ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक विद्युत व्यवस्था से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह
ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण पर विशेष जोर
चंडीगढ़ में विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक, देश की ऊर्जा जरूरतों और विद्युत क्षेत्र के भविष्य पर हुई व्यापक चर्चा
भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक विद्युत अवसंरचना और मजबूत उत्पादन एवं वितरण व्यवस्था को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए राज्यसभा सांसद एवं परामर्शदात्री समिति के सदस्य श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश के आर्थिक विकास की गति को बनाए रखने के लिए विद्युत क्षेत्र का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण आवश्यक है।
चंडीगढ़ स्थित जे.डब्ल्यू. मैरियट होटल में केंद्रीय विद्युत, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता तथा केंद्रीय विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नायक की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित विद्युत मंत्रालय की संसदीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में देशभर से आए लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों और विशेष आमंत्रित सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में भारत की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विद्युत क्षेत्र के समग्र विकास तथा स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर विस्तृत मंथन किया गया।
बैठक के दौरान देश में विद्युत पारेषण एवं वितरण अवसंरचना के विस्तार, राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने तथा सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के प्रभावी एकीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने विद्युत तंत्र को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और उपभोक्ता हितैषी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। समिति के सदस्यों ने उन्नत पूर्वानुमान प्रणाली, स्मार्ट ग्रिड तकनीक, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत सुविधाओं के विस्तार तथा गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नवाचार आधारित सुधारों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी।
राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने अपने विचार रखते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।