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स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होना आम जनता के हित में बड़ा निर्णय : डॉ. प्रेम कुमार अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने पर बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री माननीय नीतीश मिश्रा को बधाई एवं धन्यवाद दिया है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने से राज्य के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पुनः सुचारु होगी तथा आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से हड़ताल के कारण शहरों में कूड़ा-कचरा का उठाव प्रभावित हो रहा था, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छता कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल की, जिसके परिणामस्वरूप यह समाधान संभव हो सका। उन्होंने इसके लिए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के संवेदनशील एवं सकारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।

Khizirsarai, Gaya | Aug 6, 2026

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एसडीएम केशव आनंद की पहल से गांधीनगर में दो नए चापाकल चालू, पेयजल संकट दूर करने की कवायद तेज

मोहड़ा (गया)। मोहड़ा प्रखंड के गांधीनगर गांव में पेयजल संकट को लेकर कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद से मिलकर चापाकलों की कमी की समस्या से अवगत कराया था। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम केशव आनंद ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।

एसडीएम के निर्देश पर गांव में दो नए चापाकलों का निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें चालू करा दिया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

इसके बाद एसडीएम केशव आनंद ने स्वयं मामले की स्थलीय जांच कराई। जांच में यह सामने आया कि गांव के कुछ हिस्सों में अभी भी अतिरिक्त चापाकलों एवं वाटर स्टैंडपोस्ट (Water Standpost) की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जूनियर इंजीनियर (JE) एवं सहायक अभियंता (AE) को आवश्यक स्थलों का सर्वेक्षण कर शीघ्र निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया है।

ग्रामीणों ने एसडीएम केशव आनंद की त्वरित पहल और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए शेष पेयजल सुविधाएं भी जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।

एसडीएम केशव आनंद की पहल से गांधीनगर में दो नए चापाकल चालू, पेयजल संकट दूर करने की कवायद तेज मोहड़ा (गया)। मोहड़ा प्रखंड के गांधीनगर गांव में पेयजल संकट को लेकर कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अनुमंडल पदाधिकारी केशव आनंद से मिलकर चापाकलों की कमी की समस्या से अवगत कराया था। शिकायत मिलने के बाद एसडीएम केशव आनंद ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। एसडीएम के निर्देश पर गांव में दो नए चापाकलों का निर्माण कार्य पूरा कर उन्हें चालू करा दिया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। इसके बाद एसडीएम केशव आनंद ने स्वयं मामले की स्थलीय जांच कराई। जांच में यह सामने आया कि गांव के कुछ हिस्सों में अभी भी अतिरिक्त चापाकलों एवं वाटर स्टैंडपोस्ट (Water Standpost) की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के जूनियर इंजीनियर (JE) एवं सहायक अभियंता (AE) को आवश्यक स्थलों का सर्वेक्षण कर शीघ्र निर्माण कार्य कराने का निर्देश दिया है। ग्रामीणों ने एसडीएम केशव आनंद की त्वरित पहल और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए शेष पेयजल सुविधाएं भी जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।

Khizirsarai, Gaya | Aug 6, 2026

🚨 घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई 🚨

पूर्णिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए **एक कनीय अभियंता और दो तकनीकी सहायकों कोएक कनीय अभियंता और दो तकनीकी सहायकों को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि **बिजली बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। मजरा निवासी राजेश साह की शिकायत पर निगरानी टीम ने एनबीपीडीसीएल के केनगर कार्यालय में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो आम जनता से सुविधा के बदले अवैध वसूली करते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बना रहे।

#Purnia #Bihar #Bribery #VigilanceRaid #CorruptionFreeIndia #NBPDCL #BreakingNews #घूसखोरी #पूर्णिया #बिहार #निगरानी_कार्रवाई

पूर्णिया में कनीय अभियंता व दो तकनीकी सहायक दस हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
- विशेष निगरानी इकाई ने की कार्रवाई, बिजली कनेक्शन के लिए ली जा रही थी रिश्वत
- एनबीपीडीसीएल के केनगर कार्यालय में रंगे हाथ हुई तीनों की गिरफ्तारी, मजरा के राजेश साह ने की थी शिकायत

🚨 घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई 🚨 पूर्णिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए **एक कनीय अभियंता और दो तकनीकी सहायकों कोएक कनीय अभियंता और दो तकनीकी सहायकों को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि **बिजली बिजली कनेक्शन दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी। मजरा निवासी राजेश साह की शिकायत पर निगरानी टीम ने एनबीपीडीसीएल के केनगर कार्यालय में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए सख्त संदेश है जो आम जनता से सुविधा के बदले अवैध वसूली करते हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बना रहे। #Purnia #Bihar #Bribery #VigilanceRaid #CorruptionFreeIndia #NBPDCL #BreakingNews #घूसखोरी #पूर्णिया #बिहार #निगरानी_कार्रवाई पूर्णिया में कनीय अभियंता व दो तकनीकी सहायक दस हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार - विशेष निगरानी इकाई ने की कार्रवाई, बिजली कनेक्शन के लिए ली जा रही थी रिश्वत - एनबीपीडीसीएल के केनगर कार्यालय में रंगे हाथ हुई तीनों की गिरफ्तारी, मजरा के राजेश साह ने की थी शिकायत

Khizirsarai, Gaya | Aug 6, 2026

गया नियोजनालय के जॉब कैंप में 53 अभ्यर्थियों का प्रथम चरण के साक्षात्कार के लिए चयन

गयाजी। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में अवर प्रादेशिक नियोजनालय, गया द्वारा गुरुवार को कार्यालय परिसर, केंदुई में बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए जॉब कैंप का आयोजन किया गया।
जॉब कैंप में मदर टेरेसा मैनेजमेंट कॉलेज की ओर से 38 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। कैंप में कुल 53 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। कंपनी ने सभी 53 आवेदकों का प्रथम चरण का साक्षात्कार लिया और उन्हें अगले चयन चरण के लिए चुना।
कैंप के सफल संचालन में सहायक निदेशक रजिया इदरीसी(नियोजन), नियोजनालय के कर्मचारियों तथा कंपनी के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग ने बताया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के जॉब कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे।

गया नियोजनालय के जॉब कैंप में 53 अभ्यर्थियों का प्रथम चरण के साक्षात्कार के लिए चयन गयाजी। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में अवर प्रादेशिक नियोजनालय, गया द्वारा गुरुवार को कार्यालय परिसर, केंदुई में बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए जॉब कैंप का आयोजन किया गया। जॉब कैंप में मदर टेरेसा मैनेजमेंट कॉलेज की ओर से 38 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई। कैंप में कुल 53 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। कंपनी ने सभी 53 आवेदकों का प्रथम चरण का साक्षात्कार लिया और उन्हें अगले चयन चरण के लिए चुना। कैंप के सफल संचालन में सहायक निदेशक रजिया इदरीसी(नियोजन), नियोजनालय के कर्मचारियों तथा कंपनी के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग ने बताया कि बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के जॉब कैंप आयोजित किए जाते रहेंगे।

Khizirsarai, Gaya | Aug 6, 2026

*डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्षण आयोजित* 

1. जिला में फास्फेटिक उर्वरक का पर्याप्त भण्डार 
2. पी॰एस॰बी॰ के प्रयोग से बढ़ेगी उर्वरक की उपयोग क्षमता

कृषि विभाग अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) गया द्वारा कोंच प्रखण्ड के मुडेरा ग्राम में डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री संजीव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के वैज्ञानिक डा॰ अशोक कुमार, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी, टिकारी श्री उदय पंडित, उप परियोजना निदेशक, आत्मा श्री नीरज कुमार वर्मा, सहायक निदेशक (शष्य) श्री शिवम कुमार, इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दिलीप कुमार, आई॰पी॰एल॰ के प्रबंधक श्री रत्नेश कुमार सिंह, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, कोंच श्री अभय कुमार, प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सुश्री अर्चना कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री शिव चन्द्र धारिया एवं श्री सूर्यकान्त निराला तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। 
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को जानकारी दिया कि पौधों को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिये सामान्यतः 17 पोषक तत्वों की आवश्कता होती है। इसमें से नाईट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश को प्राथमिक पोषक तत्व की श्रेणी मे रखा गया है क्योंकि पौधों को इनकी अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। सल्फर, कैल्शियम एवं मैग्निशियम द्वितीयक पोषक तत्व हैं, जबकि जिंक, बोरॉन, आयरन, मैगनीज, कॉपर, मॉलीब्लेडनम, क्लोरीन आदि सूक्ष्म पोषक तत्व हैं जिनकी पौधों को आवश्यकता होती है। नाईट्रोजन के लिये किसान यूरिया का, फास्फोरस के लिये डी॰ए॰पी॰ का और पोटाश के लिये एम॰ओ॰पी॰ का उपयोग करते हैं। परन्तु वैश्विक परिस्थितियों के कारण जिला में डी॰ए॰पी॰ की आपूर्ति कम हुई है, जबकि उसके विकल्प टी॰एस॰पी॰, एस॰एस॰पी॰ एवं एन॰पी॰के॰ उर्वरकों का पर्याप्त भण्डार उपलब्ध है। जिला मंे 3264 मे॰टन एस॰एस॰पी॰, 4622 मे॰टन एन॰पी॰के॰ उपलब्ध है।   
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने किसानों को बताया कि डी॰ए॰पी॰ से मिलने वाला फास्फोरस एवं टी॰एस॰पी॰, एस॰एस॰पी॰ तथा एन॰पी॰के॰ में मिलने वाला फास्फोरस एक ही होता है, पौधों को फास्फोरस तत्व की आवश्कता होती है श्रोत्र के बदलने से पौधों पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होने किसानों से कहा कि मिट्टी जांच के अनुसार एवं खेत में लगायी जा रही फसल के लिये अनुशंसित मात्रा में उर्वरक का व्यवहार करना चाहिये। उन्होंने बताया कि धान की फसल में किसान प्रायः 1.5 किलोग्राम प्रति कट्ठा की दर से डी॰ए॰पी॰ का उपयोग करते हैं इसकी जगह पर 1.5 किलोग्राम टी॰एस॰पी॰ और 0.6 किलोग्राम यूरिया को मिलाकर प्रति कट्ठा दिया जा सकता है, इसी प्रकार 4.3 किलोग्राम एस॰एस॰पी॰ के साथ 0.6 किलोग्राम यूरिया प्रति कट्ठा, 2.5 किलोग्राम 14ः28 ग्रेड का उर्वरक प्रतिकट्ठा, 3.5 किलोग्राम एन॰पी॰के॰एस॰ 20ः20ः0ः13 का उपयोग प्रति कट्ठा डी॰ए॰पी॰ के विकल्प के रुप में उपयोग किया जा सकता है। 
कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के वैज्ञानिक डा॰ अशोक कुमार ने बताया कि फास्फेटिक उर्वरक की गतिशीलता बहुत कम होती है और खेत में उपयोग के बाद पौधे इसका केवल 20 से 22 प्रतिशत ही उपयोग कर पाते हैं, उपयोगिता बढ़ाने के लिये फास्फोरस घोलक बैक्टेरिया (पी॰एस॰बी॰) का उपयोग करने से फास्फेटिक उर्वरक की उपयोग क्षमता बढ़ जाती है, यह एक सरल और सस्ता उपाय है जिसे किसानों को अपनाना चाहिये।
इसके बाद मुडेरा ग्राम के 05 किसान श्री विद्याभूषण शर्मा, श्री सुबोध शर्मा, श्री अटल बिहारी, श्री शैलेश कुमार एवं श्री आलोक कुमार के एक-एक एकड़ खेत में डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक का प्रयोग प्रत्यक्षण अंतर्गत किया गया जिससे किसानों को इसके प्रभाव का तुलनात्मक परिणाम दिखाया जा सके।

*डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्षण आयोजित* 1. जिला में फास्फेटिक उर्वरक का पर्याप्त भण्डार 2. पी॰एस॰बी॰ के प्रयोग से बढ़ेगी उर्वरक की उपयोग क्षमता कृषि विभाग अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) गया द्वारा कोंच प्रखण्ड के मुडेरा ग्राम में डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण एवं प्रत्यक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री संजीव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के वैज्ञानिक डा॰ अशोक कुमार, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी, टिकारी श्री उदय पंडित, उप परियोजना निदेशक, आत्मा श्री नीरज कुमार वर्मा, सहायक निदेशक (शष्य) श्री शिवम कुमार, इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री दिलीप कुमार, आई॰पी॰एल॰ के प्रबंधक श्री रत्नेश कुमार सिंह, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, कोंच श्री अभय कुमार, प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधक, सुश्री अर्चना कुमारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री शिव चन्द्र धारिया एवं श्री सूर्यकान्त निराला तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को जानकारी दिया कि पौधों को अपना जीवन चक्र पूरा करने के लिये सामान्यतः 17 पोषक तत्वों की आवश्कता होती है। इसमें से नाईट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश को प्राथमिक पोषक तत्व की श्रेणी मे रखा गया है क्योंकि पौधों को इनकी अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। सल्फर, कैल्शियम एवं मैग्निशियम द्वितीयक पोषक तत्व हैं, जबकि जिंक, बोरॉन, आयरन, मैगनीज, कॉपर, मॉलीब्लेडनम, क्लोरीन आदि सूक्ष्म पोषक तत्व हैं जिनकी पौधों को आवश्यकता होती है। नाईट्रोजन के लिये किसान यूरिया का, फास्फोरस के लिये डी॰ए॰पी॰ का और पोटाश के लिये एम॰ओ॰पी॰ का उपयोग करते हैं। परन्तु वैश्विक परिस्थितियों के कारण जिला में डी॰ए॰पी॰ की आपूर्ति कम हुई है, जबकि उसके विकल्प टी॰एस॰पी॰, एस॰एस॰पी॰ एवं एन॰पी॰के॰ उर्वरकों का पर्याप्त भण्डार उपलब्ध है। जिला मंे 3264 मे॰टन एस॰एस॰पी॰, 4622 मे॰टन एन॰पी॰के॰ उपलब्ध है। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक ने किसानों को बताया कि डी॰ए॰पी॰ से मिलने वाला फास्फोरस एवं टी॰एस॰पी॰, एस॰एस॰पी॰ तथा एन॰पी॰के॰ में मिलने वाला फास्फोरस एक ही होता है, पौधों को फास्फोरस तत्व की आवश्कता होती है श्रोत्र के बदलने से पौधों पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। उन्होने किसानों से कहा कि मिट्टी जांच के अनुसार एवं खेत में लगायी जा रही फसल के लिये अनुशंसित मात्रा में उर्वरक का व्यवहार करना चाहिये। उन्होंने बताया कि धान की फसल में किसान प्रायः 1.5 किलोग्राम प्रति कट्ठा की दर से डी॰ए॰पी॰ का उपयोग करते हैं इसकी जगह पर 1.5 किलोग्राम टी॰एस॰पी॰ और 0.6 किलोग्राम यूरिया को मिलाकर प्रति कट्ठा दिया जा सकता है, इसी प्रकार 4.3 किलोग्राम एस॰एस॰पी॰ के साथ 0.6 किलोग्राम यूरिया प्रति कट्ठा, 2.5 किलोग्राम 14ः28 ग्रेड का उर्वरक प्रतिकट्ठा, 3.5 किलोग्राम एन॰पी॰के॰एस॰ 20ः20ः0ः13 का उपयोग प्रति कट्ठा डी॰ए॰पी॰ के विकल्प के रुप में उपयोग किया जा सकता है। कृषि विज्ञान केन्द्र, मानपुर के वैज्ञानिक डा॰ अशोक कुमार ने बताया कि फास्फेटिक उर्वरक की गतिशीलता बहुत कम होती है और खेत में उपयोग के बाद पौधे इसका केवल 20 से 22 प्रतिशत ही उपयोग कर पाते हैं, उपयोगिता बढ़ाने के लिये फास्फोरस घोलक बैक्टेरिया (पी॰एस॰बी॰) का उपयोग करने से फास्फेटिक उर्वरक की उपयोग क्षमता बढ़ जाती है, यह एक सरल और सस्ता उपाय है जिसे किसानों को अपनाना चाहिये। इसके बाद मुडेरा ग्राम के 05 किसान श्री विद्याभूषण शर्मा, श्री सुबोध शर्मा, श्री अटल बिहारी, श्री शैलेश कुमार एवं श्री आलोक कुमार के एक-एक एकड़ खेत में डी॰ए॰पी॰ के वैकल्पिक उर्वरक का प्रयोग प्रत्यक्षण अंतर्गत किया गया जिससे किसानों को इसके प्रभाव का तुलनात्मक परिणाम दिखाया जा सके।

Khizirsarai, Gaya | Aug 6, 2026

स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होना आम जनता के हित में बड़ा निर्णय : डॉ. प्रेम कुमार अध्यक्ष बिहार विधानसभा डॉ. प्रेम कुमार ने नगर निगम के स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने पर बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री माननीय नीतीश मिश्रा को बधाई एवं धन्यवाद दिया है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों की हड़ताल समाप्त होने से राज्य के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पुनः सुचारु होगी तथा आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से हड़ताल के कारण शहरों में कूड़ा-कचरा का उठाव प्रभावित हो रहा था, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वच्छता कर्मियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सकारात्मक पहल की, जिसके परिणामस्वरूप यह समाधान संभव हो सका। उन्होंने इसके लिए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के संवेदनशील एवं सकारात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। - Khizirsarai News