फंड जारी करने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का पिछला लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों को किसानों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को प्रशासनिक तैयारियों की पूरी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार और प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाते हैं तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को होगा। इसलिए प्रशासन को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस अवसर पर कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सेब सीजन से पहले सड़कें दुरुस्त करे प्रशासन, पिछली बार की लापरवाही दोहराई गई तो बागवानों को होगा भारी नुकसान : अतुल शर्मा

एचपीएमसी का लंबित भुगतान जारी हो, सड़क, ट्रैफिक और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे प्रशासन : अतुल शर्मा

शिमला, 3 जुलाई। चौपाल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-15 गोरली मडावग से जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने आगामी सेब सीजन को लेकर क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों के अभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) शिमला को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है और हजारों किसान-बागवान पूरे वर्ष की आय के लिए इसी फसल पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यदि समय रहते आवश्यक तैयारियां नहीं की गईं तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अतुल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासनिक तैयारियों के अभाव में एचपीएमसी के गोदामों, बगीचों और सड़कों पर हजारों टन सेब फंस गया था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी बरसात शुरू हो चुकी है और 15 जुलाई से विभिन्न क्षेत्रों में सेब सीजन आरंभ होने जा रहा है, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से पर्याप्त तैयारियां दिखाई नहीं दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि करगोली नाला–देहा मुख्य मार्ग, देहा–चौपाल सड़क, सरांह–जोड़ना–पुलबाहल–नेरीपुल मार्ग तथा बमटा–मडावग–खिड़की सड़क सहित अनेक महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों की हालत अत्यंत खराब है। जगह-जगह गहरे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़कें और झुके हुए पेड़ दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। यदि सेब सीजन से पहले इन सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी मुख्य एवं वैकल्पिक मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें पूरी तरह यातायात योग्य बनाया जाए। भारी वर्षा के दौरान आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनों की अलग से व्यवस्था की जाए तथा पुलिस विभाग द्वारा ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी योजना लागू की जाए, ताकि सेब समय पर मंडियों तक पहुंच सके।
अतुल शर्मा ने पंचायत स्तर पर लिंक रोड खोलने के लिए विशेष फंड जारी करने, एचपीएमसी द्वारा किसानों का पिछला लंबित भुगतान शीघ्र जारी करने, बिना लाइसेंस सेब खरीद पर रोक लगाने तथा आढ़तियों को किसानों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों और बागवानों को प्रशासनिक तैयारियों की पूरी जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सेब केवल एक फसल नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि सरकार और प्रशासन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाते हैं तो इसका सीधा नुकसान प्रदेश के हजारों किसान परिवारों को होगा। इसलिए प्रशासन को इस विषय को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करनी चाहिए।
इस अवसर पर कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित अनेक स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
किन्नौर में मीरु नाले का रौद्र रूप, चोलिंग के पास एनएच-5 मलबे से बंद
भारी बारिश के बाद पहाड़ियों से आया मलबा, दो वाहन चपेट में; करछम मार्ग बाधित, प्रशासन ने जारी की सतर्कता
रिकांगपिओ/किन्नौर, 3 जुलाई।
जिला किन्नौर में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर दिखाया। चोलिंग के समीप मीरु नाला उफान पर आ गया, जिससे नेशनल हाईवे-5 पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। मलबे की चपेट में दो वाहन भी आ गए। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि पहाड़ियों पर हुई तेज बारिश के बाद मीरु नाले में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया और उसके साथ भारी मात्रा में मलबा बहकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। यह मलबा चोलिंग से आगे करछम की ओर स्थित असुरक्षित स्कूल भवन के समीप सड़क पर फैल गया, जिससे एनएच-5 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। मार्ग बहाल करने के लिए मशीनरी और राहत दल मौके पर रवाना कर दिए गए हैं तथा सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा है।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक मौसम व यातायात संबंधी सलाह का ही पालन करें। लगातार हो रही बारिश के कारण किन्नौर के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन और नालों के उफान का खतरा बना हुआ है, इसलिए संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
उफनती रावी नदी भी नहीं रोक पाई जंगली बकरी का हौसला, चंबा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक जंगली बकरी उफान पर बह रही रावी नदी को अद्भुत साहस और फुर्ती के साथ पार करती दिखाई दे रही है।
तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जंगली बकरी ने हिम्मत नहीं हारी और चट्टानों का सहारा लेते हुए नदी पार कर ली। यह नज़ारा देख लोग उसकी फुर्ती, संतुलन और जुझारूपन की जमकर सराहना कर रहे हैं।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे प्रकृति और वन्यजीवों की अद्भुत क्षमता का उदाहरण बता रहे हैं।
उफनती रावी नदी भी नहीं रोक पाई जंगली बकरी का हौसला, चंबा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक जंगली बकरी उफान पर बह रही रावी नदी को अद्भुत साहस और फुर्ती के साथ पार करती दिखाई दे रही है।
तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जंगली बकरी ने हिम्मत नहीं हारी और चट्टानों का सहारा लेते हुए नदी पार कर ली। यह नज़ारा देख लोग उसकी फुर्ती, संतुलन और जुझारूपन की जमकर सराहना कर रहे हैं।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इसे प्रकृति और वन्यजीवों की अद्भुत क्षमता का उदाहरण बता रहे हैं।
किन्नौर में मीरु नाले का रौद्र रूप, चोलिंग के पास एनएच-5 मलबे से बंद
भारी बारिश के बाद पहाड़ियों से आया मलबा, दो वाहन चपेट में; करछम मार्ग बाधित, प्रशासन ने जारी की सतर्कता
रिकांगपिओ/किन्नौर, 3 जुलाई।
जिला किन्नौर में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर दिखाया। चोलिंग के समीप मीरु नाला उफान पर आ गया, जिससे नेशनल हाईवे-5 पर भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। मलबे की चपेट में दो वाहन भी आ गए। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि पहाड़ियों पर हुई तेज बारिश के बाद मीरु नाले में अचानक जलप्रवाह बढ़ गया और उसके साथ भारी मात्रा में मलबा बहकर राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। यह मलबा चोलिंग से आगे करछम की ओर स्थित असुरक्षित स्कूल भवन के समीप सड़क पर फैल गया, जिससे एनएच-5 पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए। मार्ग बहाल करने के लिए मशीनरी और राहत दल मौके पर रवाना कर दिए गए हैं तथा सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया जा रहा है।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक मौसम व यातायात संबंधी सलाह का ही पालन करें। लगातार हो रही बारिश के कारण किन्नौर के विभिन्न क्षेत्रों में भूस्खलन और नालों के उफान का खतरा बना हुआ है, इसलिए संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
कसोल के जेनाला में नहाने उतरा पंजाब का 21 वर्षीय युवक नाले में बहा, मौत
कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी के जेनाला में एक दर्दनाक हादसे में पंजाब के 21 वर्षीय युवक की नाले में बहने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, युवक नाले में नहाने उतरा था, तभी तेज बहाव की चपेट में आ गया और बह गया।
घटना की सूचना मिलते ही मणिकर्ण पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक की पहचान अंशतेज (21 वर्ष), निवासी कपूरथला, पंजाब के रूप में हुई है। मामले की पुष्टि एएसपी कुल्लू संजीव चौहान ने की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।