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jago himachal

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कोटशेरा कॉलेज में CSCA पदाधिकारियों ने ली शपथ, प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश

CSCA अध्यक्ष अरुणाभ शर्मा सहित पदाधिकारियों और अकादमिक सदस्यों ने ग्रहण किया दायित्व, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने का लिया संकल्प

शिमला, 15 अक्टूबर। राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय कोटशेरा, चौड़ा मैदान, शिमला में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स सेंट्रल एसोसिएशन (CSCA) के पदाधिकारियों एवं अकादमिक सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय के निर्देशों के अनुसार मनोनीत CSCA पदाधिकारियों एवं सदस्यों को उनके दायित्वों की शपथ दिलाई। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. वीना शर्मा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया।

नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें युवा : डॉ. गोपाल चौहान

समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उनकी ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, रचनात्मकता, सामाजिक सेवा तथा राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नशा युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। ऐसे में प्रत्येक विद्यार्थी को नशे के विरुद्ध दृढ़ संकल्प लेना चाहिए और अपने साथियों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी स्वयं नशे से दूर रहकर और दूसरों को जागरूक करके समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।

CSCA विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच

प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने CSCA के अध्यक्ष अरुणाभ शर्मा, उपाध्यक्ष नविता और महासचिव नवदिका देवी को शपथ दिलाई। संयुक्त सचिव चेत राम निजी कारणों से शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने सभी नामांकित पदाधिकारियों एवं अकादमिक सदस्यों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे।

उन्होंने कहा कि CSCA विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक मूल्यों, जिम्मेदारी और सामूहिक निर्णय लेने की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। विद्यार्थी जीवन केवल किताबी ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्र चिंतन, आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, सही निर्णय लेने और उन्हें व्यवहार में लागू करने का समय भी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का व्यवहार, अनुशासन और दूसरों के प्रति सम्मान उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को अपने आचरण में सकारात्मकता, अनुशासन और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

पारदर्शिता और अनुशासन के साथ निभाएं जिम्मेदारी

प्राचार्य ने CSCA की नामांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करवाने के लिए चुनाव समिति की सराहना की। उन्होंने छात्रसंघ चुनावों के संदर्भ में लिंगदोह समिति की सिफारिशों, पारदर्शिता, अनुशासन और निर्धारित नियमों के पालन के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी प्रतिनिधियों को अपने पदों का उपयोग व्यक्तिगत हितों के बजाय विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए करना चाहिए। उनकी प्राथमिकता महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और विभिन्न गतिविधियों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना होनी चाहिए। उन्होंने CSCA पदाधिकारियों एवं अकादमिक सदस्यों से अपेक्षा जताई कि वे विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने, महाविद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने तथा शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

अकादमिक सदस्यों सहित विभिन्न गतिविधियों के प्रतिनिधियों ने ली शपथ

समारोह के दौरान अन्य मनोनीत सदस्यों को डॉ. शालिनी चौहान, डॉ. अनुप्रिया शर्मा, डॉ. नितिका गुप्ता, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. पूनम किमटा चौहान, डॉ. यश देश दुल्टा तथा डॉ. अंशु कौशल ने शपथ दिलवाई।

CSCA चुनाव समिति की संयोजक डॉ. अनुप्रिया शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय की ओर से घोषित अकादमिक प्रतिनिधियों में अंतिम वर्ष से सुषमा एवं समृति कौंडल, द्वितीय वर्ष से अनिशा नेगी, तमन्ना एवं कोमल तथा प्रथम वर्ष से खुशी, नेहा शर्मा एवं रितिक ठाकुर शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए हर्ष कुमार एवं भास्कर कपिल, एनसीसी के लिए एसयूओ शान शर्मा एवं यूओ ईशा शर्मा, सोसायटी/क्लब के लिए करण वर्मा एवं दीपक, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के लिए सुजल गौतम एवं निधि तथा एनएसएस के लिए केतन वशिष्ठ एवं रेखा शर्मा को प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया है। इन सदस्यों ने भी समारोह में अपने दायित्वों के निर्वहन की शपथ ली।

समारोह में महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
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17 अक्टूबर को ऊना में भाजपा का कार्यक्रम, डॉ. राजीव बिंदल करेंगे कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन

सेवा संकल्प अभियान के समापन की तैयारियां तेज, विशाल चौहान ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

ऊना। भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेशभर में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के समापन कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 17 अक्टूबर को ऊना में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के साथ विभिन्न कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। अभियान के तहत प्रदेशभर में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क राशन वितरित करने सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियां आयोजित की गई हैं।

हरपाल सिंह सत्ती ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अनेक जनसेवा कार्य किए गए हैं। इनमें रक्तदान शिविर आयोजित करने, अस्पतालों में स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने और गरीब परिवारों को निशुल्क राशन वितरित करने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को अभियान के समापन पर प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में प्रदेश के संयोजकों और संबंधित पदाधिकारियों की भागीदारी रहेगी।

वहीं, भाजपा प्रभारी विशाल चौहान ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित और संगठन आधारित पार्टी है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक मंडल की बैठक हर महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसी क्रम में ऊना विधानसभा क्षेत्र के ऊना और बसदेहड़ा मंडलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस महीने की कार्ययोजना, आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने को लेकर प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की गई।

जिला भाजपा कार्यालय में होगी कार्यशाला

विशाल चौहान ने बताया कि 17 अक्टूबर को ऊना स्थित जिला भाजपा कार्यालय में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। कार्यशाला में ऊना जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख पदाधिकारी और जिम्मेदारी संभाल रहे कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बैठकों और कार्यशालाओं के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

कांग्रेस सरकार पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए विशाल चौहान ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना और सरकार से जवाब मांगना है। उनके अनुसार, कांग्रेस के भीतर भी समय-समय पर असंतोष के स्वर सामने आते रहे हैं। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के बयान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास और जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

विशाल चौहान ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता से कई वादे किए थे। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा इन वादों और उनके क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
हिमाचल के भविष्य के लिए ग्रीन इंजीनियरिंग, जल संरक्षण और कचरा प्रबंधन पर देना होगा जोर : शहरी विकास मंत्री

युवाओं को आधुनिक तकनीक, व्यावसायिक कौशल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने का आह्वान, उपभोक्तावाद पर नियंत्रण और सतत विकास को बताया समय की जरूरत

हिमाचल प्रदेश को आपदाओं के प्रति सक्षम और मजबूत बनाने के लिए केवल कंक्रीट की इमारतों और सड़कों का निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके लिए हरित इंजीनियरिंग, पारिस्थितिक समझ, आपदा से निपटने की तैयारी और सतत पर्वतीय विकास को प्राथमिकता देनी होगी। युवाओं को पर्यावरण विज्ञान, जलवायु नीति, आधुनिक कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आगे आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए। 21वीं सदी में करियर की संभावनाएं तेजी से बदल रही हैं, ऐसे में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल भी विकसित करने होंगे। यह बात शहरी विकास मंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में सफलता हासिल करने के लिए केवल औपचारिक शिक्षा या डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक ज्ञान, व्यावसायिक कौशल और बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी इंजीनियर, डॉक्टर, प्रशासनिक अधिकारी, उद्यमी, पर्यावरणविद् या डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हों, उन्हें आधुनिक तकनीक और नए अवसरों को अपनाने के लिए तैयार रहना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हरित प्रौद्योगिकी, जन स्वास्थ्य और रचनात्मक समस्या समाधान जैसे क्षेत्रों में युवाओं को अपनी क्षमता विकसित करनी होगी।

मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश और देश के भविष्य के नेतृत्वकर्ता होने के नाते युवाओं की जिम्मेदारी केवल व्यक्तिगत करियर में सफलता प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना होगा। युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति सतर्क रहना चाहिए, सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना चाहिए और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करते हुए न्याय एवं समानता के लिए आवाज उठानी चाहिए।

जल संकट और कचरे का निपटान बनेंगे बड़ी चुनौतियां

शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कम उम्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालना उनके लिए भी सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अवसर है। प्रदेश में शहरी विकास से जुड़ी समस्याओं को समझने के दौरान यह महसूस हुआ है कि शिमला सहित हिमाचल प्रदेश के विभिन्न शहरों में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के बीच लगातार टकराव की स्थिति सामने आती है। विशेष रूप से कचरे के निपटान के लिए स्थानों की उपलब्धता और सीवरेज संयंत्रों की स्थापना जैसे मुद्दे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में ताजे पानी का संकट और कचरे का उचित निपटान प्रमुख होंगे। इन समस्याओं से निपटने के लिए अभी से गंभीरता के साथ योजनाबद्ध प्रयास करने की आवश्यकता है। सतत विकास की बात करते समय यह भी समझना होगा कि हम उद्योगों से उत्पादित वस्तुओं का किस प्रकार उपभोग कर रहे हैं और हमारी जीवनशैली का पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है।

बढ़ते उपभोक्तावाद पर नियंत्रण जरूरी

मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी की बढ़ती सुविधा और देश-दुनिया में उपभोक्तावाद के विस्तार के कारण लोग लगातार अधिक वस्तुओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को यह समझना होगा कि आवश्यकताओं और अनावश्यक इच्छाओं के बीच सीमा कहां निर्धारित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही अनावश्यक उपभोग पर नियंत्रण रखना भी आवश्यक है।

उन्होंने आगाह किया कि वस्तुओं की बढ़ती खपत के साथ कचरे की मात्रा भी बढ़ती है, जिससे उसके निपटान की समस्या गंभीर होती जाती है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदार उपभोग, संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल और कचरे के उचित प्रबंधन को जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा।

विद्यार्थियों को कचरा निपटान स्थल का दौरा करने की सलाह

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच कचरा प्रबंधन को लेकर पैदा होने वाले टकराव का उल्लेख करते हुए मंत्री ने विद्यालय के प्रधानाचार्य से आग्रह किया कि समय मिलने पर विद्यार्थियों को शिमला के कचरा निपटान स्थल का दौरा करवाया जाए। इससे विद्यार्थियों को कचरे के निपटान से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को समझने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को व्यावहारिक रूप से जानने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में सीवरेज संयंत्र स्थापित करना भी एक बड़ी चुनौती है। शहरों में रहने वाले लोग स्वच्छ पेयजल चाहते हैं, लेकिन सीवरेज संयंत्रों और कचरा निपटान से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बीच अक्सर मतभेद सामने आते हैं। इन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए पर्यावरणीय संतुलन, जनहित और सतत विकास को ध्यान में रखते हुए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
लाहौल में भारी बर्फबारी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन, रोपसंग नाला के पास फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में जुटी पुलिस

केलंग। हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले में भारी बर्फबारी के बीच पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस का बचाव अभियान लगातार जारी है। केलंग के समीप रोपसंग नाला के पास भारी बर्फबारी और सड़क पर अत्यधिक फिसलन के कारण कई पर्यटकों के वाहन बर्फ में फंस गए। सूचना मिलते ही लाहौल एवं स्पीति पुलिस की स्थानीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में आज सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। प्रतिकूल मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद पुलिस जवान मौके पर डटे हुए हैं। पुलिस टीम फंसे हुए वाहनों और उनमें सवार पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

लगातार हो रही बर्फबारी के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां पेश आ रही हैं, लेकिन पुलिस कर्मी विषम परिस्थितियों में भी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों और पर्यटकों की सहायता तथा सुरक्षा के लिए जवान हर परिस्थिति में मुस्तैद हैं।

लाहौल एवं स्पीति पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारी बर्फबारी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम तथा सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही सफर करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
संजौली में आवारा कुत्तों और ट्रैफिक की समस्या से लोग परेशान, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ ने महापौर के समक्ष उठाए मुद्दे

स्कूलों के बाहर फीडिंग प्वाइंट बनाने पर जताई चिंता, कुत्तों को निर्धारित स्थानों पर खाना खिलाने और बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग

शिमला। संजौली क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या और बाजार में बढ़ते यातायात दबाव को लेकर सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन संजौली के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं को उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से स्कूलों के आसपास आवारा कुत्तों की मौजूदगी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इसके साथ ही संजौली बाजार में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी विजय सनोरिया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के प्रधान विजय शर्मा, उपप्रधान गुप्ता, कैशियर राणा और सदस्य जितेंद्र भी शामिल रहे। इस दौरान उन्होंने महापौर को अपनी संस्था के पंजीकरण की प्रति सौंपी। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था का पंजीकरण हो चुका है। ऐसे में भविष्य में यदि सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कोई योजना या सहायता उपलब्ध होती है, तो एसोसिएशन को इसकी जानकारी देने का आग्रह किया गया, ताकि संस्था के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों तक आवश्यक जानकारी पहुंचाई जा सके।

संजौली में आवारा कुत्तों की समस्या उठाई

विजय सनोरिया ने बताया कि संजौली में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर बनी हुई है। विशेष रूप से मंदिर के आसपास और संजौली बाजार में बड़ी संख्या में कुत्तों के घूमने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुत्तों को खाना खिलाना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए उचित स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए। उन्होंने महापौर से आग्रह किया कि कुत्तों को बाजार और लोगों की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों से दूर निर्धारित फीडिंग प्वाइंट पर खाना खिलाने की व्यवस्था की जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो और कुत्तों को भी भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

स्कूलों के बाहर फीडिंग प्वाइंट से बच्चों की सुरक्षा पर चिंता

एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी ने कहा कि संजौली में एक स्थान पर स्कूल के ठीक बाहर फीडिंग प्वाइंट बनाया गया है, जबकि इसके साथ ही मंदिर भी स्थित है। इस कारण वहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है और आवारा कुत्तों की मौजूदगी से परेशानी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार कुत्ते बच्चों पर झपट पड़ते हैं, जिससे अभिभावकों और स्थानीय लोगों में चिंता बनी रहती है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को विशेष रूप से इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल वरिष्ठ नागरिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि संजौली में पैदल चलने वाले प्रत्येक नागरिक, बच्चों और अन्य लोगों को इससे परेशानी हो रही है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फीडिंग प्वाइंट के लिए उचित स्थान निर्धारित करना जरूरी है।

संजौली बाजार में यातायात नियंत्रित करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने संजौली बाजार में बढ़ते यातायात दबाव का मुद्दा भी महापौर के समक्ष उठाया। विजय सनोरिया ने बताया कि बाजार में ट्रैफिक अधिक होने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए एसोसिएशन की ओर से प्रशासन के विभिन्न अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उपायुक्त (डीसी) से भी बात की गई है। इसके अलावा, एक दिन पहले उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत करवाया गया था। अब इसी मामले को लेकर महापौर और नगर निगम आयुक्त से भी बातचीत की जा रही है, ताकि संजौली में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि प्रशासन और नगर निगम इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान, उचित फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने और संजौली बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
विद्यार्थी शिक्षा के साथ समाज में समानता और बदलाव के वाहक बनें : विक्रमादित्य सिंह

जलवायु परिवर्तन हिमाचल के लिए गंभीर चुनौती, विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी

शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के साथ समाज में समानता, भाईचारे और सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देने के लिए भी आगे आना चाहिए। विद्यालय में विकसित होने वाला भाईचारा और आपसी संबंध जीवनभर अनमोल रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों से आग्रह किया कि समाज से असमानता को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं, ताकि समाज, प्रदेश और देश को आगे बढ़ाया जा सके। वह शिमला स्थित कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी (सीजेएम), चेल्सी के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने लगभग सार्वभौमिक साक्षरता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। यह उपलब्धि समर्पित शिक्षकों, जागरूक अभिभावकों और ज्ञान की शक्ति को समझने वाले विद्यार्थियों के प्रयासों का परिणाम है। हालांकि, साक्षरता केवल शुरुआत है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा का उपयोग समाज, प्रदेश और देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किस प्रकार करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।

उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित विद्यालय में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों और अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि से विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अभी से यह सोचना चाहिए कि वे भविष्य में अपने-अपने क्षेत्रों में किस तरह के बदलाव लाना चाहते हैं। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद समाज में व्याप्त समस्याओं का समाधान करने और विकास की नई संभावनाएं तलाशने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का समाज और अपने क्षेत्र के विकास में योगदान ही राष्ट्र के प्रति उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

लोक निर्माण मंत्री ने जलवायु परिवर्तन को हिमाचल प्रदेश के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ इसकी भौगोलिक संवेदनशीलता को समझना भी जरूरी है। हाल के वर्षों में मानसून के दौरान हुई भारी तबाही और बादल फटने की घटनाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि जलवायु परिवर्तन अब भविष्य की कोई दूर की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका प्रभाव हमारे आसपास दिखाई देने लगा है।

उन्होंने कहा कि करीब दो दशक पहले जब वे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ते थे, तब जलवायु परिवर्तन को सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में एक सामान्य मुद्दे के रूप में पढ़ा जाता था। लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और इसके दुष्परिणाम प्रत्यक्ष रूप से सामने आ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर कुल्लू, मनाली और लाहौल-स्पीति में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है। लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है और घरों के साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में निर्माण कार्यों, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य विकासात्मक गतिविधियों को जारी रखना जरूरी है, लेकिन इसके साथ सतत विकास को प्राथमिकता देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विकास ऐसा होना चाहिए, जो पर्यावरण और प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल हो तथा भविष्य में लोगों के जीवन और संपत्ति के लिए खतरा न बने। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की चुनौतियों को गंभीरता से नहीं समझा गया, तो आने वाले समय में प्रदेश और देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल में हाल में हुई तबाही का उल्लेख करते हुए प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि विकास की योजनाएं तैयार करते समय पर्यावरणीय संतुलन, प्राकृतिक परिस्थितियों और मानवीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
लाहौल में भारी बर्फबारी के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन, रोपसंग नाला के पास फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में जुटी पुलिस

केलंग। हिमाचल प्रदेश के लाहौल एवं स्पीति जिले में भारी बर्फबारी के बीच पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस का बचाव अभियान लगातार जारी है। केलंग के समीप रोपसंग नाला के पास भारी बर्फबारी और सड़क पर अत्यधिक फिसलन के कारण कई पर्यटकों के वाहन बर्फ में फंस गए। सूचना मिलते ही लाहौल एवं स्पीति पुलिस की स्थानीय टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में आज सुबह से ही भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। प्रतिकूल मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद पुलिस जवान मौके पर डटे हुए हैं। पुलिस टीम फंसे हुए वाहनों और उनमें सवार पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

लगातार हो रही बर्फबारी के कारण बचाव कार्य में चुनौतियां पेश आ रही हैं, लेकिन पुलिस कर्मी विषम परिस्थितियों में भी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों और पर्यटकों की सहायता तथा सुरक्षा के लिए जवान हर परिस्थिति में मुस्तैद हैं।

लाहौल एवं स्पीति पुलिस ने लोगों से अपील की है कि भारी बर्फबारी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम तथा सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही सफर करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
17 अक्टूबर को ऊना में भाजपा का कार्यक्रम, डॉ. राजीव बिंदल करेंगे कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन

सेवा संकल्प अभियान के समापन की तैयारियां तेज, विशाल चौहान ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना

ऊना। भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेशभर में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के समापन कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। 17 अक्टूबर को ऊना में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के साथ विभिन्न कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। अभियान के तहत प्रदेशभर में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क राशन वितरित करने सहित विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियां आयोजित की गई हैं।

हरपाल सिंह सत्ती ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अनेक जनसेवा कार्य किए गए हैं। इनमें रक्तदान शिविर आयोजित करने, अस्पतालों में स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध करवाने और गरीब परिवारों को निशुल्क राशन वितरित करने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को अभियान के समापन पर प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम में प्रदेश के संयोजकों और संबंधित पदाधिकारियों की भागीदारी रहेगी।

वहीं, भाजपा प्रभारी विशाल चौहान ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता आधारित और संगठन आधारित पार्टी है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक मंडल की बैठक हर महीने के दूसरे सप्ताह में आयोजित करने की व्यवस्था बनाई गई है। इसी क्रम में ऊना विधानसभा क्षेत्र के ऊना और बसदेहड़ा मंडलों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस महीने की कार्ययोजना, आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने को लेकर प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की गई।

जिला भाजपा कार्यालय में होगी कार्यशाला

विशाल चौहान ने बताया कि 17 अक्टूबर को ऊना स्थित जिला भाजपा कार्यालय में पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। कार्यशाला में ऊना जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रमुख पदाधिकारी और जिम्मेदारी संभाल रहे कार्यकर्ता भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बैठकों और कार्यशालाओं के माध्यम से संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और कार्यकर्ताओं को आगामी कार्यक्रमों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

कांग्रेस सरकार पर लगाए वादाखिलाफी के आरोप

प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए विशाल चौहान ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दायित्व जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाना और सरकार से जवाब मांगना है। उनके अनुसार, कांग्रेस के भीतर भी समय-समय पर असंतोष के स्वर सामने आते रहे हैं। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मंत्री चौधरी चंद्र कुमार के बयान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर प्रदेश के विकास और जनता से किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए।

विशाल चौहान ने कांग्रेस सरकार की चुनावी गारंटियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता से कई वादे किए थे। आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा इन वादों और उनके क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दों को जनता तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
सीजेएम चेल्सी के विद्यार्थियों की मेहनत और प्रतिभा सराहनीय : विक्रमादित्य सिंह

भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद हिमाचल ने हर क्षेत्र में हासिल की प्रगति

शिमला। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने अपनी भौगोलिक और स्थलाकृतिक चुनौतियों के बावजूद निरंतर प्रगति की है। प्रदेश ने साबित किया है कि कठिन परिस्थितियां कभी भी मानवीय महत्वाकांक्षाओं और उपलब्धियों की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। वह शिमला स्थित कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी (सीजेएम), चेल्सी में आयोजित वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और पूरे वर्ष विभिन्न गतिविधियों में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों ने शिक्षा, खेलकूद और पाठ्येतर गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और दृढ़ संकल्प के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि भले ही विद्यालय प्रबंधन प्रत्येक विद्यार्थी को पुरस्कार देकर सम्मानित न कर सके, लेकिन हर विद्यार्थी अपनी मेहनत और उपलब्धियों के लिए सराहना का हकदार है।

मंत्री ने विद्यार्थियों की सफलता में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक पूरे वर्ष विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं। वे केवल शिक्षा देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि परिवार के सदस्यों और अभिभावकों की तरह उनका मार्गदर्शन भी करते हैं। उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और प्रबंधन के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों से उनके योगदान का सम्मान करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी, चेल्सी का गौरवशाली इतिहास रहा है। देवदार के विशाल वृक्षों के बीच स्थित यह प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान कई पीढ़ियों से शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विद्यालय भविष्य में भी अपनी इस गौरवशाली विरासत को कायम रखेगा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है। इससे पहले भी उन्हें विभिन्न अवसरों पर विद्यालय आने का मौका मिला है।

विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल प्रदेश के गठन के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री एवं हिमाचल प्रदेश के संस्थापक डॉ. यशवंत सिंह परमार ने राज्य की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि उस समय हिमाचल प्रदेश को अलग राज्य के रूप में स्थापित करने की राह आसान नहीं थी। स्वतंत्रता के बाद प्रदेश पंजाब प्रांत का हिस्सा था, लेकिन नेताओं के समर्पण, मेहनत और स्पष्ट दृष्टिकोण के कारण हिमाचल प्रदेश एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित हुआ।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां और दुर्गम क्षेत्र हमेशा चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन प्रदेश ने समय के साथ इन चुनौतियों का सामना करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे मेहनत, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं। विद्यार्थियों की उपलब्धियां न केवल उनके परिवार और विद्यालय, बल्कि हिमाचल प्रदेश और पूरे देश का गौरव बढ़ाती हैं।
विश्व मानक दिवस पर सोलन में जागरूकता कार्यक्रम, उपभोक्ताओं को गुणवत्ता मानकों की दी जानकारी

आईएसआई मार्क देखकर ही खरीदें सामान, गुणवत्ता से समझौता न करें उपभोक्ता : राजीव आहूजा

सोलन, 15 अक्तूबर। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की परवाणू शाखा की ओर से विश्व मानक दिवस के उपलक्ष्य में सोलन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन, व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को उत्पादों की गुणवत्ता, मानकों के महत्व तथा गुणवत्ता की जांच के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के चयन के प्रति जागरूक करना और उन्हें उपभोक्ता अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।

कार्यक्रम में आईआईटी रोपड़ के निदेशक राजीव आहूजा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को कोई भी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता की जांच अवश्य करनी चाहिए। उत्पादों पर अंकित आईएसआई मार्क सहित अन्य गुणवत्ता संबंधी चिह्नों और जानकारियों को ध्यानपूर्वक देखना जरूरी है। इससे उपभोक्ता सही उत्पाद का चयन कर सकते हैं और अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में उपलब्ध विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए प्रत्येक उपभोक्ता को सामान खरीदते समय उसकी प्रमाणिकता, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करना कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम के आयोजक एवं भारतीय मानक ब्यूरो की परवाणू शाखा के निदेशक सुभाष चंद्र नायक ने कहा कि विश्व मानक दिवस मनाने का उद्देश्य आमजन, व्यापारियों और उद्योगपतियों को गुणवत्ता मानकों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सामान खरीदते समय आईएसआई मार्क की प्रामाणिकता सुनिश्चित करनी चाहिए और उत्पाद पर अंकित अन्य आवश्यक जानकारियों की भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उत्पाद पर गुणवत्ता चिह्न देखकर संतुष्ट होने के बजाय उसकी प्रमाणिकता की जांच करना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता या निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर उपभोक्ता को संदेह हो, तो वह भारतीय मानक ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवा सकता है। ऐसी शिकायतों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे जागरूक बनें, गुणवत्ता को प्राथमिकता दें और उत्पादों की खरीद के समय निर्धारित मानकों का ध्यान रखें।

गुणवत्तापूर्ण उत्पादों के चयन पर दिया जोर

कार्यक्रम के दौरान उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, मानकीकरण के महत्व और उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने की आवश्यकता के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि गुणवत्ता मानकों का पालन न केवल उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करता है, बल्कि बाजार में विश्वसनीयता बढ़ाने और बेहतर उत्पाद उपलब्ध करवाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समर हिल स्कूल में आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण, विद्यार्थियों ने सीखे जीवन रक्षक कौशल

अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर आयोजित हुई कार्यशाला, 176 विद्यार्थियों सहित 200 प्रतिभागियों ने लिया भाग

शिमला, अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर डूअर्स मानवतावादी संगठन ने हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल के सहयोग से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय समर हिल, शिमला में आपदा तैयारी एवं प्राथमिक उपचार कार्यशाला आयोजित की। मंगलवार को आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों और विद्यालय के कर्मचारियों को आपदा के दौरान सुरक्षित रहने, व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलने, प्राथमिक उपचार देने तथा जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध करवाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए। विद्यालय की प्रधानाचार्य सुषमा कुमारी सहित 176 विद्यार्थियों और 24 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों समेत कुल 200 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया।

यह कार्यशाला विद्यालयों में आपदा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही एसटीईपी4स्कूल्स पहल के दूसरे चरण का हिस्सा थी। इस पहल को डूअर्स द्वारा एम3एम फाउंडेशन के सहयोग तथा डीओसीसी एसपीजेआईएमआर के समन्वय से संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय के कर्मचारियों को आपदा के समय सुरक्षित प्रतिक्रिया देने, प्राथमिक उपचार करने और जीवन रक्षक कौशल में प्रशिक्षित करना है।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को भूकंप जैसी आपदा के समय अपनाए जाने वाले ‘झुको, ढको और पकड़े रहो’ सुरक्षा प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया गया। इसके बाद विद्यालय परिसर से सुरक्षित निकासी के लिए अभ्यास किया गया। विद्यार्थियों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सुरक्षित क्षेत्र तक पहुंचकर अभ्यास पूरा किया। इस गतिविधि के माध्यम से उन्हें आपदा के समय घबराने के बजाय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने, अनुशासित तरीके से बाहर निकलने और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के महत्व की जानकारी दी गई।

इसके पश्चात हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल की टीम ने आपदा तैयारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान भूकंप सहित अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों और प्रभावित व्यक्तियों को समय पर सहायता उपलब्ध करवाने के तरीकों के बारे में बताया गया।

प्रशिक्षण के दौरान किसी व्यक्ति के बेहोश होने की स्थिति में उसकी अवस्था का प्रारंभिक आकलन करने, जीवन के संकेतों की जांच करने तथा हृदय और श्वसन क्रिया दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया यानी सीपीआर सहित बुनियादी जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को एंबुलेंस सहित आवश्यक आपातकालीन सेवाओं के संपर्क नंबरों से भी अवगत करवाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते सहायता प्राप्त की जा सके।

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस प्रतिवर्ष 13 अक्टूबर को मनाया जाता है। वर्ष 2026 की थीम ‘लचीलापन घर से शुरू होता है’ रखी गई है। यह थीम आपदा के जोखिम को कम करने के लिए व्यक्तिगत तैयारी, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व को रेखांकित करती है।

डूअर्स और हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा मोचन बल के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों और विद्यालय के कर्मचारियों को आपदा के समय अधिक जागरूक, सतर्क और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आपदा से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, सही जानकारी और समय पर की गई कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। इन उपायों को अपनाकर आपातकालीन परिस्थितियों में जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।
Students Learn Disaster Preparedness and Life-Saving Skills at Summer Hill School

Doers and HPSDRF jointly organise practical workshop on International Day for Disaster Risk Reduction; 200 participants take part in evacuation drills, first aid and CPR training

Shimla, October , Marking the International Day for Disaster Risk Reduction, Doers, a humanitarian organisation, in collaboration with the Himachal Pradesh State Disaster Response Force (HPSDRF), organised a practical workshop on disaster preparedness, safe evacuation, basic first aid and life-saving assistance at Government Senior Secondary School (GSSS), Summer Hill, Shimla, on October 13, 2026. The workshop focused on equipping students and school staff with essential knowledge and practical skills to respond effectively to emergencies, minimise risks and protect lives during disasters.

A total of 200 participants attended the programme, including 176 students and 24 teaching and non-teaching staff members. The school's Principal, Ms. Sushma Kumari, was also present during the initiative, which aimed to strengthen disaster awareness and preparedness within the school community.

The workshop was organised as part of the second phase of the STEP4Schools initiative, implemented by Doers with the support of M3M Foundation and in coordination with DoCC SPJIMR. The initiative seeks to promote disaster awareness, safe emergency response, first-aid knowledge and life-saving skills among school students and staff. By combining practical demonstrations with hands-on exercises, the programme aims to help educational institutions develop a culture of preparedness and ensure that students understand how to respond safely and responsibly during emergencies.

During the workshop, students practised the 'Drop, Cover and Hold' safety protocol, an important protective measure to be followed during an earthquake. The exercise familiarised students with the basic steps required to protect themselves when the ground begins to shake. Participants were guided on the importance of following safety instructions and taking appropriate protective action rather than panicking during an emergency.

Following the earthquake safety exercise, students participated in a mock evacuation drill within the school premises. They practised moving out of the building in an orderly manner and proceeded towards the designated safe zone, completing the drill according to the prescribed procedure. The exercise provided practical exposure to emergency evacuation, helping students understand the importance of discipline, coordination and adherence to safety instructions when moving towards a secure location.

The mock drill also reinforced the importance of advance preparation in reducing confusion and ensuring a more organised response during disasters. Such exercises are particularly significant in schools, where a clear understanding of evacuation procedures can help students and staff respond more effectively in potentially dangerous situations.

Subsequently, the HPSDRF team conducted a practical training session on disaster preparedness, emergency response and first aid. The team explained essential safety measures to be followed during earthquakes and other emergency situations, along with appropriate ways to respond to people requiring immediate assistance. The session emphasised the importance of remaining alert, assessing situations carefully and providing timely support during emergencies.

Participants were also introduced to the initial assessment of an unconscious person, including checking for signs of life and understanding the basic steps involved in providing immediate assistance. The training covered Cardiopulmonary Resuscitation (CPR) and other fundamental life-saving measures, helping participants understand the importance of timely intervention when dealing with medical emergencies.

In addition, the participants were informed about essential emergency contact numbers, including those for ambulance services. This information was intended to ensure that students and school staff could seek professional assistance promptly whenever required. The session highlighted that awareness of emergency services, combined with basic first-aid knowledge, can play a crucial role in responding effectively to critical situations.

The International Day for Disaster Risk Reduction is observed annually on October 13 to promote awareness and encourage efforts to reduce disaster-related risks. The theme for 2026, "Resilience Starts at Home," highlights the importance of individual preparedness, awareness and community participation in building resilience against disasters. It underlines the need to develop preparedness at the household and community levels so that individuals are better equipped to face emergencies.

The joint initiative by Doers and HPSDRF at GSSS Summer Hill represented a practical effort to strengthen disaster preparedness among students and school personnel. By combining earthquake safety exercises, evacuation drills, first-aid training and life-saving demonstrations, the workshop provided participants with an opportunity to understand the importance of preparedness through practical learning.

The programme conveyed a key message: accurate information, advance preparation and timely action are essential to protecting lives and property during disasters. Strengthening these skills among students and school staff can contribute to creating safer educational environments and more resilient communities.
सब्जी मंडी में 650 करोड़ से बनेगा नगर निगम का कॉम्प्लेक्स, महापौर ने किया निरीक्षण

पहले चरण में 350 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का काम शुरू, दूसरे चरण में खर्च होंगे 300 करोड़ रुपये; नवंबर तक तैयार होगा लिफ्ट पुल

शिमला। महापौर सुरेंद्र चौहान ने सब्जी मंडी में नगर निगम के नए कॉम्प्लेक्स और शहर में चल रहे अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

महापौर ने बताया कि सब्जी मंडी में नगर निगम के नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। परियोजना के पहले चरण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 300 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे। इस तरह पूरी परियोजना पर लगभग 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में नगर निगम के विभिन्न विभागों के कार्यालयों के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और करीब 1,000 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, कॉम्प्लेक्स में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों की कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इससे यह परिसर शहर की जरूरतों को पूरा करने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करेगा।

महापौर ने बताया कि कांग्रेस भवन के पास निर्माणाधीन लिफ्ट पुल को नवंबर तक तैयार कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कार्य में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को जल्द सुविधा मिल सके।

वहीं, आजीविका भवन में पानी के रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए भी काम किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि इस समस्या के समाधान का कार्य अगले 8 से 10 दिनों में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में विकास कार्यों के साथ लोगों की अन्य छोटी-मोटी मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सब्जी मंडी में 650 करोड़ से बनेगा नगर निगम का कॉम्प्लेक्स, महापौर ने किया निरीक्षण

पहले चरण में 350 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का काम शुरू, दूसरे चरण में खर्च होंगे 300 करोड़ रुपये; नवंबर तक तैयार होगा लिफ्ट पुल

शिमला। महापौर सुरेंद्र चौहान ने सब्जी मंडी में नगर निगम के नए कॉम्प्लेक्स और शहर में चल रहे अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और संबंधित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

महापौर ने बताया कि सब्जी मंडी में नगर निगम के नए कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। परियोजना के पहले चरण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में 300 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जाएंगे। इस तरह पूरी परियोजना पर लगभग 650 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कॉम्प्लेक्स में नगर निगम के विभिन्न विभागों के कार्यालयों के साथ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और करीब 1,000 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा, कॉम्प्लेक्स में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों की कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इससे यह परिसर शहर की जरूरतों को पूरा करने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी प्रदर्शित करेगा।

महापौर ने बताया कि कांग्रेस भवन के पास निर्माणाधीन लिफ्ट पुल को नवंबर तक तैयार कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कार्य में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को जल्द सुविधा मिल सके।

वहीं, आजीविका भवन में पानी के रिसाव की समस्या को दूर करने के लिए भी काम किया जा रहा है। महापौर ने कहा कि इस समस्या के समाधान का कार्य अगले 8 से 10 दिनों में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में विकास कार्यों के साथ लोगों की अन्य छोटी-मोटी मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा और उन्हें पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
Video 15
स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹45 हजार के बिल पहुंचे ₹1 लाख पार: रवि ठाकुर

जिस्पा-दारचा में स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर बिजली बिलों की जांच और सेस-टैक्स में पारदर्शिता की मांग उठाई

जिस्पा-दारचा, लाहौल-स्पीति। लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रवि ठाकुर ने जिस्पा-दारचा मंडल में महिला मंडलों, युवाओं और स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर स्मार्ट मीटर से बढ़ते बिजली बिलों तथा हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से लगाए जा रहे विभिन्न सेस और टैक्स का मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान स्थानीय लोगों ने बिजली बिलों में कथित तौर पर हो रही भारी बढ़ोतरी पर चिंता जताते हुए समस्या के समाधान की मांग की।

बैठक में स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि कुछ मामलों में पहले लगभग ₹45,000 तक आने वाले बिजली बिल स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹1 लाख से भी अधिक पहुंच गए हैं। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए रवि ठाकुर ने संबंधित अधिशासी अभियंता से बातचीत की और बिजली बिलों, मीटर रीडिंग तथा अतिरिक्त शुल्कों की जांच करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जांच के माध्यम से उपभोक्ताओं को वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए और उनकी शिकायतों का उचित समाधान किया जाना चाहिए।

रवि ठाकुर ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सुविधा के बिलों में असामान्य बढ़ोतरी आम जनता के लिए चिंता का विषय है। बिजली विभाग को उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्षता से जांच करनी चाहिए। यदि बिलों में किसी प्रकार की त्रुटि या अनियमितता पाई जाती है, तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली बिलों की गणना, मीटर रीडिंग और लगाए गए अतिरिक्त शुल्कों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार का संशय न रहे।

उन्होंने स्मार्ट मीटर के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के फैसले और लागू नियमों के अनुरूप उपभोक्ताओं को उपलब्ध विकल्पों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की। रवि ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार और बिजली विभाग को इस विषय पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को अपने अधिकारों और उपलब्ध विकल्पों के बारे में सही जानकारी मिल सके।

रवि ठाकुर ने प्रदेश सरकार की ओर से बिजली बिलों में लगाए जा रहे विभिन्न सेस और टैक्स पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक अतिरिक्त शुल्क का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को पता चल सके कि उनसे किस मद में कितना शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने से पहले सरकार को पारदर्शिता और जनहित का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति के लोगों की समस्याओं को उठाना और उनके हितों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। स्थानीय लोगों की शिकायतों को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा, ताकि बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं का उचित समाधान सुनिश्चित हो सके।

रवि ठाकुर ने स्पष्ट किया कि जनता की आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है और उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर वह लगातार आवाज उठाते रहेंगे।
त्रिभाषा सूत्र से समृद्ध होगी भारतीय संस्कृति : सतप्रकाश बंसल

‘अक्षर से आदमबोध तक’ पुस्तक के माध्यम से युवाओं को मातृभाषा, संस्कृति और अपनी जड़ों से जोड़ने का संदेश

शिमला। हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत त्रिभाषा सूत्र का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को समृद्ध करना और भाषा के माध्यम से देश की संस्कृति को विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ‘अक्षर से आदमबोध तक’ केवल एक पुस्तक नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अपनी मातृभाषा, संस्कृति और देश की जड़ों से जोड़ने का संदेश है।

प्रो. सतप्रकाश बंसल ने बताया कि इस पुस्तक को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप त्रिभाषा सूत्र को लागू करने और भारतीय भाषाओं के महत्व को समझाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों, जिनमें चीन, फ्रांस और जापान शामिल हैं, ने अपनी भाषा की ताकत के आधार पर विकास किया है। ऐसे में भारत में भी अपनी भाषाओं को बढ़ावा देना और उनके माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चा जन्म से ही अपनी मां और आसपास के वातावरण से सीखना शुरू कर देता है। जीवन के शुरुआती वर्षों में उसे मां से भाषा, संस्कार और संस्कृति मिलती है। ऐसे में जब बच्चे को उसकी मातृभाषा और परिचित परिवेश से अलग भाषा में शिक्षा दी जाती है, तो कई बार उसके लिए उस वातावरण से जुड़ना मुश्किल हो जाता है। इसका असर उसकी अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़ाव पर भी पड़ सकता है।

प्रो. बंसल ने कहा कि भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं को समृद्ध बनाने की दिशा में भी गंभीर प्रयास किए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य के तहत उन्हें हिंदी और डोगरी भाषाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रिभाषा सूत्र का उद्देश्य किसी भाषा को थोपना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं और मातृभाषाओं को प्रोत्साहित करना है, ताकि युवा अपनी भाषा और सांस्कृतिक पहचान पर गर्व कर सकें।

उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इस पुस्तक के संबंध में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता को जानकारी दी, तो राज्यपाल ने लोक भवन में इसका लोकार्पण करने की इच्छा जताई। उन्होंने पुस्तक के लोकार्पण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं तक अपनी भाषा और संस्कृति के महत्व का संदेश पहुंचाने में सहायक होगी।

प्रो. बंसल ने कहा कि जब देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं को अपनी भाषाओं, सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़कर ही विकास की इस यात्रा को मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘अक्षर से आदमबोध तक’ पुस्तक इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राहुल गांधी झूठे आरोपों की राजनीति छोड़ें, लोकतंत्र में आरोपों के साथ प्रमाण देना भी जरूरी : श्रीकांत शर्मा

2019 की गलतियों से कांग्रेस ने नहीं लिया सबक, चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना बंद करें राहुल गांधी : श्रीकांत शर्मा

शिमला। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार चुनावी पराजय का सामना कर रही है, लेकिन राहुल गांधी अपनी राजनीतिक कार्यशैली में सुधार करने के बजाय बार-बार चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस को जनता का विश्वास हासिल करने के लिए आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाकर जनता को परेशान तो किया जा सकता है, लेकिन जनता का विश्वास और चुनावी विजय हासिल नहीं की जा सकती।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक राजनीतिक दल और नेता को सवाल उठाने तथा आरोप लगाने का अधिकार है, लेकिन आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हैं, लेकिन जब उनसे प्रमाण मांगे जाते हैं तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाते। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक जवाबदेही और प्रमाण आधारित सार्वजनिक चर्चा अत्यंत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस नेतृत्व को समझना चाहिए कि केवल आरोपों को दोहराने से वे सत्य सिद्ध नहीं हो जाते।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राहुल गांधी ने 'चौकीदार चोर है' का नारा देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान चलाया था, लेकिन चुनाव परिणामों में जनता ने कांग्रेस को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उस समय भी कांग्रेस नेतृत्व ने सकारात्मक राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने के बजाय आरोपों की राजनीति को प्राथमिकता दी थी। शर्मा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी आज भी उसी राजनीतिक रणनीति को दोहरा रहे हैं और चुनावी पराजय के वास्तविक कारणों का विश्लेषण करने के बजाय दूसरों को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व लंबे समय से राहुल गांधी को पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, लेकिन लगातार चुनावी चुनौतियों के बावजूद संगठन और राजनीतिक रणनीति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस बार-बार राहुल गांधी की राजनीतिक री-लॉन्चिंग का प्रयास करती है, लेकिन प्रत्येक चुनावी चुनौती के बाद पार्टी को नए सिरे से अपनी रणनीति समझाने की आवश्यकता पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब आत्मचिंतन करना चाहिए कि कांग्रेस का जनाधार मजबूत करने के लिए केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय संगठनात्मक स्तर पर क्या सुधार आवश्यक हैं।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर किसी भी प्रकार की आपत्ति उठाने के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। यदि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी के पास मतदाता सूची में अनियमितताओं के प्रमाण हैं, तो उन्हें संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन करना राजनीतिक अधिकार है, लेकिन आम नागरिकों को अनावश्यक असुविधा पहुंचाने या बिना पर्याप्त प्रमाण के चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने से बचना चाहिए।

श्रीकांत शर्मा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और सत्यापन की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित करना तथा अपात्र या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों की विधिसम्मत जांच करना है। उन्होंने दावा किया कि सत्यापन के दौरान कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें संबंधित व्यक्तियों के नाम या पते की पुष्टि नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना निर्धारित प्रक्रिया और उचित अवसर के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।

शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे किन विशिष्ट मामलों में मतदाता सूची की प्रक्रिया पर आपत्ति जता रहे हैं और उनके पास उसके समर्थन में कौन-से दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता चुनावी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सभी राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया में रचनात्मक सहयोग देना चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो उसके लिए कानूनी उपाय उपलब्ध हैं और ऐसे मामलों का तथ्यात्मक समाधान होना चाहिए।

भाजपा प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस को चुनावी पराजय के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों, कार्यक्रमों और संगठनात्मक कार्यप्रणाली की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम निर्णय मतदाता करते हैं और प्रत्येक राजनीतिक दल को जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

श्रीकांत शर्मा ने राहुल गांधी से आत्मचिंतन करने का आग्रह करते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति से आगे बढ़कर ठोस तथ्यों, सकारात्मक कार्यक्रमों और जनता से सीधे संवाद पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा के पक्ष में है।
नालागढ़ के गुरु कुंड में मिला अज्ञात महिला का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

नालागढ़। नालागढ़ के रामशहर मार्ग पर स्थित गुरु कुंड में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कुंड से बाहर निकालकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ सिविल अस्पताल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, गुरु कुंड में महिला का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुंड से बाहर निकाला गया। मृतक महिला की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

फिलहाल महिला की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस हत्या और आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
नालागढ़ के गुरु कुंड में मिला अज्ञात महिला का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

नालागढ़। नालागढ़ के रामशहर मार्ग पर स्थित गुरु कुंड में एक अज्ञात महिला का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कुंड से बाहर निकालकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ सिविल अस्पताल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, गुरु कुंड में महिला का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुंड से बाहर निकाला गया। मृतक महिला की उम्र करीब 50 वर्ष बताई जा रही है, हालांकि अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है।

फिलहाल महिला की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस हत्या और आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
सरकारी हेलीकॉप्टर को साइकिल की तरह इस्तेमाल कर रहे मुख्यमंत्री सुक्खू, कांग्रेस के कार्यक्रमों के लिए जनता के पैसे के इस्तेमाल का दें हिसाब : राजिंदर राणा

दिल्ली की एक हाई-टी पर 11 लाख रुपये खर्च होने का दावा गंभीर, सरकार सार्वजनिक करे हेलीकॉप्टर की लॉगबुक और उड़ानों का पूरा ब्यौरा : राजिंदर राणा

हमीरपुर, 14 अक्टूबर 2026, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता राजिंदर राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग और प्रदेश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार के हेलीकॉप्टर को साइकिल समझ लिया है और उसका इस्तेमाल इस प्रकार कर रहे हैं, जैसे कोई व्यक्ति साइकिल पर सवार होकर अपने पड़ोस में आता-जाता हो। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सरकारी हेलीकॉप्टर प्रदेश के प्रशासनिक एवं विकास संबंधी कार्यों के लिए उपलब्ध है या कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों और रैलियों में शामिल होने के लिए।

राजिंदर राणा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राओं और सरकारी हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल ने अनेक गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच मुख्यमंत्री के बार-बार दिल्ली आने-जाने की जानकारी सामने आई है। उनके अनुसार, कुछ अवसरों पर मुख्यमंत्री दिल्ली में राजनीतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद शिमला लौटे और फिर दोबारा दिल्ली गए। राणा ने कहा कि सरकार को इन सभी यात्राओं का उद्देश्य, उड़ानों की संख्या, यात्रियों का विवरण और सरकारी खजाने पर आए वास्तविक खर्च की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।

राणा ने दावा किया कि मुख्यमंत्री एक अवसर पर रात लगभग साढ़े नौ बजे दिल्ली से शिमला लौटे, अपने सरकारी निवास ओकओवर में ठहरे और अगले दिन दोपहर से पहले फिर दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह यात्रा दिल्ली में आयोजित एक हाई-टी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए की गई थी। राणा ने कहा कि इस यात्रा पर लगभग 11 लाख रुपये खर्च होने की बात सामने आ रही है और यदि यह आंकड़ा सही है तो सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस आधार पर सरकारी संसाधनों का उपयोग किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत हो गई है कि राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा सकते हैं।

भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री को सरकारी हेलीकॉप्टर इस्तेमाल करने का अधिकार है और आवश्यक सरकारी कार्यों, प्रशासनिक बैठकों, आपात परिस्थितियों तथा प्रदेश के विकास से जुड़े कार्यों के लिए उसका उपयोग पूरी तरह उचित है। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के मंत्रियों से हिमाचल के लिए आर्थिक सहायता मांगते हैं, विकास परियोजनाओं की पैरवी करते हैं या प्रदेशहित के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए बैठक करते हैं, तो उस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन यदि सरकारी हेलीकॉप्टर का उपयोग कांग्रेस पार्टी की रैलियों, आंदोलनों और राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए किया गया है, तो सरकार को उसका औचित्य स्पष्ट करना होगा।

राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं और उन्हें अपने पद की गरिमा तथा सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शनों में मुख्यमंत्री की भागीदारी पर भी सवाल उठाए। राणा ने कहा कि किसी भी संवैधानिक संस्था के निर्णयों से असहमति व्यक्त करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में सरकारी संसाधनों के उपयोग और पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच स्पष्ट अंतर होना चाहिए।

राजिंदर राणा ने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार लगातार आर्थिक संकट और संसाधनों की कमी का हवाला देती है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री की यात्राओं तथा सरकारी सुविधाओं पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश के अनेक सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों को टांके लगाने का सामान, ग्लूकोज की बोतलें और यहां तक कि ग्लव्स जैसी आवश्यक वस्तुएं भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा सामग्री उपलब्ध नहीं है, तो सरकार को सबसे पहले स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

राणा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक मांगों तथा लंबित देनदारियों को लेकर भी सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को अपने ही सामान्य भविष्य निधि अर्थात जीपीएफ से धन निकालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दीपावली का त्योहार नजदीक है और अनेक कर्मचारी अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं, घर के निर्माण, मरम्मत तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए अपनी बचत पर निर्भर रहते हैं। ऐसे समय में यदि जीपीएफ निकासी पर प्रतिबंध या प्रशासनिक बाधाएं हैं, तो सरकार को तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश की अनेक सड़कों की स्थिति चिंताजनक है और जनता सड़क मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं तथा बुनियादी सेवाओं को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिकता तय करनी होगी कि सीमित संसाधनों का उपयोग जनता की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए किया जाए या अनावश्यक खर्चों पर। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए और मांग की कि सरकार कार्यालयों के नवीनीकरण, सजावट तथा अन्य सुविधाओं पर हुए व्यय का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करे।

राजिंदर राणा ने मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्राओं के दौरान ठहरने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में सरकारी अतिथि गृहों के बजाय महंगे होटलों में ठहरने को लेकर विवाद सामने आए थे। उन्होंने कहा कि सरकार को मुख्यमंत्री एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की यात्राओं, आवास और संबंधित खर्चों का विवरण सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को यह नहीं भूलना चाहिए कि सरकारी हेलीकॉप्टर, सरकारी आवास, सरकारी वाहन और अन्य सभी सुविधाएं जनता के धन से संचालित होती हैं। इनका उपयोग नियमों के अनुसार और सार्वजनिक हित में होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक मुख्यमंत्री की सभी हेलीकॉप्टर यात्राओं की लॉगबुक, उड़ान का उद्देश्य, प्रत्येक यात्रा का वास्तविक खर्च, यात्रियों की सूची और संबंधित स्वीकृतियों का विवरण सार्वजनिक करे।

राजिंदर राणा ने कहा कि सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि राजनीतिक कार्यक्रमों से संबंधित यात्राओं का खर्च किस मद से वहन किया गया और क्या किसी खर्च की प्रतिपूर्ति संबंधित राजनीतिक दल द्वारा की गई है। उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब दस्तावेजों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर दिया जाना चाहिए।

भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके टैक्स का पैसा कहां और किस उद्देश्य से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार की खर्च संबंधी प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय सरकारी खर्चों में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए और स्वास्थ्य सेवाओं, कर्मचारी हितों तथा सड़क अधोसंरचना को प्राथमिकता देनी चाहिए।

राजिंदर राणा ने अंत में कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू को सरकारी हेलीकॉप्टर को व्यक्तिगत या राजनीतिक सुविधा का साधन समझने के बजाय प्रदेशहित के कार्यों तक उसका उपयोग सीमित रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सार्वजनिक धन के उपयोग को लेकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित खर्चों तथा यात्राओं का आधिकारिक रिकॉर्ड भी मांगेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता सरकार के प्रत्येक निर्णय और खर्च पर नजर रख रही है तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सरकार से जवाबदेही की अपेक्षा करती है।
नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन को प्रतिष्ठित डब्ल्यूएसओ-इंडिया प्लेटिनम अवार्ड से नवाज़ा गया

झाकड़ी, 14 अक्टूबर, 2026। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक  भूपेंद्र गुप्ता ने जानकारी दी कि एसजेवीएन के   और  देश के सबसे बड़े भूमिगत 1500 मेगावाट नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन (एनजेएचपीएस) ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए प्रतिष्ठित वर्ल्ड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएसओ) ओएचएस एंड ई अवार्ड 2026 के अंतर्गत “मोस्ट आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस – प्लैटिनम 5-स्टार ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र 2026” प्राप्त किया है।
यह प्रतिष्ठित सम्मान वर्ल्ड सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन–इंडिया के मूल्यांकनकर्ता द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण तथा तत्पश्चात डब्ल्यूएसओ के निर्णायक मंडल द्वारा किए गए अंतिम मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किया गया।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह सम्मान एनजेएचपीएस की टीम के निरंतर प्रयासों, कार्यस्थल पर उच्च सुरक्षा मानकों को बनाए रखने, व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता तथा दैनिक कार्यप्रणाली में सुरक्षा को अभिन्न अंग बनाने के संकल्प का प्रमाण है।
मुंबई में  कल 13 अक्तूबर को आयोजित डब्ल्यूएसओ-इंडिया के 5वें राज्य स्तरीय ओएचएस एंड ई पुरस्कार समारोह में एनजेएचपीएस के महाप्रबंधक  सोनी कुमार ने स्टेशन की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया।
 अध्यक्ष महोदय ने परियोजना प्रमुख राजीव कपूर को इस उत्कृष्ट उपलब्धि अवार्ड के लिए बधाई दी और कहा कि नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित करने की परंपरा से सदैव सभी को आश्चर्यचकित करता रहा है l
Nathpa Jhakri Hydropower Station Wins Prestigious WSO-India Platinum Award for Outstanding Performance

1500 MW underground hydropower station recognised for excellence in workplace safety, occupational health and environmental protection

Jhakri, October : The 1500 MW Nathpa Jhakri Hydropower Station (NJHPS), operated by SJVN and recognised as the country's largest underground hydropower station, has achieved another significant milestone by receiving a prestigious national-level recognition for its outstanding performance in occupational health, safety and environmental management.

SJVN Chairman and Managing Director Bhupendra Gupta informed that NJHPS has been honoured with the “Most Outstanding Performance – Platinum 5-Star Trophy and Certificate 2026” under the prestigious World Safety Organization (WSO) Occupational Health, Safety and Environment (OHS&E) Awards 2026. The recognition highlights the station's continued commitment to maintaining high standards of workplace safety, promoting occupational health and ensuring environmental protection.

The prestigious award was conferred following a comprehensive assessment process that included an on-site inspection conducted by an evaluator from World Safety Organization–India, followed by a final evaluation by the WSO jury. The recognition reflects the station's systematic approach towards workplace safety, its emphasis on safe working practices and its commitment to integrating safety into everyday operations.

Expressing his happiness over the achievement, SJVN Chairman and Managing Director Bhupendra Gupta said that the award was a testament to the sustained efforts, dedication and collective commitment of the NJHPS team. He emphasised that maintaining high safety standards at the workplace, ensuring occupational health and protecting the environment remained integral to the station's operational philosophy.

He further highlighted that making safety an inseparable part of daily operations was essential to achieving excellence in the hydropower sector. The recognition reflects the team's continued efforts to uphold established safety practices while maintaining a strong focus on occupational health and environmental responsibility.

The award was received on behalf of Nathpa Jhakri Hydropower Station by General Manager Soni Kumar at the 5th State-Level OHS&E Awards Ceremony organised by WSO-India in Mumbai on October 13, 2026.

Congratulating Project Head Rajiv Kapoor and the entire NJHPS team on this outstanding achievement, Bhupendra Gupta appreciated their continued dedication and commitment to operational excellence. He observed that Nathpa Jhakri Hydropower Station had consistently maintained its distinguished reputation through exemplary performance and a tradition of setting new benchmarks.

The Platinum 5-Star recognition marks another important achievement for NJHPS, reinforcing its commitment to workplace safety, occupational health and environmental protection while further strengthening SJVN's pursuit of excellence in the hydropower sector.
हिमाचल में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगी आम आदमी पार्टी, टिकट में भी मिलेगा प्रतिनिधित्व

आप प्रभारी ऋतुराज झा बोले—दिल्ली, पंजाब और गुजरात की तर्ज पर हिमाचल में भी महिलाओं को मिलेगा उचित प्रतिनिधित्व

शिमला। आम आदमी पार्टी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज झा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पार्टी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली, पंजाब और गुजरात में महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ाने का काम किया है और हिमाचल प्रदेश में भी इसी दिशा में कदम उठाए जाएंगे। आगामी विधानसभा चुनाव में महिलाओं को टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में महिलाओं को अधिक टिकट देती है। हालांकि, हिमाचल में महिलाओं को कितने टिकट दिए जाएंगे, इस बारे में विस्तृत जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी जाएगी।

ऋतुराज झा ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता पक्ष का विरोध करना नहीं है, बल्कि देश, समाज और जनता के हित में लिए गए फैसलों का समर्थन करना है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने महिला आरक्षण विधेयक, तीन तलाक कानून और अनुच्छेद 370 को हटाने से संबंधित विधेयक का समर्थन किया था। उनके अनुसार, पार्टी देशहित को सर्वोपरि रखती है और राजनीतिक मतभेदों को देशहित के आड़े नहीं आने देती।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी देशभक्त और ईमानदार लोगों की पार्टी है। पार्टी के लिए देश सबसे पहले है और राजनीति बाद में आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है और आम आदमी पार्टी इस बात को गंभीरता से मानती है।

दिल्ली में पार्टी की सरकार के दौरान महिला विधायकों का उदाहरण देते हुए ऋतुराज झा ने कहा कि पार्टी ने महिलाओं को चुनाव लड़ने और विधानसभा तक पहुंचने के अवसर दिए। उन्होंने प्रमिला टोकस, वंदना कुमारी, राखी बिड़ला, आतिशी मार्लेना और सरिता सिंह सहित महिला विधायकों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी अनमोल गगन मान सहित कई महिलाओं ने राजनीति में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है।

हिमाचल प्रदेश में महिलाओं को टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब पार्टी महिलाओं को टिकट देती है, तभी वे विधानसभा तक पहुंचती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह आम आदमी पार्टी ने दिल्ली, पंजाब और गुजरात में महिलाओं की भागीदारी को महत्व दिया है, उसी तरह हिमाचल प्रदेश में भी महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व इस विषय पर अधिक विस्तार से जानकारी देगा।