10 लाख के मंच के स्थान चयन पर सवाल
विद्यालय से 600–700 मीटर दूर छात्रावास परिसर में निर्माण, स्थानीय लोगों ने मांगा स्पष्टीकरण
सुरेंद्र ठाकुर
पांगी 23 सितम्बर
जनजातीय क्षेत्र पांगी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साच में करीब 10 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन मंच इन दिनों स्थानीय चर्चा का विषय बना हुआ है। मंच के निर्माण को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसके स्थान चयन को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि मंच का निर्माण मुख्य विद्यालय परिसर में न होकर विद्यालय से करीब 600 से 700 मीटर दूर स्थित छात्रावास परिसर में करवाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय में मंच का उपयोग मुख्य रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शैक्षणिक गतिविधियों, जागरूकता कार्यक्रमों, वार्षिक समारोह, पुरस्कार वितरण तथा राष्ट्रीय पर्व जैसे आयोजनों के लिए किया जाता है। ऐसे में मंच को मुख्य विद्यालय परिसर से इतनी दूरी पर बनाए जाने को लेकर लोग इसके औचित्य पर सवाल उठा रहे हैं।
विद्यालय में कार्यक्रम होंगे तो विद्यार्थी कहां जाएंगे?
स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि विद्यालय में वार्षिक समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार वितरण या अन्य सामूहिक गतिविधियां आयोजित होती हैं, तो क्या विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर बार करीब 600–700 मीटर दूर छात्रावास परिसर तक जाना होगा?
लोगों का कहना है कि यदि मंच विद्यालय परिसर में उपलब्ध होता तो विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए कार्यक्रमों का आयोजन अधिक सुविधाजनक हो सकता था। साथ ही विद्यार्थियों की आवाजाही, अनुशासन और समय को लेकर भी सुविधा रहती।
स्थान चयन का आधार सार्वजनिक करने की मांग
करीब 10 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस मंच को लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग और विद्यालय प्रशासन से स्वीकृति, अनुमानित लागत, निर्माण एजेंसी तथा स्थान चयन के आधार को स्पष्ट करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में सुविधा की उपयोगिता, पहुंच और संबंधित संस्थान की वास्तविक जरूरत को ध्यान में रखना जरूरी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना चाहिए कि मंच को विद्यालय परिसर के बजाय छात्रावास परिसर में बनाने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया।
खेल मैदान के बाद मंच निर्माण पर भी चर्चा
विद्यालय में मंच निर्माण के साथ ही पूर्व में करीब 30 से 40 लाख रुपये की लागत से तैयार किए गए खेल मैदान को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। लोगों का कहना है कि विद्यालय से जुड़े विकास कार्यों में सरकारी धन का उपयोग विद्यार्थियों की वास्तविक जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।
फिलहाल निर्माणाधीन मंच को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग और विद्यालय प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मंच के लिए छात्रावास परिसर का चयन क्यों किया गया, इसकी स्वीकृति किस स्तर पर हुई और विद्यालय परिसर में संभावित विकल्पों पर विचार किया गया था या नहीं—इन सवालों के जवाब संबंधित विभाग की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
Pangi Live News की अपील: सार्वजनिक धन से जुड़े किसी भी निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष संबंधित विभाग के रिकॉर्ड और आधिकारिक जवाब के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
Chamba, Chamba | Sep 23, 2026