उज्जैन: दो स्वरूपों में विराजित हैं मां छत्रेश्वरी चामुंडा, मंगलवार को दर्शन का है विशेष महत्व; उमड़ती है भारी भीड़
धार्मिक नगरी उज्जैन के मध्य चामुंडा माता चौराहे पर स्थित प्रसिद्ध छत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस पावन धाम की अनूठी विशेषता यह है कि यहां माता रानी 'छत्रेश्वरी' और 'चामुंडा'—दो अलौकिक स्वरूपों में एक साथ विराजित हैं। भक्तों का कल्याण करने वाली मां चामुंडा को 'मंगलकरणी' भी कहा जाता है, जिसके चलते विशेषकर मंगलवार के दिन मंदिर में दर्शन और पूजन-अर्चन का अत्यधिक धार्मिक महत्व माना जाता है। पूर्वमुखी दिव्य प्रतिमा वाले इस मंदिर का वर्ष 1971 में जीर्णोद्धार किया गया था। मंदिर के परिक्रमा पथ पर नवदुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहीं परिसर के पिछले भाग में भगवान शिव, महाभैरव और संकटमोचन हनुमान जी के मंदिर स्थित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर �