अररिया में ‘ज़िंदा लाश’ मार्च: SIR वापस लो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दो।
अररिया लोकतंत्र पर हमला नहीं सहेंगे!”, “वोट चोर, गद्दी छोड़!” के नारों के साथ आज अररिया में सैकड़ों छात्र-नौजवानों, किसानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मजदूरों ने ‘ज़िंदा लाश’ मार्च निकाला। ‘यूथ की बात’ के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम को जन जागरण शक्ति संगठन (JJSS) और वामपंथी पार्टी का समर्थन प्राप्त था।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने ज़िंदा लाश का रूप धारण किया। इसके ज़रिये उन्होंने जीवित नागरिकों को कागज़ों पर मृत घोषित किए जाने और योग्य मतदाताओं के नाम सूची से काटे जाने के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराया।
मार्च ज़ीरो माइल से चाँदनी चौक होते हुए सुभाष चौक पहुँचा। इसके बाद कचहरी धरना स्थल पर सभा हुई। जनगीतों और नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने SIR वापस लेने, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े और मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद की।
‘यूथ की बात’ की ओर से आयोजित सभा का नेतृत्व सब्यसाची सेन, नवाज़ हसन और सुनील कुमार ने किया। संचालन सुनील कुमार ने किया।
जन जागरण शक्ति संगठन के तरफ से मांडवी देवी ने कहा, “लोकतंत्र पर हमला नहीं सहेंगे! सरकार हमसे डरती है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात करती है, ताकि अपने झूठ को छिपाकर रख सके।”
‘यूथ की बात’ की ओर से नवाज़ हसन ने कहा, “लोकतंत्र को राजतंत्र में ज़बरदस्ती बदलने की यह चाल चलेगी नहीं। जनता अब जाग उठी है।”
नगर परिषद के वार्ड संख्या 6 के प्रतिनिधि रंजीत पासवान और AIYF के बदूद ने भी सभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रश्मि, मुस्कान, कल्पना, पवन, रघुनंदन, अंकित, प्रभात, चंद्रिका सिंह चौहान, सत्यभामा, साहेब और मंदवी देवी की अहम भूमिका रही।
Araria, Araria | Oct 10, 2026