*प्रेस विज्ञप्ति*
समाहरणालय, मधेपुरा
जिला जनसंपर्क कार्यालय
जिला कृषि कार्यालय के सहयोग से
दिनांक : 30 सितंबर 2026
*प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में कृषक परिभ्रमण कार्यक्रम का समापन*
*छह प्रखंडों के 300 प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीक एवं कम लागत में अधिक आय के गुर सीखे*
मधेपुरा। जिला कृषि कार्यालय, मधेपुरा द्वारा आयोजित “जिला के अंदर कृषक परिभ्रमण” कार्यक्रम के तहत बुधवार को मुरलीगंज एवं कुमारखण्ड प्रखंडों के 50-50, कुल 100 प्रगतिशील कृषकों को बेहरारी, शंकरपुर स्थित प्रगतिशील कृषक श्री उपेन्द्र कुमार के प्रक्षेत्र पर प्राकृतिक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं अवलोकन कराया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, मधेपुरा श्री रीतेश रंजन ने बताया कि दिनांक 28 से 30 सितंबर तक जिले के छह प्रखंडों—मधेपुरा, सिंहेश्वर, घैलाढ़, गम्हरिया, मुरलीगंज एवं कुमारखण्ड—से कुल 300 कृषकों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को कम लागत में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन एवं आय वृद्धि के लिए प्राकृतिक खेती को अपनाने हेतु प्रेरित करना है।
प्रशिक्षक श्री उपेन्द्र कुमार ने प्राकृतिक खेती के महत्व एवं लाभों की जानकारी देते हुए निमास्त्र, आग्नेयास्त्र, दशपर्णी अर्क, जीवामृत, घनजीवामृत, ब्रह्मास्त्र, बीजामृत एवं डीकंपोजर आदि तैयार करने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
समापन कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, मधेपुरा के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान डॉ. सुरेन्द्र चौरसिया, डॉ. पंकज कुमार यादव एवं वैज्ञानिक श्री राहुल कुमार वर्मा ने किसानों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों एवं लाभों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र, मधेपुरा में प्राकृतिक खेती का मॉडल विकसित किया गया है, जिसका किसान प्रत्यक्ष अवलोकन कर उपयोगी तकनीक सीख सकते हैं।
कार्यक्रम में प्रखंड एवं आत्मा के पदाधिकारी/कर्मी, टीम लीडर सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। किसानों ने प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने में विशेष रुचि व्यक्त की।
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