सेन्हा: झारखंड के <nis:link nis:type=tag nis:id=lohardaga nis:value=lohardaga nis:enabled=true nis:link/> में <nis:link nis:type=tag nis:id=पत्थरों nis:value=पत्थरों nis:enabled=true nis:link/> की बरसात होली <nis:link nis:type=tag nis:id=ढेलामार nis:value=ढेलामार nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=Holi nis:value=Holi nis:enabled=true nis:link/> <nis:link nis:type=tag nis:id=holiअगजा nis:value=holiअगजा nis:enabled=true nis:link/> के धुवां अच्छी वारिस का अनुमान भी लगा लेते है
लोहरदगा आपने रंग-अबीर से होली तो खेले होंगे और लठमार होली के बारे में जरूर सुना होगा, लेकिन झारखंड के लोहरदगा में ढेला मार होली की रिपोर्ट दिखाने जा रहे है जहां ढेला मार होली की अनोखी प्रथा है. लोहरदगा जिले के बरही में ढेला मार होली की अलग पहचान एवं अनोखी प्रथा सदियों से चली आ रही है. इसे देखने के लिए राज्य के बाहर से भी लोग पहुंचते हैं. लोहरदगा के सेन्हा प्रखंड अंतर्गत बरही गांव में एक ख़ास तरीके की होली खेली जाती है जिसका नाम है ढेला मार होली. यहाँ पर लोग रंग गुलाल से नहीं बल्कि पत्थरों से होली खेलते हैं जो परंपरा सदियों चली आ रही है।