गांधी जयंती पर बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश, निकाली संस्कार रैली
नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाया स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का महत्व
विनोद कुमार जैन, बकस्वाहा संवाददाता।
बकस्वाहा। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर बच्चों में स्वच्छता, स्वस्थ जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी के संस्कार विकसित करने के उद्देश्य से एस.पी.के. जैन मेमोरियल स्कूल द्वारा सामाजिक संस्कार रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।
रैली एस.पी.के. जैन मेमोरियल स्कूल परिसर से प्रारंभ होकर बड़ा बाजार होते हुए बस स्टैंड पहुंची। यहां विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर स्वच्छता के महत्व को प्रभावी ढंग से समझाया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामाजिक दायित्व है।
बच्चों ने दिलाई स्वच्छता की शपथ
नुक्कड़ नाटक के उपरांत विद्यार्थियों ने बस स्टैंड पर मौजूद लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। बच्चों ने लोगों से अपने घर, विद्यालय, बाजार और आसपास के सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने तथा स्वयं गंदगी नहीं फैलाने के साथ दूसरों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
बस स्टैंड पर मौजूद बकस्वाहा नगरवासियों ने बच्चों और स्कूल के इस प्रयास की सराहना की। लोगों ने कहा कि बच्चों द्वारा स्वच्छता का संदेश देना समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे बच्चों में जहां सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, वहीं आम लोगों को भी अपने दायित्व का अहसास होता है।
इसके बाद रैली पुराना बस स्टैंड होते हुए वापस स्कूल परिसर पहुंची, जहां इसका समापन किया गया। रैली में विद्यार्थियों ने हाथों में स्वच्छता संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
रैली में विद्यालय के संचालक दिलीप मलैया सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
बच्चों के संस्कार से बनेगा स्वच्छ समाज
विद्यालय संचालक दिलीप मलैया ने बताया कि गांधी जयंती के अवसर पर रैली का उद्देश्य केवल स्वच्छता का संदेश देना नहीं, बल्कि बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता, अनुशासन, स्वास्थ्य और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। बच्चे जब स्वयं स्वच्छता को अपनी आदत बनाते हैं तो उसका प्रभाव परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ सड़क, स्वच्छ विद्यालय और स्वच्छ घर के साथ स्वच्छ सोच भी जरूरी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास गंदगी न फैलाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प ले, तो स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।