समाहरणालय पूर्णिया
जनसंपर्क कार्यालय प्रेस ,
विज्ञप्ति 1304,
दिनांक-08.09.2026.
==================
पंद्रह दिवसीय लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन।
पूर्णिया। कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन पूर्णिया के तत्वावधान में आयोजित पंद्रह दिवसीय लोकगीत एवं लोकनृत्य प्रशिक्षण कार्यशाला का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पूर्णिया के जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० उपस्थित थे।
समापन समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत आकर्षक लोकगीत एवं लोकनृत्य कार्यक्रमों के साथ हुआ।
कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं ने बिहार की समृद्ध लोक सांस्कृतिक परंपराओं से संबंधित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा समापन समारोह में अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की लोककला, लोकगीत एवं लोकनृत्य हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति से जोड़ने तथा विलुप्तप्राय लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपनी प्रतिभा को निरंतर विकसित करने और लोककला की इस समृद्ध विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री पंकज कुमार पटेल ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय का निरंतर प्रयास है कि जिले की लोक कला, लोकगीत एवं लोकनृत्य की परंपराओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि इस पंद्रह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवी कलाकारों से प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा को और बेहतर ढंग से विकसित कर सकेंगे।
इस पंद्रह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में लोकगीत का प्रशिक्षण प्रसिद्ध लोकगीत कलाकार चांदनी शुक्ला द्वारा तथा लोकनृत्य का प्रशिक्षण आम्रपाली पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ कलाकार अमित कुमार द्वारा दिया गया।
दोनों प्रशिक्षकों ने लगातार पंद्रह दिनों तक प्रतिभागियों को लोकगीत एवं लोकनृत्य की विभिन्न बारीकियों का प्रशिक्षण दिया।
उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षुओं ने पारंपरिक लोक विधाओं को सीखते हुए उत्कृष्ट प्रस्तुतियां तैयार कीं।
समापन समारोह में प्रशिक्
4 views | Purnia, Bihar | Sep 9, 2026