Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
Madhyapradesh
Rahulgandhi
Actor
Haryana
Uttarpradesh
Cbse
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka

बारिश में पहाड़ी सफर पड़ा भारी! बेकाबू घोड़े से गिरी महिला, बाल-बाल बची जान #MountainTravel #RainySeason #HorseRide #ViralVideo #MountainAdventure #HorseAccident #RainyWeather #TravelWarning #AdventureGoneWrong #HorseHandler #NatureTravel #HillStation #TrendingNow #TravelDiaries #IncredibleIndia

Raigarh, Raigarh | Jun 2, 2026

MORE NEWS

नियमों के जाल में फंसा किसान, खाद के लिए दर-दर की ठोकरें

#किसान #खाद_संकट #Farmers #FertilizerCrisis #किसानों_की_आवाज #खेती #Agriculture #FarmerIssues #खाद_की_किल्लत #Kisan #IndianFarmers #किसान_परेशान #ग्रामीण_भारत #FarmersProtest #सरकार #खेती_किसानी #कृषि #VillageLife #BreakingNews #जनता_की_आवाज #TukaramChandravanshi

नियमों के जाल में फंसा किसान, खाद के लिए दर-दर की ठोकरें #किसान #खाद_संकट #Farmers #FertilizerCrisis #किसानों_की_आवाज #खेती #Agriculture #FarmerIssues #खाद_की_किल्लत #Kisan #IndianFarmers #किसान_परेशान #ग्रामीण_भारत #FarmersProtest #सरकार #खेती_किसानी #कृषि #VillageLife #BreakingNews #जनता_की_आवाज #TukaramChandravanshi

Raigarh, Raigarh | Jun 2, 2026

सावधान! पहाड़ी रास्तों पर ज़रा सी चूक बन सकती है जानलेवा
#TruckAccident #HillRoads #DriveSafe #RoadSafety #TruckDriver #MountainRoads #Accident #SafetyFirst #DangerousRoads #TruckLife #RoadAccident #DriveCarefully #HeavyVehicle #ViralVideo #AlertDrivers #IndianRoads #HillyArea #TruckOverturned #StaySafe #वाहन_सावधानी

सावधान! पहाड़ी रास्तों पर ज़रा सी चूक बन सकती है जानलेवा #TruckAccident #HillRoads #DriveSafe #RoadSafety #TruckDriver #MountainRoads #Accident #SafetyFirst #DangerousRoads #TruckLife #RoadAccident #DriveCarefully #HeavyVehicle #ViralVideo #AlertDrivers #IndianRoads #HillyArea #TruckOverturned #StaySafe #वाहन_सावधानी

Raigarh, Raigarh | Jun 2, 2026

’मोर गांव, मोर पानी’ अभियान बना ग्रामीण विकास का आधार, जल संरक्षण के साथ हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार

500 से अधिक जल संरक्षण कार्यों में 36 हजार से ज्यादा श्रमिकों को मिल रहा स्थानीय स्तर पर रोजगार

तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण और नाला उपचार से बढ़ेगा भूजल स्तर, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर तरिया’ एवं ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं। एक ओर जहां इन अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
 कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून पूर्व जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में श्रमप्रधान कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण श्रमिक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण, पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार, खेत तालाब और डबरी निर्माण, नाला उपचार, कंटूर ट्रेंच निर्माण, मेडबंधान, जल निकासी संरचनाओं का विकास तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाना है।
 वर्तमान में जिले में 500 से अधिक जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन 36 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह है कि ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम मिलने से पलायन की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मनरेगा तथा वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के समन्वय से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है।

’मोर गांव, मोर पानी’ अभियान बना ग्रामीण विकास का आधार, जल संरक्षण के साथ हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार 500 से अधिक जल संरक्षण कार्यों में 36 हजार से ज्यादा श्रमिकों को मिल रहा स्थानीय स्तर पर रोजगार तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण और नाला उपचार से बढ़ेगा भूजल स्तर, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर तरिया’ एवं ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं। एक ओर जहां इन अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून पूर्व जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में श्रमप्रधान कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण श्रमिक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण, पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार, खेत तालाब और डबरी निर्माण, नाला उपचार, कंटूर ट्रेंच निर्माण, मेडबंधान, जल निकासी संरचनाओं का विकास तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाना है। वर्तमान में जिले में 500 से अधिक जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन 36 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह है कि ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम मिलने से पलायन की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मनरेगा तथा वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के समन्वय से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज

वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कलेक्टर ने समीक्षा के दिए आवश्यक निर्देश

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विद्युत विहीन पहाड़ी कोरवा का एक गांव होगा रोशन, विशेष ग्रामसभा में होगा चयन

सुशासन तिहार, महतारी वंदन, जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर

जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिहं क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। 
  बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
 कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।

लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कलेक्टर ने समीक्षा के दिए आवश्यक निर्देश प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विद्युत विहीन पहाड़ी कोरवा का एक गांव होगा रोशन, विशेष ग्रामसभा में होगा चयन सुशासन तिहार, महतारी वंदन, जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिहं क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026