छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी बनाने के लिए राशन दुकानों में लगाई गईं बायोमीट्रिक ई-पॉस मशीनें अब सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय बोझ बन चुकी हैं। एक हालिया खुलासे के मुताबिक, जो मशीनें 35 करोड़ में मिल सकती थी उनके लिए सरकार करीब 140 करोड़ रुपये का भुगतान कर रही है।
प्रदेश की 14,085 राशन दुकानों में लगी इन मशीनों के लिए चार साल में 91.78 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है, वहीं 48 करोड़ रुपए का भुगतान अभी बाकी है।
अब यदि इन उपकरणों को सीधे बाजार दर पर खरीदा जाता, तो सैकड़ों करोड़ बचाए जा सकते थे।
इंडियामार्ट और ट्रेडइंडिया जैसे औद्योगिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर वीए-21 मॉडल की 4जी बॉयोमीट्रिक ई-पॉस मशीनों की औसत थोक कीमत 13 से 15 हजार रुपए है। प्रति मशीन 15 हजार रुपए की दर से 14,085 मशीनें खरीदने पर लगभग 21.12 करोड़ रुपए खर्च होते। और पांच साल की 4जी डेटा सेवा पर अनुमानित 13.35 करोड़ रुपए जोड़ने के बाद भी कुल लागत करीब 35 करोड़ रुपए रहती।
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