अब सरकारी स्कूल के बच्चे भी किसी से कम नहीं हैं
अगले 10 साल के अंदर लोग सरकारी विद्यालयों में प्रवेश के लिए भी सिफारिश के लिए दौड लगाते दिखेंगे
यदि शिक्षक फालतू के 50 काम को छोड़कर केवल पढ़ाई कराए
जोभी फालतू के काम हैं उनके लिए या तो अलग से कर्मी रखे जाएं या फिर अन्य विभाग जहां उनके कर्मी 100% ठलुआ बैठे रहते हैं उनको जनगणना,मतगणना,मतदाता बनाना,सहित जितने भी गैर शैक्षणिक कार्य हैं उन्हें शीघ्र समाप्त किया जाए अथवा जब अन्य विभाग के कर्मी कम पड जाएं तब शिक्षक लगाए जाएं
सरकारें अपने सभी विद्यालयों को अच्छी साज-सज्जा और कायाकल्प मिशन को वाकई में असली धरातल पर उतारे से पूर्व कठोर कार्रवाई भी जारी रखें
आपरेशन कायाकल्प के नाम पर भी बडा गडबडझाला किया जाता है
इसके कायाकल्प का जिम्मा व धनराशि सीधे अध्यापक के जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए ताकि जहां और जिस जगह पर जरूरत हो वहां उपयोग कर सूरत बदली जा सके
लेकिन जब से आपरेशन कायाकल्प मिशन शुरू हुआ है तब से प्रदेश के सरकारी स्कूलों की काया तो बदल गई है लेकिन अभी बहुत बडी जरूरत है इस मिशन के तहत प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के लिए धनराशि अलग से जारी की जानी चाहिए!
Jalesar, Etah | Oct 18, 2026