दौरी सागर बांध, मुआवजे के लिए भटक रहे डूब प्रभावित किसान, तहसील कार्यालय में फाइलों के अटकने का आरोप।
दौरी सागर बांध परियोजना के तहत डूब क्षेत्र में आने वाले ग्राम पंचायत देवलहा के किसानों की भूमि और संपत्तियों के मुआवजे का मामला प्रशासनिक लेटलतीफी की भेंट चढ़ गया है, जिसके कारण प्रभावित किसान अपने हक के पैसे के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। जल संसाधन विभाग (WRD) के इंजीनियर द्वारा डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों के तमाम आवश्यक रिकॉर्ड और दस्तावेज तैयार कर 09 अप्रैल 2026 को ही आगामी कार्रवाई के लिए तहसील कार्यालय मझगवां में जमा करा दिए गए थे। नियमानुसार इन दस्तावेजों को तुरंत जिला मुख्यालय सतना भेजा जाना था ताकि मुआवजे की राशि जारी हो सके, लेकिन तहसील कार्यालय में बैठे लोगों द्वारा आज दिनांक तक इन रिकॉर्ड्स को सतना नहीं भेजा गया है। प्रभावित किसानों का गंभीर आरोप है कि तहसील में फाइलों को आगे बढ़ाने से जानबूझकर रोका गया है, एक तरफ जमीनें डूब में जाने से किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, वहीं दूसरी तरफ हक का मुआवजा न मिलने से परेशान होकर अन्नदाता दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।