आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से अब स्वास्थ्य सेवाओं
को मिलेगी नई दिशा बहराइच में एक दिवसीय जिला
स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें
सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण मुख्य
चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जिले
के सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के
साथ-साथ महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज और
100 से अधिक निजी अस्पतालों में 'e-Hospital'
सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटाइज
किया जा रहा है। मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड के लिए
अब तक जिले में 27 लाख से अधिक नागरिकों के
'आभा' कार्ड बनाए जा चुके हैं।कार्यशाला को संबोधित
करते हुए जिलाधिकारी बहराइच ने कहा कि शासन
की मंशा के अनुसार सरकारी और निजी स्वास्थ्य सेवाओं
को एक डिजिटल इको सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। आने
वाले समय में मरीजों को पर्चे के लिए लंबी लाइनों में
नहीं लगना पड़ेगा और पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट
सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध होगी। इससे आम
जनता को कागजी पर्चों और अनावश्यक भाग-दौड़ से
पूरी तरह मुक्ति मिलेगी। इस अवसर पर डिजिटल स्वास्थ्य
सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी अस्पतालों—
जैसे महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज, CHC
विशेश्वरगंज, हुजूरपुर, चितौरा और PHC नजीरपुरा—
को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं निजी
क्षेत्र से जैन हॉस्पिटल और केडिया हॉस्पिटल को भी
उनके बेहतरीन योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय
खत्री, CMS डॉ. एस. के. वर्मा, मुख्य राजस्व अधिकारी
सौरभ दुबे, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार, नोडल अधिकारी
डॉ. संदीप मिश्रा, जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी
बृजेश सिंह सहित जिले के कई प्रशासनिक अधिकारी
और चिकित्सक मौजूद रहे।