सड़कों से गंदगी उठाने और हटाने का काम करने वालों का शोषण क्यों?
जिस काम को समाज का अधिकांश हिस्सा करने की कल्पना तक नहीं कर सकता, वही काम कुछ लोग मजबूरी में करते हैं। सड़क, नाली और सार्वजनिक स्थानों से गंदगी और मानव मल उठाकर शहर को साफ रखने वाले सफाईकर्मी आखिर शोषण के पात्र क्यों हैं?
विडंबना देखिए—जिस काम को हम घृणित कहते हैं, उसे करने वाले इंसान को घृणा की नजर से देखते हैं। वह हमारे घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने के लिए अपने स्वास्थ्य और सम्मान तक को जोखिम में डालता है, लेकिन बदले में उसे अक्सर कम मजदूरी, अस्थायी रोजगार, असुरक्षित कार्य परिस्थितियां और सामाजिक उपेक्षा मिलती है।
सवाल सिर्फ मजदूरी का नहीं, इंसान की गरिमा का है। अगर सफाईकर्मी एक दिन काम करना बंद कर दें तो शहर की व्यवस्था चरमरा जाए। फिर उनके श्रम की कीमत सबसे कम क्यों?
समाज को यह तय करना होगा कि काम छोटा-बड़ा नहीं होता, लेकिन किसी इंसान का शोषण जरूर बड़ा अपराध है। जो हाथ हमारी गंदगी साफ करते हैं, उन्हें सम्मान, उचित मजदूरी, सुरक्षा उपकरण, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी अधिकार मिलना चाहिए।
जिस समाज को स्वच्छता पर गर्व है, उसे स्वच्छता कर्मियों के सम्मान और अधिकारों की भी उतनी ही चिंता करनी होगी।
Palwal, Palwal | Aug 28, 2026