तामशाबाद सनौली टोल को लोकल के लिये फ्री करवाने को लेकर 6 गांव के लोगों ने की सनौली थाना प्रभारी के साथ बैठक
-बैठक में टोल संचालक भी रहा मौजूद, करीब पौने तीन घंटे तक चली बैठक में नहीं बन पाई सहमती
ग्रामीण बोले- पहले की तरह लोकल के लिये टोल होना चाहिये बिल्कुल फ्री, टोल कंपनी मालिक बोला- रियायती दरों पर बनवाये पासे
: पानीपत में नेशनल हाईवे 709 एडी पर गांव तामशाबाद सनौली टोल को आसपास के गांव के लोगों के लिये फ्री करवाने की मांग को लेकर 6 गांव के गणमान्य लोगों और टोल कंपनी के मालिक की शुक्रवार शाम को 5 बजे से लेकर देर शाम 7.45 तक करीब पौने तीन घंटे तक सनौली खुर्द थाना प्रभारी विनोद कुमार के साथ पुलिस थाना में मीटिंग हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। तामशाबाद टोल के आसपास के गांव के ग्रामीण टोल को लोकल गांव के लोगों के लिये बिल्कुल फ्री करने की मांग कर रहे है लेकिन टोल कंपनी मालिक एनएचएआई की गाइडलाईन के अनुसार लोकल के लिये रियायती दरों पर पास बनवाने की बात कह रहा है। बैठक में गांव राणा माजरा, पत्थरगढ, गढी बेसिक, जलालपुर द्वितीय, नवादा आर व नवादा पार के गणमान्य लोगों और टोल कंपनी की तरफ से स्वयं मालिक कमल संधू ने भाग लिया। हालांकि बैठक में थाना प्रभारी विनोद कुमार ने सहमती बनाने के प्रयास किये पर सहमती नहीं बन पाई। वहीं बैठक के उपरांत संदीप देशवाल कुराड, कौशर नंबरदार व नवाब अली आदि ने कहा कि एनएचएआई के तामशाबाद टोल को शुरू हुए करीब तीन साल हो चुके है। यहां पर पहले भी एनएचएआई से दूसरी कंपनियों ने टोल का टेंडर लिया गया था और उस समय से आसपास के गांव के लोगों के वाहनों का टोल फ्री था लेकिन अब राजस्थान की रक्षक कंपनी के कमल संधू ने इस टोल का टेंडर लिया गया है और इस कंपनी का टोल 7 सितंबर से शुरू हो चुका है। इस कंपनी द्वारा आसपास के गांव के लोगों से भी टोल वसुला जा रहा है, जबकि हमारी मांग है कि पहले की तरह ही टोल में छुट मिलनी चाहिये। इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि आसपास के गांव के लोगों को टोल में पहले की तरह छुट दिलवाने के लिये पहले उपायुक्त पानीपत को ज्ञापन देंगे और फिर भी समाधान नहीं हुआ तो आसपास के सभी गांव के लोग महापंचायत करके आगामी आंदोलन की रणनीति बनायेगे।
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क्या कहते है टोल का टेंडर लेने वाले कमल संधू
तामशाबाद टोल का टेंडर लेने वाले कमल संधू ने बताया कि एनएचएआई की गाइडलाईन के अनुसार लोकल व्यक्ति रियायती दरों पर अपने पास बनवा सकते है और वे आसपास के गांव के लोगों के लिये पास बनवाने के लिये तैयार है। लेकिन लोकल व्यक्ति पूरी तरह छुट की मांग कर रहे है जोकि एनएचएआई की गाईडलाईन में ही नहीं है।