💥मझगवां में सड़क ही स्टैंड,ऑटो चालक का फूटा दर्द, पैसे लेते हैं पर खड़े होने की जगह नहीं देते!
सड़क दोहरीकरण के काम ने बढ़ाई मुसीबत; क्या किसी बड़ी अनहोनी के बाद जागेगा स्थानीय प्रशासन ?.
मझगवां - कस्बा इन दिनों विकास के नाम पर प्रशासनिक लापरवाही की मार झेल रहा है, तो वही सड़क दोहरीकरण के काम ने राहगीरों को जाम के झाम में धकेल दिया है, आलम यह है कि अघोषित बस स्टैंड रेंगती बसों, आड़े-तिरछे खड़े ऑटो और चीखते-चिल्लाते मुसाफिरों का अखाड़ा बन चुका है। यहाँ बरौंधा मार्ग से सवारी लेकर आने वाले ऑटो ड्राइवर कमलेश यादव ने बताया कि मझगवां में करीब 100 से अधिक ऑटो चलते हैं। ग्राम पंचायत हमसे हर रोज ₹20 स्टैंड शुल्क तो लेती है, लेकिन हमें गाड़ी खड़ी करने के लिए कोई सुरक्षित स्थान सुनिश्चित नहीं किया जा रहा हैं। कमलेश का यह दर्द साबित करता है कि पंचायत सिर्फ जेब भरने में मस्त है और जगह न होने के कारण मजबूरी में ऑटो चालकों को सड़क किनारे ही गाड़ियां खड़ी करनी पड़ रही हैं, जिससे जाम और गंभीर हो जाता है
सड़क निर्माण में लगी ठेका कंपनी ने सड़क के एक हिस्से में सीसी (कंक्रीट) डाल दी है। यह हिस्सा इतना हाइट हो गया है कि इस पर वाहन नहीं चढ़ सकते लिहाजा सड़क के आधे हिस्से से ही अप-डाउन का पूरा ट्रैफिक गुजर रहा है। कम जगह होने के बावजूद सड़क के किनारे फल-सब्जी बेचने वाले छोटे हाथ-ठेला व्यवसायियों के अलावा ऑटो वाहनों का भी जमावड़ा लगा रहता है,स्थानीय जनों का कहना हैं कि पंचायत यदि ऑटो स्टैंड के नाम पर पैसे वसूल रही है, तो उसकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह ऑटो और हाथ-ठेले वालों के लिए एक सुरक्षित स्थान तय करे।
अगर स्थानीय प्रशासन ने अब भी अपनी कुंभकर्णी नींद नहीं तोड़ी, तो मझगवां का यह मार्ग किसी बड़ी अनहोनी का गवाह बन सकता है!