अटरू में आयोजित श्री मद भागवत कथा के आखिरी दिन साध्वी प्रिया किशोरी ने राजा परीक्षित की कथा सुनाई। उन्होंने सुदामा चरित्र, यदुवंशी समाज के अंत की कथा सुनाई। भगवान कहा की उन्होंने कहा कि जो श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का सार यही है कि धर्मध्वजा को सनातन को आगे बढ़ाना है। 12 फ़रवरी से आरम्भ हुई कथा के आखिरी दिन श्रद्धालुओं भावविभोर हो उठे।