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jago himachal

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देशभक्ति के रंग में रंगा न्यू शिमला सेक्टर-4, धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस
शिमला, 15 अगस्त। तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति के जज्बे के बीच रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी सेक्टर-4, न्यू शिमला ने स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया। केनलु माता मंदिर परिसर में आयोजित समारोह में क्षेत्रवासियों ने एकजुट होकर देश के वीर सपूतों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सोसायटी के अध्यक्ष उत्तम चंद भाटिया ने की, जबकि समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं युवा नेता मनु भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। तिरंगा लहराते ही पूरा परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर हो उठा।
समिति के बच्चों ने देशभक्ति गीतों और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह में चार चांद लगा दिए। उनकी प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों में जोश और भावनाओं का संचार किया। देशभक्ति प्रस्तुतियां देने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं, मुख्य अतिथि मनु भारद्वाज, समिति के पूर्व अध्यक्षों और सोसायटी के पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। उपस्थित सदस्यों को तिरंगे के बैज लगाकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
मुख्य अतिथि मनु भारद्वाज ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन वीरों के बलिदान को याद करने का दिन है, जिनके संघर्ष और त्याग से देश को आजादी मिली। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिक आज भी देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर रहे हैं। उनका साहस और समर्पण सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा रहेगा।
उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।
सोसायटी अध्यक्ष उत्तम चंद भाटिया ने सभी सदस्यों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोसायटी के सभी सदस्य एक परिवार की तरह हैं। उन्होंने जरूरत के समय एक-दूसरे की सहायता करने और आपसी भाईचारे व सहयोग के साथ सोसायटी को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन महासचिव राजेश घौरी ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष लाभ सिंह, प्रेस सचिव पंकज राक्टा सहित अन्य पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय निवासी मौजूद रहे। समारोह के अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिठाइयां और रिफ्रेशमेंट वितरित किए गए। पूरे कार्यक्रम के दौरान हर चेहरे पर तिरंगे का गर्व और हर दिल में देशप्रेम का जज्बा नजर आया।
भारत विभाजन मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी : जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेशवासियों को दी बधाई, विकसित भारत के निर्माण में सहभागिता का किया आह्वान

शिमला : विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए हमें विभाजन के रूप में एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान का निर्माण तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक विफलता का परिणाम था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का साहसिक निर्णय लिया है। हमें अपने इतिहास और उस दर्द को कभी नहीं भूलना चाहिए। इतिहास को याद करने का उद्देश्य गड़े मुर्दे उखाड़ना नहीं, बल्कि अतीत की गलतियों से सीख लेकर उन्हें दोबारा न दोहराना है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि विभाजन के कारण डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा और लाखों लोगों की जान चली गई। यह मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक थी। एक पल में अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हुए लोगों पर क्या बीती होगी, इसकी आज कल्पना करना भी कठिन है। उन्होंने कहा कि विभाजन केवल जमीन पर खींची गई एक रेखा नहीं थी, बल्कि मानवता के सीने पर लगा ऐसा घाव था, जिसके निशान आज भी कायम हैं। इसने देश की सीमाओं के साथ-साथ हमारी साझा संस्कृति और सामाजिक ताने-बाने को भी प्रभावित किया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ विभाजन की त्रासदी झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि यह दिवस सामाजिक विभाजन और वैमनस्य के जहर को दूर करने, एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हम आज़ादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन विभाजन का दर्द आज भी हिंदुस्तान के सीने में मौजूद है। हमें अपने इतिहास से सीख लेते हुए एकजुट होकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

जयराम ठाकुर ने प्रदेश वासियों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए अपने आवास पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का यह पावन पर्व हमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को और मजबूत करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने तथा विकसित भारत@2047 के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जुटने का आह्वान किया।
संजौली कॉलेज में साइबर जागरूकता सेमिनार आयोजित, NSS की नई कार्यकारिणी का गठन
शिमला। राजकीय महाविद्यालय संजौली में शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। रोट्रैक्ट क्लब ऑफ जीसी संजौली ने हिमाचल स्टेट साइबर सेल और रोटरी क्लब शिमला के सहयोग से साइबर अपराध जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में हिमाचल पुलिस के श्री राम शर्मा और श्रीमती दीक्षा शर्मा ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराधों और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के उपाय बताए।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. भारती भागड़ा ने कहा कि तेजी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क रहने और साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब शिमला के अध्यक्ष रोटेरियन अर्जुन गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल आयोजन क्लब संयोजक प्रो. रीता चंदेल के मार्गदर्शन में किया गया।
इसी अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की वर्ष 2026–27 की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। नई कार्यकारिणी में सचिन वर्मा को बॉयज़ यूनिट लीडर, सूरज ठाकुर को सहायक बॉयज़ यूनिट लीडर, स्नेहा शर्मा को गर्ल्स यूनिट लीडर, सुकृति ठाकुर को सहायक गर्ल्स यूनिट लीडर, सुजल शर्मा को बॉयज़ यूनिट जनरल सेक्रेटरी, यशलेश को बॉयज़ यूनिट जॉइंट सेक्रेटरी, पलक शर्मा को गर्ल्स यूनिट जनरल सेक्रेटरी तथा वंशिका चौहान को गर्ल्स यूनिट जॉइंट सेक्रेटरी चुना गया।
इसके अलावा संस्कृति, सोशल मीडिया, अनुशासन, खेल एवं स्वास्थ्य तथा पर्यावरण सहित विभिन्न विभागों के लिए कार्यकारी सदस्यों और विभाग प्रमुखों का चयन किया गया, ताकि NSS की गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके। प्राचार्या प्रो. भारती भागड़ा ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अनुशासन, समर्पण और टीम भावना के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया। वहीं, नई कार्यकारिणी ने NSS के उद्देश्यों के अनुरूप महाविद्यालय और समाज के हित में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
शाहपुर में इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिली नई गति

शाहपुर, 14 अगस्त। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। तीन नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा लोगों को अधिक बेहतर, सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

हाल ही में शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने एसडीएम कार्यालय परिसर से इन तीन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बसों का संचालन धर्मशाला से तत्वानी, बंडी, रेहलू, लंज, हरनेरा और भलेड़ सहित विभिन्न ग्रामीण रूटों पर किया जाएगा।

इन नई बस सेवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा प्राप्त होगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों के निवासियों को राहत मिलेगी, जहां सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।

विधायक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। 297 इलेक्ट्रिक बसें एचआरटीसी के बेड़े में शामिल की जा चुकी हैं जो हिमाचल में स्वच्छ एवं हरित परिवहन को नई दिशा प्रदान करेंगी।

इलेक्ट्रिक बसों का प्रमुख लाभ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। इनके संचालन से प्रदूषण और ईंधन की खपत में कमी आएगी तथा यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

शाहपुर में तीन नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केवल एक नई परिवहन सेवा नहीं, बल्कि बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक परिवहन व्यवस्था और स्वच्छ भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय लोगों में इस पहल को लेकर उत्साह है और उन्हें आशा है कि आने वाले समय में क्षेत्र के अन्य ग्रामीण रूटों को भी इसी प्रकार की सुविधाओं से जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में साईंस कॉलेज, एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय और एम्स स्तर के आयुर्वेदिक संस्थान की घोषणा की
सरकार उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बना रही नीति
पड़ोसी राज्य बीबीएमबी के बकाया भुगतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल करें, तभी किशाऊ परियोजना पर एमओयू होगा
हमीरपुर -
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला ‘साईंस कॉलेज’ खोलने की घोषणा की। इस महाविद्यालय के निर्माण पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए 80 कनाल भूमि चिन्हित की जा चुकी है और परियोजना के लिए 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने हमीरपुर में एलाइड एवं स्वास्थ्य सेवा महाविद्यालय खोलने की भी घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जिले में 74 एकड़ भूमि पर एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान भी स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज हमीरपुर स्थित राजकीय महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी का दर्जा दिया गया है जबकि हमीरपुर प्रदेश की शिक्षा राजधानी है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के विद्यार्थी पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
श्री सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2021 में पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान, जब प्रदेश में डबल इंजन सरकार थी, तब हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 21वें स्थान पर था। वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए सुधारों के बाद प्रदेश अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन गांवों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इन स्कूलों के खुलने के बाद विद्यार्थियों के नामांकन में 24,000 की वृद्धि हुई है। इन स्कूलों के संचालन और बुनियादी ढांचे के लिए 80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं और एक हजार से अधिक युवाओं को करुणामूलक आधार पर रोजगार प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए एक योजना पर काम कर रही है। साथ ही, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए महाविद्यालयों का युक्तिकरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य चयन आयोग तथा हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एक भी भर्ती परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक नहीं हुआ है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पुलिस भर्ती सहित कई परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र लीक हुए और कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया गया और भर्ती प्रश्न-पत्र लीक करने वालों को जेल भेजा गया। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई भर्तियों में अनिवार्य साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर मेरिट आधारित चयन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार, दोनों के अंकों को आधार बनाया जाता है जबकि पहले साक्षात्कार को अधिक महत्व दिया जाता था।
श्री सुक्खू ने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य सरकार की दूसरी प्रमुख प्राथमिकता है। बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाने के लिए प्रदेश में निदान संबंधी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है, जिसमें मरीजों से 30,000 रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार की ओर से 90,000 रुपये की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा, बीमारियों की अधिक सटीक जांच के लिए मेडिकल कॉलेजों में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न छात्र संगठनों के कई नेताओं ने उनसे भेंट की है और सरकार ने उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा भी एनएसयूआई से शुरू हुई थी और आज वह प्रदेश की जनता की सेवा मुख्यमंत्री के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में प्रवेश करना उनका हमेशा से लक्ष्य रहा था। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर बार सफलता मिलना जरूरी नहीं है, लेकिन असफलताओं को सीखने और सफलता की राह तलाशने का अवसर समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने पिछली भाजपा सरकार द्वारा किए गए 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के समझौते को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उस समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को बिजली उत्पादन की लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। इस परियोजना पर वर्तमान सरकार के दृढ़ रुख के परिणामास्वरूप अब हिमाचल प्रदेश को बिना कोई वित्तीय निवेश किए लगभग 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व के रूप में प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश किशाऊ बहुउद्देेशीय परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य अगली सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट में शपथ-पत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करेंगे कि वे हिमाचल प्रदेश को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के बकाया भुगतान में अपना हिस्सा देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही परियोजना को लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से प्रदेश में सीबीएसई स्कूल स्थापित करने की नई पहल शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी भी शुरू की गई है और शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं। उन्होंने नीट अभ्यर्थियों पर कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की और कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा विद्यार्थियों के साथ खड़ी रहेगी।
लदारचा मेले के अवसर पर स्पीति में 24 अगस्त को स्थानीय अवकाश : उपायुक्त किरण भड़ाना 
केलांग, 14 अगस्त - उपायुक्त लाहौल स्पीति किरण भड़ाना ने  जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक कारणों के चलते स्पीति उपमंडल के लिए वर्ष 2026 की स्थानीय छुट्टी में बदलाव किया है। इसके तहत 24 अगस्त 2026, सोमवार को काजा में आयोजित होने वाले लदारचा मेले के अवसर पर स्पीति उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है।
इस संबंध में उन्होंने बताया  कि यह स्थानीय अवकाश पूर्व में जारी कार्यालय आदेश संख्या DC/LS-RIA (Local Holiday)/2026-342-356, दिनांक 19 जनवरी 2026 के क्रम में संशोधन के रूप में प्रभावी होगा।
यह स्थानीय अवकाश केवल स्पीति उपमंडल के अधिकार क्षेत्र में लागू रहेगा। लदारचा मेले के अवसर पर घोषित इस अवकाश के कारण संबंधित सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य प्रभावित रहेगा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों को लदारचा मेले की शुभकामनाएं देते हुए मेले के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग की अपील की है।
जिले के निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य, शीघ्र आवेदन करें: उप निदेशक
धर्मशाला, 14 अगस्त: उप निदेशक उच्च शिक्षा (माध्यमिक), कांगड़ा अजय सिंह सम्बयाल  ने आज यहां जानकारी देते हुए बताया कि जिले में संचालित सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थानों को हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026  के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण और विनियमन) नियम- 2026 लागू किए गए हैं और उपायुक्त हेमराज बैरवा इस जिला स्तरीय निजी कोचिंग केंद्र समिति कांगड़ा के अध्यक्ष हैं।
उप निदेशक ने बताया कि जिले में संचालित ऐसे सभी निजी कोचिंग संस्थान, जहां 50 या उससे अधिक विद्यार्थी कोचिंग प्राप्त कर रहे हैं, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना पंजीकरण करवाएं। जिन संस्थानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है अथवा आवेदन प्रस्तुत नहीं किया है, वे बिना किसी विलंब के निर्धारित प्रारूप में अपना आवेदन प्रस्तुत करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के तहत अनिवार्य वैधानिक प्रावधान है। सभी पात्र संस्थानों के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
नियमों के अनुसार प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं, सुरक्षित एवं स्वच्छ परिसर, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन, आपातकालीन व्यवस्थाएं तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित आवश्यक प्रावधान सुनिश्चित किए जाने अपेक्षित हैं। जिला स्तरीय समिति समय-समय पर इन नियमों के अनुपालन की समीक्षा करेगी।
उप निदेशक ने कहा कि जो निजी कोचिंग संस्थान निर्धारित नियमों के अनुरूप पंजीकरण नहीं करवाएंगे अथवा नियमों की अवहेलना करेंगे, उनके विरुद्ध हिमाचल प्रदेश निजी कोचिंग केंद्र (पंजीकरण एवं विनियमन) नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थानों से अपील की कि वे शीघ्र अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। पंजीकरण प्रक्रिया, आवेदन प्रारूप अथवा अन्य आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए संबंधित संस्थान जिला स्तर पर नियुक्त नोडल अधिकारी (उच्च शिक्षा) से संपर्क कर सकते हैं।
उप निदेशक ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के सभी पात्र निजी कोचिंग संस्थान समयबद्ध रूप से अपना पंजीकरण पूरा कर नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
टनल में मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा: 22 मजदूर फंसे, 7 की मौत; देर रात पूरा हुआ रेस्क्यू
उत्तराखंड -
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किलोमीटर लंबी टनल में गुरुवार शाम हुए भू-स्खलन के बाद अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते टनल में मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। देर रात तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मुकेश, प्रदीप पंवार, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र, लकेश्वर और घुनेश्वर के रूप में हुई है। बाहर निकाले गए मजदूरों में 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुआ। टनल के भीतर पानी का रिसाव और भू-स्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा भर गया, जिससे मजदूर अंदर फंस गए। टनल में भरे पानी और मलबे के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। रात 9 बजे तक मौके पर 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27, एसडीआरएफ के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात थे। इसके अलावा सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
सुबाथू में जर्जर मकान हुआ ध्वस्त, गनीमत रही कोई नहीं आया चपेट में
सोलन। सुबाथू क्षेत्र में एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मकान के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मकान गिरने के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। समय रहते बड़ा हादसा टल जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन से क्षेत्र के अन्य जर्जर भवनों का भी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड, बाल-बाल बची एचआरटीसी बस
बिलासपुर/सोलन: बिलासपुर-सोलन सीमा पर भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड होने से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इस दौरान वहां से गुजर रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बाल-बाल बच गई।
गनीमत रही कि बस में सवार सभी यात्री और चालक-परिचालक सुरक्षित हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर सड़क से मलबा हटाने के कार्य में जुट गईं।
टनल में मलबा और पानी भरने से बड़ा हादसा: 22 मजदूर फंसे, 7 की मौत; देर रात पूरा हुआ रेस्क्यू
उत्तराखंड -
उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किलोमीटर लंबी टनल में गुरुवार शाम हुए भू-स्खलन के बाद अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते टनल में मलबा और पानी भर गया, जिससे अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए। देर रात तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मुकेश, प्रदीप पंवार, दुर्लभ शर्मा, विजय, जितेंद्र, लकेश्वर और घुनेश्वर के रूप में हुई है। बाहर निकाले गए मजदूरों में 2 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार हादसा गुरुवार 13 अगस्त को शाम करीब 7 बजे पीपलकोटी के मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुआ। टनल के भीतर पानी का रिसाव और भू-स्खलन होने से भारी मात्रा में मलबा भर गया, जिससे मजदूर अंदर फंस गए। टनल में भरे पानी और मलबे के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। रात 9 बजे तक मौके पर 22 पुलिसकर्मी, एनडीआरएफ के 27, एसडीआरएफ के 42, डीआरएफ के 4 और फायर सर्विस के 9 जवान तैनात थे। इसके अलावा सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीमें गौचर और जोशीमठ से भी घटनास्थल के लिए रवाना की गईं।
भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड, बाल-बाल बची एचआरटीसी बस
बिलासपुर/सोलन: बिलासपुर-सोलन सीमा पर भराड़ीघाट-नालाग के बीच भारी लैंडस्लाइड होने से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इस दौरान वहां से गुजर रही हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की एक बस बाल-बाल बच गई।
गनीमत रही कि बस में सवार सभी यात्री और चालक-परिचालक सुरक्षित हैं। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर सड़क से मलबा हटाने के कार्य में जुट गईं।
सुबाथू में जर्जर मकान हुआ ध्वस्त, गनीमत रही कोई नहीं आया चपेट में
सोलन। सुबाथू क्षेत्र में एक जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मकान के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
मकान गिरने के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। समय रहते बड़ा हादसा टल जाने से लोगों ने राहत की सांस ली। प्रशासन से क्षेत्र के अन्य जर्जर भवनों का भी निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।
लद्दाख का 20 हजार मेगावाट सोलर प्रोजेक्ट हिमालय के लिए बन सकता है खतरा: नाथू राम चौहान
कुल्लू: समाजसेवी एवं पर्यावरणविद् नाथू राम चौहान ने लद्दाख में प्रस्तावित 20 हजार मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि लद्दाख से हरियाणा-राजस्थान तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रस्तावित विशाल ट्रांसमिशन लाइन और हिमालयी क्षेत्र में चल रही बड़ी परियोजनाओं का संयुक्त दबाव हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उनका कहना है कि इससे हजारों किसानों की भूमि प्रभावित हो सकती है और हिमालय इतना अतिरिक्त बोझ सहन नहीं कर पाएगा।
कुल्लू में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नाथू राम चौहान ने कहा कि कीरतपुर-मंडी-मनाली से लद्दाख तक का हिमालयी गलियारा पहले ही भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहा है। ऐसे में क्षेत्र की वहन क्षमता (Carrying Capacity) का वैज्ञानिक आकलन किए बिना बड़े पैमाने पर परियोजनाओं को मंजूरी देना उचित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि लद्दाख के पांग क्षेत्र में 20 हजार मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन और वहां से करीब 900 मील दूर हरियाणा-राजस्थान के कैथल ग्रिड तक बिजली पहुंचाने के लिए विशाल ट्रांसमिशन लाइन प्रस्तावित है। इसके अलावा शिगरी ग्लेशियर के पास चंद्रा नदी का पानी सुरंग के माध्यम से ब्यास नदी में मोड़ने जैसी परियोजनाओं पर भी उन्होंने चिंता जताई।
चौहान ने कहा कि वह बिलासपुर-मनाली-लद्दाख रेल लाइन और सामरिक महत्व की सीमा सड़कों के चौड़ीकरण का समर्थन करते हैं, लेकिन मैदानी क्षेत्रों की जरूरतों के लिए हिमालय में भारी-भरकम बिजली परियोजनाएं स्थापित करना उचित नहीं है, क्योंकि इसका सबसे अधिक असर स्थानीय लोगों और पर्यावरण पर पड़ेगा।
उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में बड़े बांधों, सुरंगों और ट्रांसमिशन लाइनों के संचयी प्रभावों का व्यापक पर्यावरणीय अध्ययन कराने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि मैदानी क्षेत्रों में पहले से मौजूद नहरों के ऊपर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। इससे भूमि अधिग्रहण कम होगा, पर्यावरणीय नुकसान घटेगा और लंबी ट्रांसमिशन लाइनों की आवश्यकता भी कम पड़ेगी।
नाथू राम चौहान ने कहा कि हिमालय देश के जल संसाधनों और पर्यावरण का आधार है। इसलिए यहां किसी भी बड़ी परियोजना को मंजूरी देने से पहले उसके दीर्घकालिक पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों का निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक आकलन किया जाना चाहिए।
हिमाचल का नया मंत्री आज होगा तय! दिल्ली में सुक्खू-वेणुगोपाल की अहम बैठक, मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर फैसला संभव
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति के लिए आज का दिन अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार दिल्ली में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार, मंत्रियों के विभागों में फेरबदल, विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति और कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रदेश मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष का एक-एक पद लंबे समय से खाली है। 21 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इन पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को कैबिनेट में शामिल करने पर लगभग सहमति बन चुकी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री सुक्खू दो वरिष्ठ मंत्रियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर बदलाव के पक्ष में हैं। यदि किसी मंत्री को हटाया जाता है तो ज्वालाजी के विधायक संजय रत्न, पालमपुर के विधायक आशीष बुटेल और अर्की के विधायक संजय अवस्थी में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। वहीं यदि मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होता, तो संजय रत्न या आशीष बुटेल में से किसी एक को विधानसभा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल सकती है।
प्रदेश में विधानसभा उपाध्यक्ष का पद करीब दस महीने से खाली है। विनय कुमार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उनके इस्तीफे से यह पद रिक्त हुआ था। ऐसे में आज की बैठक में इस पद को भरने के साथ-साथ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल पर भी अंतिम मंथन होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि यदि कांग्रेस हाईकमान से मंजूरी मिलती है तो 15 अगस्त के बाद कभी भी नए मंत्री और विधानसभा उपाध्यक्ष की ताजपोशी के साथ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। इसके अलावा कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों को लेकर भी दिल्ली में होने वाली बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
शिक्षा मंत्री ने किया खेल छात्रावास रोहड़ू का उद्घाटन

स्थाई छात्रावास का कार्य जल्द होगा पूरा - रोहित ठाकुर
शिमला -
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज पीएम श्री (आदर्श) राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रोहड़ू में खेल छात्रावास का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोहड़ू खेल छात्रावास की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी और लगभग 25 वर्षों तक यह निजी भवन में संचालित होता रहा। वर्ष 2025 में हिमाचल प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के खाली भवन को खेल छात्रावास के लिए स्वीकृत करवाया गया। उन्होंने कहा कि छात्रावास भवन के त्वरित कायाकल्प के लिए लगभग 21 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें भवन के जीर्णोद्धार पर 11 लाख रुपये, खेल उपकरणों पर 5 लाख रुपये तथा बिस्तर एवं फर्नीचर पर 5.50 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्थाई खेल छात्रावास भवन की परियोजना की संशोधित लागत लगभग 2.5 करोड़ रुपये है। छात्रावास के स्थायी भवन को पूर्ण करने के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही 50 लाख रुपये की राशि जारी की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य को गति प्रदान कर निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में रोहड़ू खेल छात्रावास में फुटबॉल और वॉलीबॉल के प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है तथा दोनों खेलों के लिए 20-20 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि छात्रावास में कबड्डी खेल शुरू करने के लिए भी हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि यहां के छात्रों को कबड्डी खेल में भी इसका लाभ मिल सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहले केवल 08 खेल छात्रावास संचालित होते थे, जबकि वर्तमान सरकार ने इनकी संख्या बढ़ाकर 11 कर दी गई है। इससे प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में खेल को एक बेहतर करियर एवं पेशे के रूप में अपनाया जा सकता है। प्रदेश के युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर रहे हैं तथा खेल कोटे के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में हुआ अभूतपूर्व विकास
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं, जिसका लाभ प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में हजारों रिक्त पदों को भरा गया है तथा कर्मचारियों को समयबद्ध पदोन्नति प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक अकेले शिक्षा विभाग में लगभग 9 हजार पद भरे जा चुके हैं और वर्तमान सरकार का 12 हजार से अधिक पद भरने का लक्ष्य है।
न्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) की रैंकिंग में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचा है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अनुभव बढ़ाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भी भेजा जा रहा है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 150 राजकीय विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध किया गया है, जिससे सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में भी 150 और विद्यालयों को सीबीएसई से संबद्ध करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा विभाग के भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाई गई है तथा विभिन्न विद्यालयों में रिक्त पदों को भी भरा गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बहुउद्देशीय हॉल तथा अतिरिक्त भवन की मांग प्राप्त हुई है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त छौहारा क्षेत्र में सीबीएसई विद्यालय खोलने तथा अन्य रिक्त पदों को भरने संबंधी मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संवाद भी किया। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की कमी, सभागार तथा कबड्डी मैट उपलब्ध करवाने सहित विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न एवं मांगें उनके समक्ष रखीं।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी आधुनिक तकनीकों के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को स्वयं को निरंतर अपडेट करने की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों को ध्यानपूर्वक सुना तथा संबंधित मांगों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

रोहित ठाकुर के शिक्षा मंत्री रहते विस क्षेत्र के विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में आई तेजी - मोहन लाल ब्राक्टा
इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने शिक्षा मंत्री का रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में स्वागत किया तथा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याएं एवं मांगें उनके समक्ष रखीं। उन्होंने कहा कि रोहित ठाकुर को शिक्षा विभाग का दायित्व मिलने के बाद रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने छौहारा विकासखंड में सीबीएसई विद्यालय शुरू करने सहित अन्य मांगों को भी शिक्षा मंत्री के समक्ष रखा।

घ्यान राईका संपर्क सड़क का किया भूमि पूजन
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आज जुब्बल उपमंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरस्वतीनगर में घ्यान राईका संपर्क सड़क का भूमि पूजन भी किया। उन्होंने कहा कि लगभग दो किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर करीब 90 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यह सड़क सरस्वतीनगर, कठासू और बढ़ाल पंचायतों के लोगों के लिए आवागमन तथा बागवानी की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने तथा इसे निर्धारित समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ जल्द मिल सके।

रोहड़ू में सुनी जनसमस्याएं
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के रोहड़ू प्रवास के दौरान परिधि गृह रोहड़ू में स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने लोगों की समस्याएं एवं मांगें सुनी तथा उनके समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

यह रहे उपस्थित
कार्यक्रम में रोहड़ू मंडल अध्यक्ष शिवपाल ठाकुर, जुब्बल-कोटखाई मंडल अध्यक्ष जितेंद्र मेहता, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र रेटका, नगर परिषद रोहड़ू अध्यक्ष प्यारे लाल आजाद, उपाध्यक्ष जितेंद्र चौहान, पार्षदगण, पंचायत समिति अध्यक्ष रोहड़ू ज्ञानपति, एसडीएम रोहड़ू धर्मेश रामौत्रा, अतिरिक्त निदेशक शिक्षा योगेश चौहान, उपनिदेशक शिक्षा लेखराज भारद्वाज, निशा भलूनी, विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत वर्मा, पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
नशे के खिलाफ शिमला पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों ने लिया संकल्प
शिमला। जिला शिमला पुलिस के नशा विरोधी जागरूकता अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिमला गौरव सिंह, आईपीएस ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय छोटा शिमला का दौरा कर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ इसके सामाजिक और मानसिक प्रभावों के बारे में जानकारी दी और नशे से दूर रहने का आह्वान किया।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशे के खिलाफ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति व्यक्त की। एसपी शिमला ने छात्रों से नशे के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ली। जिला शिमला पुलिस की ‘रुस्तम योजना’ के तहत युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
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राज्यपाल से नगर निगम शिमला के महापौर ने की शिष्टाचार भेंट
शिमला। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से गुरुवार को लोक भवन में नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच शिमला शहर के विकास, बुनियादी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्यपाल ने जम्मू के महापौर के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि किसी भी शहर के सतत और सुनियोजित विकास के लिए प्रभावी शहरी नियोजन, बेहतर नागरिक सुविधाएं तथा सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध विरासत और विशिष्ट पहचान के कारण शिमला की वैश्विक स्तर पर अलग पहचान है, इसलिए इसकी सुंदरता और भव्यता को संरक्षित रखते हुए योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
महापौर सुरेंद्र चौहान ने राज्यपाल को नगर निगम शिमला द्वारा शहर में चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों और नई पहलों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज भी उपस्थित रहे।
व्यवस्था परिवर्तन नहीं, कर्मचारियों और युवाओं के   व्यवस्था पतन की सरकार है सुखु सरकार— सुधीर शर्मा 

धर्मशाला के विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार ने चुनाव से पहले युवाओं, कर्मचारियों और आम जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए और सत्ता में आने के बाद उन्हीं वादों से मुंह मोड़ लिया। जिस “व्यवस्था परिवर्तन” का ढोल चुनाव के दौरान पीटा गया था, आज वही व्यवस्था वादाखिलाफी, वित्तीय अव्यवस्था और कर्मचारियों की अनदेखी का पर्याय बनती जा रही है।

उन्होंने कहा कोरोना वॉरियर्स को हटाना—व्यवस्था परिवर्तन का पहला तमाचा था-

जिन कोरोना वॉरियर्स ने महामारी के सबसे कठिन दौर में अपनी जान जोखिम में डालकर प्रदेश की सेवा की, सरकार ने उन्हें ही नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। जिन लोगों ने संकट के समय सरकार और जनता का साथ दिया, उनके साथ ऐसा व्यवहार करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

सुधीर शर्मा ने कहा की चुनाव से पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने युवाओं को सरकारी नौकरियों और 58 वर्ष तक रोजगार की बातें बताईं। लेकिन सत्ता में आने के बाद रोजगार के बड़े वादे कहां चले गए? 
युवाओं के हाथ नौकरी की जगह निराशा आई और विभिन्न “मित्र” श्रेणियों में नियुक्तियों को लेकर सरकार पर भाई-भतीजावाद और राजनीतिक लाभ के आम चर्चा हैं।
यह रोजगार क्रांति है या युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़?

उन्होंने कहा की आज कर्मचारी सवाल पूछे तो सरकार को इतना डर क्यों लगता है सरकार ?

कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठाए तो उसके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई करना किस प्रकार का लोकतंत्र है?

कर्मचारियों की आवाज सुनने के बजाय उन्हें डराने और दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार को याद रखना चाहिए कि कर्मचारी किसी सरकार की निजी संपत्ति नहीं हैं। वे प्रदेश की व्यवस्था की रीढ़ हैं और उन्हें अपनी समस्याएं उठाने का पूरा अधिकार है।

जो सरकार अपने ही कर्मचारियों की आवाज से डर जाए, वह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, व्यवस्था के पतन की निशानी होती है।
 HRTC: कर्मचारी काम करें, लेकिन वेतन के लिए तरसें?

HRTC के कर्मचारी दिन-रात जनता को परिवहन सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन समय पर वेतन न मिलना, ओवरटाइम का भुगतान अटकना और पेंशन में देरी उनकी आर्थिक परेशानियों को बढ़ा रही है।

यह कैसी सरकार है जहां कर्मचारी अपनी मेहनत की कमाई के लिए भी इंतजार करने को मजबूर हैं?

सरकार को यह बताना चाहिए कि कर्मचारियों की जेब खाली है तो सरकार के दावों में खजाना आखिर कहां भरा पड़ा है?

सुधीर शर्मा ने कहा कि OPS पर सरकार का जो दाव है उस पर श्वेत पत्र जारी करने की हिम्मत दिखाए सरकार —

मुख्यमंत्री लगातार OPS लागू करने का दावा करते हैं। यदि यह दावा पूरी तरह सच है तो सरकार को बिना देर किए श्वेत पत्र जारी कर प्रदेश के सामने आंकड़े रखने चाहिए।

कितने कर्मचारियों को OPS का लाभ मिला? कितने कर्मचारी अभी भी इससे बाहर हैं? वास्तविक वित्तीय लाभ कितना मिला?

बयानबाजी से OPS लागू नहीं होता, कर्मचारियों के खाते में उसका लाभ दिखाई देना चाहिए।

सुधीर शर्मा ने पेंशनर्स की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों की जिंदगी भर की कमाई सरकार के पास क्यों अटकी है?

सेवानिवृत्त कर्मचारियों की जमा राशि और अन्य वित्तीय देनदारियों का लंबित रहना बेहद गंभीर विषय है। जिन कर्मचारियों ने अपना पूरा जीवन प्रदेश की सेवा में लगा दिया, उन्हें अपनी ही मेहनत की कमाई के लिए सरकार के सामने हाथ फैलाने की स्थिति में क्यों लाया जा रहा है?

यदि किसी कर्मचारी की ₹30–40 लाख की राशि लंबित है, तो उसके परिवार की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। कई बुजुर्ग कर्मचारी भुगतान का इंतजार करते-करते दुनिया से चले गए—लेकिन सरकार की संवेदनहीन व्यवस्था नहीं जागी।

DA और Pay Commission के एरियर पर चुप्पी क्यों?

कर्मचारियों के लंबित Pay Commission arrears और 15 प्रतिशत DA का मुद्दा लगातार उठता रहा है। सरकार के पास घोषणाओं के लिए शब्द हैं, लेकिन कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए पैसा नहीं?

सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि मंत्रियों और विधायकों के इलाज से जुड़े भुगतान और कर्मचारियों के चिकित्सा दावों में क्या समान नीति लागू होती है। यदि नहीं, तो कर्मचारियों के साथ यह दोहरा मापदंड क्यों?
 
अब जनता को भाषण नहीं, हिसाब चाहिए

सरकार ने चुनाव से पहले रोजगार, OPS और कर्मचारियों के हितों को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे। अब जनता उन वादों का हिसाब मांग रही है।

कोरोना वॉरियर्स का रोजगार, युवाओं की सरकारी नौकरी, HRTC कर्मचारियों का वेतन, पेंशनरों की परेशानी, रिटायर्ड कर्मचारियों की जमा राशि, DA और Pay Commission arrears—हर मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा।

जिसे सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” कह रही है, उसे जनता व्यवस्था की बदहाली के रूप में देख रही है। 

सरकार को अब विज्ञापनों और राजनीतिक बयानों के पीछे छिपने के बजाय श्वेत पत्र जारी कर जनता के सामने पूरा हिसाब रखना चाहिए। आखिर सवाल हिमाचल के कर्मचारियों और युवाओं के भविष्य का है।
नशे से जिंदगियां बर्बाद होने के साथ जानलेवा बीमारियां भी फैल रही, सरकार नाकाम: जयराम ठाकुर

पुलिस ने जो छह करोड़ का नशा पकड़ा, तो उसे मंगवाने वाला सप्लायर कौन है?

प्रदेश में दो साल में एचआईवी के मामलों में लगभग डेढ़ गुना वृद्धि और सुई से संक्रमित होने का आंकड़ा चिंताजनक

शिमला: शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में नशा माफिया पूरी तरह बेकाबू है। नशा रोकने में सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। प्रभावी कार्रवाई करने की बजाय इवेंट और वॉकथॉन का आयोजन किया जा रहा है। परिणाम प्रदेश के सामने है। लोग नशे की चपेट में आ रहे हैं, परिवार के परिवार तबाह हो रहे हैं। सड़कों पर युवा नशे की ओवरडोज से अपनी जान गंवा रहे हैं। प्रदेश में नशा कारोबार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक-एक व्यक्ति से करोड़ों रुपये के नशे के सामान की रिकवरी हो रही है। हाल ही में पुलिस द्वारा छह करोड़ रुपये से ज्यादा का नशे का सामान एक साथ बरामद करने का दावा किया गया। सरकार को यह भी बताना चाहिए कि इतनी बड़ी खेप कौन मंगवा रहा था और इस पूरे नेटवर्क का किंगपिन कौन है? प्रदेश में नशे की इतनी बड़ी-बड़ी खेप यदि पहुंच रही है तो इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में नशा किस कदर व्याप्त है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि हाल ही में सामने आए एचआईवी-एड्स से जुड़े आंकड़े बहुत हैरान करने वाले हैं। इन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बीते दो वर्षों में एचआईवी के मामलों में 1.5 गुना वृद्धि हुई है। इन आंकड़ों में सबसे हैरान करने वाला आंकड़ा यह है कि पिछले एक वर्ष में एचआईवी के मामलों में जो वृद्धि हुई है, उसमें 19 प्रतिशत मामले सिरिंज के बार-बार इस्तेमाल के कारण हुए हैं। अस्पताल और चिकित्सा संस्थानों में सिरिंज का बार-बार उपयोग नहीं होता। तमाम रिपोर्ट बताती हैं कि सिरिंज का बार-बार इस्तेमाल नशा लेने के लिए ही किया जाता है। नशा कर रहे लोग न खुद अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि औरों को भी जानलेवा बीमारी का दंश दे रहे हैं। यह स्थिति बहुत ही घातक है और सरकार इसके लिए जिम्मेदार है, क्योंकि सरकार ने नशे के प्रसार और कारोबार पर रोक लगाने के लिए गंभीरता से प्रयास करने की बजाय सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट का ही काम किया है। बहुत से प्रभावशाली लोगों के नाम भी नशे के कारोबार को संरक्षण देने में सामने आए हैं, लेकिन सरकार द्वारा उन पर कोई प्रभावी कार्रवाई भी नहीं की गई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि नशा प्रदेश के लिए अभिशाप है। आए दिन प्रदेश में हत्या और नशे से होने वाली मौतों की खबरें समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रही हैं। यह सुनकर मन को अपार कष्ट होता है। एक-एक जिंदगी अनमोल है। हम उन्हें नशे की भेंट नहीं चढ़ने दे सकते हैं। इससे मुक्ति के लिए सरकार को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से प्रयास करने चाहिए। भारतीय जनता पार्टी नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई में सरकार के साथ है। प्रदेश के युवाओं से भी अपील है कि नशे से दूर रहने का संकल्प लें तथा औरों को भी प्रेरित करें। जनसहयोग से ही नशे को समूल नष्ट किया जा सकता है।
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शिमला में 24×7 पेयजल परियोजना के पैकेज-10 के कार्यों का किया निरीक्षण
शिमला -
हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास एवं लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला शहर में एसजेपीएनएल की 24×7 निरंतर एवं प्रेशर युक्त पेयजल वितरण परियोजना के अंतर्गत पैकेज-10 में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कच्ची घाटी, बालूगंज, एडवांस स्टडीज, समरहिल और तारा देवी क्षेत्रों का दौरा कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। दौरे के दौरान एसजेपीएनएल, सुएज प्राइवेट लिमिटेड (SUEZ Pvt. Ltd.) तथा टाटा की टीमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एसजेपीएनएल के लिए SUEZ Pvt. Ltd. द्वारा पैकेज-10 के अंतर्गत पाइपलाइन अवसंरचना विकसित करने, पाइपलाइन बिछाने, सड़क पुनर्स्थापन तथा नए जल भंडारण टैंकों के निर्माण सहित विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री को दोनों टीम द्वारा पाइपलाइन नेटवर्क, सड़क पुनर्स्थापन और नए जल भंडारण टैंकों के निर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। विक्रमादित्य सिंह ने मौके पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए शिमला की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत और अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया।
विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित यह परियोजना हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह की पहली परियोजना है। इसका उद्देश्य शिमला शहर में सुरक्षित, विश्वसनीय और निरंतर 24×7 पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा जल वितरण प्रणाली को आधुनिक एवं प्रेशर युक्त नेटवर्क में परिवर्तित करना है। परियोजना के तहत पुरानी पाइपलाइनों को आधुनिक नेटवर्क से बदला जा रहा है। साथ ही आवश्यक स्थानों पर नए जल भंडारण टैंकों का निर्माण, पाइपलाइन अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण तथा कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कों एवं अन्य प्रभावित सतहों का पुनर्स्थापन किया जा रहा है।
पैकेज-10 के अंतर्गत कच्ची घाटी, बालूगंज, एडवांस स्टडीज, समरहिल और तारा देवी क्षेत्रों में किए जा रहे कार्य शिमला शहर की जलापूर्ति अवसंरचना को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस अवसर पर एसजेवीएन तथा जल शक्ति विभाग के अधिकारी, जिला परिषद सदस्य प्रियंका तनवर, नगर निगम पार्षद दलीप ठाकुर एवं किरन शर्मा, प्रधान ग्राम पंचायत बढ़ई महेंद्र पाल, ग्राम पंचायत सांगटी सनहोग चमन ठाकुर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने की दिशा में बड़ी पहल, DPR को मिली स्वीकृति : डॉ. राजीव भारद्वाज

क्षेत्रीय सर्वे और यातायात अध्ययन पूरा, पेशेवर एजेंसी नियुक्त; रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज के सवाल पर दिया जवाब

नई दिल्ली/शिमला, 11 अगस्त। भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉड गेज में परिवर्तित करने का मुद्दा लोकसभा में उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस रेलखंड के गेज परिवर्तन को लेकर यातायात अध्ययन, सर्वेक्षण, निजी अथवा पेशेवर एजेंसी को दिए गए कार्य तथा परियोजना की आगामी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी मांगी।

डॉ. राजीव भारद्वाज के अतारांकित प्रश्न संख्या 612 के लिखित उत्तर में केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा पठानकोट-जोगिंदर नगर नैरो गेज खंड लगभग 200 किलोमीटर लंबा है और इसके गेज परिवर्तन के सर्वेक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक पेशेवर एजेंसी को नियुक्त किया गया है। क्षेत्रीय सर्वेक्षण और यातायात अध्ययन पूरे किए जा चुके हैं तथा अब DPR तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलवे लाइन हिमाचल प्रदेश, विशेषकर कांगड़ा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रेल संपर्क है। इस रेलखंड के आधुनिकीकरण से भविष्य में क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की संभावनाओं को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि DPR की प्रक्रिया शुरू होना इस लंबे समय से उठ रही मांग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय लोगों की आवाजाही सुगम होने के साथ पर्यटन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने उत्तर में यह भी स्पष्ट किया कि DPR तैयार होने के बाद परियोजना को विभिन्न हितधारकों, जिनमें संबंधित राज्य सरकारें भी शामिल हैं, के साथ परामर्श तथा नीति आयोग और वित्त मंत्रालय जैसे संबंधित स्तरों से आवश्यक अनुमोदन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। हितधारकों के साथ परामर्श निरंतर और गतिशील प्रक्रिया होने के कारण फिलहाल परियोजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती।

डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि वह हिमाचल प्रदेश से जुड़े रेल विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी के विषयों को लगातार केंद्र सरकार के समक्ष उठाते रहेंगे। उन्होंने पठानकोट-जोगिंदर नगर रेलखंड के गेज परिवर्तन की DPR प्रक्रिया को स्वीकृति देने और सर्वेक्षण को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया।
शिमला पुलिस का नशा तस्करों के आर्थिक साम्राज्य पर सबसे बड़ा प्रहार, 2.09 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त
शिमला, 11 अगस्त। नशा तस्करी के खिलाफ शिमला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। ज़िला शिमला की ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि पंजाब के बठिंडा से संचालित एक बड़े नशा तस्करी गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब 2.09 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त एवं फ्रीज की है। पुलिस का कहना है कि अब कार्रवाई केवल नशे की बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तस्करों की अवैध कमाई और संपत्तियों पर भी लगातार प्रहार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस मामले की शुरुआत 20 जून को हुई थी, जब शिमला पुलिस की स्पेशल सेल ने गुप्त सूचना के आधार पर कनलोग स्थित एक होम-स्टे में छापेमारी कर बठिंडा निवासी गोपाल कुमार को लगभग 16 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करते हुए इस खेप के पैडलर गुरुवचन उर्फ गुरु को मोहाली से गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 162 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ।
वैज्ञानिक, तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर हुई विस्तृत जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी बठिंडा निवासी दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ के लिए नशा तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने उसे गिरोह का मुख्य सरगना मानते हुए बठिंडा में संयुक्त अभियान चलाकर गिरफ्तार किया।
ASP मेहर पंवर ने बताया कि दीपक कुमार उर्फ कर्णी बराड़ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2023 में एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 100 ग्राम नशीले पदार्थ की बरामदगी, वर्ष 2018 में धारा 354 एवं 354-डी आईपीसी तथा वर्ष 2022 में धारा 188 आईपीसी के तहत मामला शामिल है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले छह महीनों में उसके बैंक खाते में 50 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ।
इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच शुरू की गई, जिसमें आरोपी और उसके सहयोगियों की नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों का पता लगाया गया। पुलिस ने करीब 2.09 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इनमें Fortuner, Endeavour, Tata Safari, Verna, Swift और Jetta जैसी लग्जरी गाड़ियां, S-4 Sports Club, S-4 Car Wash Centre, एक आवासीय मकान तथा बैंक खातों में जमा राशि शामिल है।
ASP मेहर पंवर के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस नशा तस्करों और सप्लायरों से जुड़ी 6.38 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त कर चुकी है, जबकि वर्ष 2025 और 2024 में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यह शिमला पुलिस की अब तक की सबसे प्रभावी वित्तीय कार्रवाई है और वर्ष 2026 में हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिला पुलिस द्वारा नशा तस्करों की अवैध संपत्ति के खिलाफ की गई सबसे बड़ी जब्ती भी है।
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