उचौरी गाँव में अपने 4 वर्षीय इकलौते पोते हर्ष की मौत का सदमा उसकी दादी 55 वर्षीया उमा देवी पत्नी सीताराम वर्मा बर्दाश्त नहीं कर सकी। इस सदमे ने उनकी भी जान ले ली। इस दोहरे आघात से जहाँ परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गाँव में शोक की लहर दौड़ गई। भारी चीख-पुकार के बीच परिजनों ने गुरुवार को दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।