• सफलता की कहानी
• संत रविदास स्वरोजगार योजना से उद्देश्य मालवीय बने आत्मनिर्भर युवा
• अपने पिता के साथ मिलकर स्थापित किया आटा चक्की का बड़ा व्यवसाय
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प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के संकल्प के साथ अनेक जनकल्याणकारी स्वरोजगार योजनाएं संचालित कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को आसान ऋण, अनुदान और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इन्हीं योजनाओं में संत रविदास स्वरोजगार योजना युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। सीहोर जिले के युवा श्री उद्देश्य मालवीय इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं।
उद्देश्य बताते हैं कि उनके पिता कई वर्षों से आटा चक्की का छोटा व्यवसाय करते थे, लेकिन सीमित पूंजी, पर्याप्त मशीनरी का अभाव और अच्छी लोकेशन पर दुकान न होने के कारण व्यवसाय का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था। उद्देश्य चाहते थे कि आधुनिक मशीनें खरीदकर और बेहतर स्थान पर दुकान स्थापित कर इस पारिवारिक व्यवसाय को नई पहचान दें, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनके सपनों के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा थी।
इसी दौरान उन्हें संत रविदास स्वरोजगार योजना की जानकारी मिली। उन्होंने सीहोर कलेक्ट्रेट स्थित जिला अंत्यावसायी कार्यालय में संपर्क कर योजना की जानकारी प्राप्त की और आवेदन किया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें योजना के तहत 01 लाख 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ।
इस ऋण से उद्देश्य ने नई एवं आधुनिक आटा चक्कियां खरीदीं तथा बेहतर स्थान पर अपना व्यवसाय स्थापित किया। आज वे अपने पिता के साथ मिलकर सफलतापूर्वक व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता और बेहतर ग्राहकों के कारण अब दोनों मिलकर लगभग 50 हजार रुपये प्रतिमाह की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उद्देश्य ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है।
क्या है संत रविदास स्वरोजगार योजना?
संत रविदास स्वरोजगार योजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं को स्वयं का व्यवसाय, उद्योग या सेवा इकाई स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से युवाओं को बैंकों के जरिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है तथा पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार मार्जिन मनी एवं ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं।
कैसे करें आवेदन?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र युवा अपने जिले के जिला अंत्यावसायी कार्यालय अथवा मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक योग्यता, बैंक खाते का विवरण तथा प्रस्तावित व्यवसाय की परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है। आवेदन की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर बैंक के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाता है।
आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की ओर मजबूत कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित स्वरोजगार योजनाएं प्रदेश के युवाओं को आत्मविश्वास और आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही हैं। उद्देश्य मालवीय जैसे अनेक युवाओं की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो छोटे सपने भी बड़े व्यवसाय का रूप ले सकते हैं। सरकार की ऐसी योजनाएं न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति दे रही हैं।
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1 views | Sehore, Madhya Pradesh | Jun 27, 2026