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मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल ) योजनांतर्गत अनुग्रह सहायता राशि का मुख्यमंत्री द्वारा सिंगल क्लिक से अंतरण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सिवनी जिले से मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत प्रदेश के 16,754 श्रमिक परिवारों को लगभग 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता का राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया गया। इसी क्रम में जिले में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना अंतर्गत मेघनगर, पेटलावद, थांदला, राणापुर, रामा एवं झाबुआ विकासखंडों के हितग्राहियों को भी सहायता राशि प्रदान की गई। दुर्घटना में मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता के 28 प्रकरणों में कुल 1 करोड़ 12 लाख रुपये तथा सामान्य मृत्यु के 307 प्रकरणों में कुल 6 करोड़ 14 लाख रुपये की सहायता राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की गई। इस प्रकार जिले के कुल 335 हितग्राहियों को कुल 7 करोड़ 26 लाख रुपये की राशि का अंतरण किया गया। जिला मुख्यालय पर सहायक श्रम पदाधिकारी श्री निलेश डामोर, हितग्राहीगण एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Labour, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

8 views | Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 1, 2026

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खनिज विभाग की अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई, चार वाहन जप्त

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज अधिकारी श्री जुवानसिंह भिड़े एवं खनिज विभाग के अमले द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए चार वाहनों को जप्त किया गया है।

जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि  27 जून 2026 को ग्राम बन टोल प्लाजा के समीप खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए डम्पर क्रमांक MP13H1087 को जप्त किया गया। उक्त वाहन को जप्त कर कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा), झाबुआ परिसर में सुरक्षित रखा गया है।

इसी प्रकार 01 जुलाई 2026 को तहसील थांदला के अंतर्गत चौकी काकनवानी क्षेत्र में खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर डम्पर क्रमांक DD01L9414 को जप्त कर थाना काकनवानी की अभिरक्षा में सौंपा गया। इसके अतिरिक्त ट्रक क्रमांक MP09HH9564 एवं MP09AE2577 को भी अवैध खनिज परिवहन के आरोप में जप्त कर कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा), जिला झाबुआ परिसर में खड़ा किया गया है।

जप्त किए गए कुल चारों वाहनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के प्रावधानों के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रकरणों को अधिनिर्णय हेतु अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।

खनिज विभाग द्वारा जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner #Jhabua #JansamparkMP

खनिज विभाग की अवैध खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई, चार वाहन जप्त कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशानुसार जिले में अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिला खनिज अधिकारी श्री जुवानसिंह भिड़े एवं खनिज विभाग के अमले द्वारा विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए चार वाहनों को जप्त किया गया है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि 27 जून 2026 को ग्राम बन टोल प्लाजा के समीप खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए डम्पर क्रमांक MP13H1087 को जप्त किया गया। उक्त वाहन को जप्त कर कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा), झाबुआ परिसर में सुरक्षित रखा गया है। इसी प्रकार 01 जुलाई 2026 को तहसील थांदला के अंतर्गत चौकी काकनवानी क्षेत्र में खनिज गिट्टी का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर डम्पर क्रमांक DD01L9414 को जप्त कर थाना काकनवानी की अभिरक्षा में सौंपा गया। इसके अतिरिक्त ट्रक क्रमांक MP09HH9564 एवं MP09AE2577 को भी अवैध खनिज परिवहन के आरोप में जप्त कर कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा), जिला झाबुआ परिसर में खड़ा किया गया है। जप्त किए गए कुल चारों वाहनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम, 2022 के प्रावधानों के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। प्रकरणों को अधिनिर्णय हेतु अपर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। खनिज विभाग द्वारा जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 1, 2026

एसडीएम ने खजूरी विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों के साथ किया मध्यान्ह भोजन

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व थांदला श्री भास्कर गाचले ने नवीन शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर ग्राम खजूरी स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद कर नियमित अध्ययन एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री गाचले ने विद्यालय में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से संचालित शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया तथा प्राथमिक कक्षाओं के लिए तैयार आधुनिक प्ले स्टेशन एवं खेल आधारित शिक्षण सामग्री का शुभारंभ किया।

मध्यान्ह भोजन के समय उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of School Education, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

एसडीएम ने खजूरी विद्यालय का किया निरीक्षण, बच्चों के साथ किया मध्यान्ह भोजन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व थांदला श्री भास्कर गाचले ने नवीन शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर ग्राम खजूरी स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से संवाद कर नियमित अध्ययन एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम श्री गाचले ने विद्यालय में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से संचालित शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया तथा प्राथमिक कक्षाओं के लिए तैयार आधुनिक प्ले स्टेशन एवं खेल आधारित शिक्षण सामग्री का शुभारंभ किया। मध्यान्ह भोजन के समय उन्होंने भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जानकारी ली तथा विद्यार्थियों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of School Education, Madhya Pradesh #Jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 1, 2026

नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रामा में कलापथक दल द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

संचालनालय सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री पंकज सावले के मार्गदर्शन में जिला झाबुआ में 26 जून 2026 से 03 जुलाई 2026 तक "नशामुक्त भारत अभियान" का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिलेभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आमजन, विशेषकर युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

इसी क्रम में विकासखंड रामा स्थित एकीकृत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलापथक दल के कलाकारों श्रीमती कुसुम भूरिया, श्रीमती सुमन सलाम, श्री प्रदीप सोलंकी, श्री सुनील फरान एवं श्री महेश वर्मा द्वारा नशामुक्ति विषय पर लघु नाटिका तथा स्थानीय भाषा में प्रेरक गीतों की प्रस्तुति दी गई।

कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवन शैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्राचार्य श्री के.एल. परमार, श्रीमती शारदा रावत, श्री जितेन्द्र कुमार शाक्य एवं श्री प्रदीप गुर्जर सहित विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Social Justice and Disabled Welfare Department ,Madhya Pradesh #jhabua #JansamparkMP

नशामुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रामा में कलापथक दल द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित संचालनालय सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के निर्देशन एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री पंकज सावले के मार्गदर्शन में जिला झाबुआ में 26 जून 2026 से 03 जुलाई 2026 तक "नशामुक्त भारत अभियान" का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जिलेभर में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन कर आमजन, विशेषकर युवाओं को मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड रामा स्थित एकीकृत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कलापथक दल के कलाकारों श्रीमती कुसुम भूरिया, श्रीमती सुमन सलाम, श्री प्रदीप सोलंकी, श्री सुनील फरान एवं श्री महेश वर्मा द्वारा नशामुक्ति विषय पर लघु नाटिका तथा स्थानीय भाषा में प्रेरक गीतों की प्रस्तुति दी गई। कलाकारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं उपस्थितजनों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया तथा युवाओं को नशे से दूर रहने एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त जीवन शैली को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के प्राचार्य श्री के.एल. परमार, श्रीमती शारदा रावत, श्री जितेन्द्र कुमार शाक्य एवं श्री प्रदीप गुर्जर सहित विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान रहा। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Social Justice and Disabled Welfare Department ,Madhya Pradesh #jhabua #JansamparkMP

Jhabua, Madhya Pradesh | Jul 1, 2026

#सफलता_की_कहानी

उन्नत गेहूँ किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) ने बदली किसान की तस्वीर: बढ़ी उत्पादकता, गुणवत्ता और आय

आधुनिक कृषि तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों एवं वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय एवं उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इसका उत्कृष्ट उदाहरण झाबुआ जिले के विकासखंड रामा अंतर्गत ग्राम रूपरेल के प्रगतिशील कृषक श्री रूपला देवल, पिता श्री नाना देवल ने प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने गेहूँ की उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) का सफल प्रदर्शन कर न केवल अपनी उत्पादकता बढ़ाई, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल स्थापित किया है।

श्री रूपला देवल एक मध्यम श्रेणी के कृषक हैं, जिनके पास कुल 3.8 हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है। वे वर्षों से पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ खेती करते रहे हैं, लेकिन बदलते समय के साथ उन्होंने वैज्ञानिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। कृषि विभाग द्वारा उन्नत बीजों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में दिए गए प्रशिक्षण एवं परामर्श से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ष 2025-26 में अपने खेत के 0.4 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूँ की उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) का प्रदर्शन किया।

पारंपरिक खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम
वर्ष 2024-25 में श्री रूपला देवल द्वारा गेहूँ की प्रचलित किस्म JW 3382 की खेती की गई थी। इस दौरान उन्होंने प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज का उपयोग किया तथा 20 सेंटीमीटर पंक्ति से पंक्ति एवं 5 से 7 सेंटीमीटर पौधे से पौधे की दूरी के साथ बुवाई की। इस किस्म से उन्हें लगभग 19 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसमें से लगभग 15 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूँ का विक्रय किया गया।

हालांकि उत्पादन संतोषजनक था, लेकिन अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता एवं अधिक लाभ प्राप्त करने की इच्छा ने उन्हें उन्नत किस्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2025-26 में DBW 303 (करण वैष्णवी) किस्म का चयन किया।

वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर प्राप्त की सफलता
श्री रूपला देवल ने केवल उन्नत बीज का ही उपयोग नहीं किया, बल्कि संपूर्ण खेती प्रक्रिया को वैज्ञानिक पद्धति से अपनाया। उन्होंने बीजोपचार कर बीज जनित रोगों से सुरक्षा सुनिश्चित की, संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाया, समय पर बुवाई की तथा खरपतवार नियंत्रण एवं सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। आवश्यकता आधारित सिंचाई एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए कृषि प्रबंधन उपायों के कारण फसल की वृद्धि एवं विकास बेहतर हुआ।

उन्होंने प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज दर, 20 सेंटीमीटर पंक्ति दूरी तथा 5 से 7 सेंटीमीटर पौध दूरी का पालन करते हुए वैज्ञानिक विधि से फसल उत्पादन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई।

उत्पादन और आय में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि
उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) के उपयोग से श्री रूपला देवल के गेहूँ उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जहां पूर्व में उन्हें 19 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त होता था, वहीं नई किस्म से उत्पादन बढ़कर 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया। इसी प्रकार विक्रय योग्य उत्पादन भी 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़कर 17 क्विंटल प्रति एकड़ हो गया।

उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस उन्नत तकनीक एवं किस्म के उपयोग से उन्हें लगभग ₹27,000 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ तथा लागत-लाभ अनुपात 1:1.5 दर्ज किया गया, जो इस तकनीक की आर्थिक उपयोगिता को प्रमाणित करता है।

DBW 303 (करण वैष्णवी) की प्रमुख विशेषताएं
DBW 303 (करण वैष्णवी) गेहूँ की एक उन्नत एवं उच्च उत्पादकता वाली किस्म है, जो किसानों के लिए कई दृष्टियों से लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस किस्म की प्रमुख विशेषताएं जिसमें उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत किस्म, लगभग 12.1 प्रतिशत प्रोटीन युक्त गुणवत्तापूर्ण गेहूँ उत्पादन, पीला, भूरा एवं काला रतुआ रोगों के प्रति प्रतिरोधी, करनाल बंट रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता, बेहतर दाना गुणवत्ता एवं बाजार में अधिक स्वीकार्यता, विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता हैं। 
 
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत
श्री रूपला देवल की सफलता ने ग्राम रूपरेल एवं आसपास के क्षेत्रों के किसानों का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी खेती पद्धति, उन्नत बीजों का चयन एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के सफल उपयोग से प्रेरित होकर अनेक किसान अब उन्नत गेहूँ किस्मों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। कृषि विभाग भी उनके खेत को प्रदर्शन एवं प्रेरणा स्थल के रूप में उपयोग कर अन्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान कर रहा है।

सफलता का संदेश
श्री रूपला देवल की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान गुणवत्तायुक्त बीज, वैज्ञानिक कृषि तकनीक, संतुलित पोषण प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं, तो कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी उपयोग न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

आज श्री रूपला देवल की यह उपलब्धि जिले के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है और यह संदेश दे रही है कि वैज्ञानिक खेती ही समृद्ध किसान का आधार है।
Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Agriculture, Madhya Pradesh #jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

#सफलता_की_कहानी उन्नत गेहूँ किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) ने बदली किसान की तस्वीर: बढ़ी उत्पादकता, गुणवत्ता और आय आधुनिक कृषि तकनीकों, गुणवत्तायुक्त बीजों एवं वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय एवं उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। इसका उत्कृष्ट उदाहरण झाबुआ जिले के विकासखंड रामा अंतर्गत ग्राम रूपरेल के प्रगतिशील कृषक श्री रूपला देवल, पिता श्री नाना देवल ने प्रस्तुत किया है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने गेहूँ की उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) का सफल प्रदर्शन कर न केवल अपनी उत्पादकता बढ़ाई, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल स्थापित किया है। श्री रूपला देवल एक मध्यम श्रेणी के कृषक हैं, जिनके पास कुल 3.8 हेक्टेयर कृषि भूमि उपलब्ध है। वे वर्षों से पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ खेती करते रहे हैं, लेकिन बदलते समय के साथ उन्होंने वैज्ञानिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। कृषि विभाग द्वारा उन्नत बीजों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में दिए गए प्रशिक्षण एवं परामर्श से प्रेरित होकर उन्होंने वर्ष 2025-26 में अपने खेत के 0.4 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूँ की उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) का प्रदर्शन किया। पारंपरिक खेती से आधुनिक खेती की ओर बढ़ाया कदम वर्ष 2024-25 में श्री रूपला देवल द्वारा गेहूँ की प्रचलित किस्म JW 3382 की खेती की गई थी। इस दौरान उन्होंने प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज का उपयोग किया तथा 20 सेंटीमीटर पंक्ति से पंक्ति एवं 5 से 7 सेंटीमीटर पौधे से पौधे की दूरी के साथ बुवाई की। इस किस्म से उन्हें लगभग 19 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त हुआ, जिसमें से लगभग 15 क्विंटल प्रति एकड़ गेहूँ का विक्रय किया गया। हालांकि उत्पादन संतोषजनक था, लेकिन अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता एवं अधिक लाभ प्राप्त करने की इच्छा ने उन्हें उन्नत किस्मों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2025-26 में DBW 303 (करण वैष्णवी) किस्म का चयन किया। वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर प्राप्त की सफलता श्री रूपला देवल ने केवल उन्नत बीज का ही उपयोग नहीं किया, बल्कि संपूर्ण खेती प्रक्रिया को वैज्ञानिक पद्धति से अपनाया। उन्होंने बीजोपचार कर बीज जनित रोगों से सुरक्षा सुनिश्चित की, संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाया, समय पर बुवाई की तथा खरपतवार नियंत्रण एवं सिंचाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया। आवश्यकता आधारित सिंचाई एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए कृषि प्रबंधन उपायों के कारण फसल की वृद्धि एवं विकास बेहतर हुआ। उन्होंने प्रति एकड़ 40 किलोग्राम बीज दर, 20 सेंटीमीटर पंक्ति दूरी तथा 5 से 7 सेंटीमीटर पौध दूरी का पालन करते हुए वैज्ञानिक विधि से फसल उत्पादन किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। उत्पादन और आय में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि उन्नत किस्म DBW 303 (करण वैष्णवी) के उपयोग से श्री रूपला देवल के गेहूँ उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जहां पूर्व में उन्हें 19 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन प्राप्त होता था, वहीं नई किस्म से उत्पादन बढ़कर 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक पहुंच गया। इसी प्रकार विक्रय योग्य उत्पादन भी 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़कर 17 क्विंटल प्रति एकड़ हो गया। उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस उन्नत तकनीक एवं किस्म के उपयोग से उन्हें लगभग ₹27,000 का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ तथा लागत-लाभ अनुपात 1:1.5 दर्ज किया गया, जो इस तकनीक की आर्थिक उपयोगिता को प्रमाणित करता है। DBW 303 (करण वैष्णवी) की प्रमुख विशेषताएं DBW 303 (करण वैष्णवी) गेहूँ की एक उन्नत एवं उच्च उत्पादकता वाली किस्म है, जो किसानों के लिए कई दृष्टियों से लाभकारी सिद्ध हो रही है। इस किस्म की प्रमुख विशेषताएं जिसमें उच्च उत्पादन क्षमता वाली उन्नत किस्म, लगभग 12.1 प्रतिशत प्रोटीन युक्त गुणवत्तापूर्ण गेहूँ उत्पादन, पीला, भूरा एवं काला रतुआ रोगों के प्रति प्रतिरोधी, करनाल बंट रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता, बेहतर दाना गुणवत्ता एवं बाजार में अधिक स्वीकार्यता, विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता हैं। अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणास्रोत श्री रूपला देवल की सफलता ने ग्राम रूपरेल एवं आसपास के क्षेत्रों के किसानों का ध्यान आकर्षित किया है। उनकी खेती पद्धति, उन्नत बीजों का चयन एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों के सफल उपयोग से प्रेरित होकर अनेक किसान अब उन्नत गेहूँ किस्मों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। कृषि विभाग भी उनके खेत को प्रदर्शन एवं प्रेरणा स्थल के रूप में उपयोग कर अन्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान कर रहा है। सफलता का संदेश श्री रूपला देवल की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान गुणवत्तायुक्त बीज, वैज्ञानिक कृषि तकनीक, संतुलित पोषण प्रबंधन एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं, तो कम क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी उपयोग न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है, बल्कि कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। आज श्री रूपला देवल की यह उपलब्धि जिले के किसानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है और यह संदेश दे रही है कि वैज्ञानिक खेती ही समृद्ध किसान का आधार है। Jansampark Madhya Pradesh CM Madhya Pradesh Indore Commissioner Department of Agriculture, Madhya Pradesh #jhabua #JansamparkMP #SuccessStory

Jhabua, Madhya Pradesh | Jun 30, 2026