विभावि में संकाय विकास कार्यक्रम का समापन: एआई और भारतीय ज्ञान परंपरा के मिलन से भारत को मिलेगी नई पहचान
पूर्व कुलपति ने कहा— 'इक्विटी' सबसे महत्वपूर्ण, बीएचयू के साथ मिलकर शोध करेगा विश्वविद्यालय
हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभावि) में चल रहा 6-दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम शनिवार को पूरी सफलता के साथ संपन्न हो गया। समापन सत्र के दौरान देश की भावी शिक्षा नीति और आधुनिक तकनीक के सामंजस्य पर प्रबुद्ध शिक्षाविदों ने बेहद गंभीर विचार साझा किए। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और पूर्व कुलपति प्रो. अंजनी कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में एक बेहद क्रांतिकारी दृष्टिकोण सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में अगर हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीक को अपनी सदियों पुरानी समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा के साथ समाहित कर दें, तो भारत को पूरी दुनिया में एक नई और बेहद मजबूत वैश्विक पहचान मिल सकती है।
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