प्रेस विज्ञप्ति
जिला जनसंपर्क कार्यालय, जमुई
30 सितंबर 2026
शीर्षक: जिले के सभी 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में आयोजित हुई अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जिला पदाधिकारी ने दिया बल।
जमुई: राज्य सरकार के “उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य” के ध्येय को साकार करने की दिशा में आज जिले के सभी 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालयों) में अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों एवं जिला पदाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों, पठन-पाठन की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की भावी आवश्यकताओं को लेकर अभिभावकों, शिक्षकों एवं प्रशासन के बीच सार्थक और पारदर्शी संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए आदर्श विद्यालयों को गोद लेकर उनके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास की निगरानी कर रहे सभी प्रखंडों के वरीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने प्रखंडों के आदर्श विद्यालयों का भ्रमण किया। इस दौरान टीमों ने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं तथा अन्य उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का निरीक्षण किया और उनके प्रभावी उपयोग की स्थिति की समीक्षा की। साथ ही, विद्यालयों की आवश्यकताओं, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपचारात्मक कक्षाओं, पाठ्यक्रम की प्रगति तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के संबंध में शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन से जानकारी प्राप्त की गई।
इसी क्रम में जिला पदाधिकारी ने सरस्वती विद्या निकेतन आदर्श विद्यालय, सतायन में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में स्वयं उपस्थित होकर विद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का जायजा लिया तथा छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिभावकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उनकी रुचियों, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं एवं अध्ययन संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी परिवार, समाज, जिले और राष्ट्र के समग्र विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ विवेक, अनुशासन, नैतिकता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई की नियमित समीक्षा के साथ-साथ उनके व्यवहार, मित्र-परिवेश और मानसिक स्थिति में होने वाले बदलावों पर भी संवेदनशीलता के साथ ध्यान दें तथा उनके साथ अभिभावक के साथ-साथ एक मित्र और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएं।
आगे जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को तकनीक का विवेकपूर्ण एवं रचनात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक संसाधनों का सार्थक उपयोग ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व निर्माण में होना चाहिए। उन्होंने बच्चों में महिलाओं के प्रति सम्मान, मानवीय संवेदनशीलता, अनुशासन और जिम्मेदार नागरिकता की भावना विकसित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही, जमुई में पर्यटन, संस्कृति एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से जिले की पहचान, विरासत और विकास में सकारात्मक भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
आज के इस अभिभावक –शिक्षक संगोष्ठी के दौरान सभी पदाधिकारियों ने विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर एवं विज्ञान प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं तथा अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों के अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया। कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक कक्षाओं के नियमित संचालन, समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्ण करने तथा माहवार परीक्षा कैलेंडर के प्रभावी अनुपालन की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा मानते हुए खेल कैलेंडर, एथलेटिक्स क्लब एवं विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने विद्यालयों में उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं एवं शिक्षण व्यवस्था को लेकर अपने अनुभव साझा किए। अभिभावकों ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए प्रशासन के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
Jamui, Bihar | Oct 1, 2026