संत समाज और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी बहस, संत पर युवती ने लगाया था कथित तौर पर झूठा आरोप, विडियो सामने आने पर आई सच्चाई सामने**राजस्थान ब्रेकिंग: सीकर के गनेड़ी में जानकीनाथ मंदिर की बेशकीमती जमीन पर भू-माफियाओं की नजर! महंत को फंसाने के लिए युवती का 'हनीट्रैप वीडियो' वायरल, संत समाज में भारी आक्रोश**
L.b. Bhakhar #Lalbahadurbhakharjournalist
गनेड़ी (सीकर)।** #लालबहादुर_भाखर राजस्थान के सीकर जिले के ऐतिहासिक गनेड़ी गाँव से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ स्थित सुप्रसिद्ध भगवान जानकीनाथ मंदिर की अरबों रुपये की बेशकीमती डोली की भूमि (मंदिर की जमीन) को हड़पने के लिए एक बहुत बड़ी और घिनौनी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि स्थानीय भू-माफियाओं और एक रसूखदार परिवार ने मंदिर के महंत स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज को अपने रास्ते से हटाने और उनकी छवि को धूमिल करने के लिए एक महिला का सहारा लेकर 'चरित्रहनन' का गंदा खेल खेला है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर मंदिर पक्ष का दावा है कि यह वीडियो पूरी तरह प्रायोजित (स्क्रिप्टेड) है और जमीन कब्जाने की नियत से महंत पर दबाव बनाने के लिए जारी किया गया है।
## साजिश का ताना-बाना: जमीन हथियाने के लिए रचा 'हनीट्रैप' का जाल
जानकीनाथ मंदिर प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, गनेड़ी गाँव में स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर के पास करोड़ों-अरबों रुपये की कीमती जमीन है। इस जमीन पर पिछले लंबे समय से कुछ स्थानीय भू-माफिया और एक विशेष परिवार गिद्ध दृष्टि गड़ाए बैठा है।
मंदिर के महंत स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी इस अवैध कब्जे और जमीन को बेचने के प्रयासों के खिलाफ लगातार कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ रहे हैं। जब भू-माफिया मंदिर के महंत को कानूनी रूप से डिगाने में नाकाम रहे, तो उन्होंने संत को बदनाम करने की साजिश रची। इसी साजिश के तहत एक युवती के माध्यम से महंत पर झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगवाए गए हैं।
## सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, मंदिर पक्ष ने पेश किए सबूत
पिछले कुछ घंटों से इलाके में एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह रोते हुए महंत स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी पर गंभीर आरोप लगा रही है। हालांकि, इस वीडियो के सामने आते ही मंदिर प्रशासन और संत के समर्थकों ने पुरजोर तरीके से इसका खंडन किया है।
**मंदिर प्रशासन का आधिकारिक बयान:**
"यह वीडियो पूरी तरह से फर्जी और ब्लैकमेलिंग की नीयत से बनाया गया है। मंदिर पक्ष के पास जमीन के एक-एक इंच के वैध और पुख्ता कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं। भू-माफिया चाहते हैं कि महंत जी डरकर या बदनामी के डर से पीछे हट जाएं और वे मंदिर की संपत्ति को खुर्द-बुर्द कर सकें। लेकिन हम इस गीदड़भभकी से डरने वाले नहीं हैं।"
## संत समाज और ग्रामीणों में भारी आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
इस घटनाक्रम के बाद पूरे शेखावाटी क्षेत्र के संत समाज और स्थानीय ग्रामीणों में भारी उबाल है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी का जीवन हमेशा धर्म और समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है। उन्हें इस तरह एक सोची-समझी साजिश के तहत बदनाम करना बेहद निंदनीय है।
मंदिर प्रशासन और ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन से मुलाकात कर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंदिर पक्ष ने मांग की है कि:
1. **वीडियो की सत्यता की जांच हो:** वायरल वीडियो के पीछे कौन-से भू-माफिया और मास्टरमाइंड छिपे हैं, उनकी कॉल डिटेल और भूमिका की जांच की जाए।
2. **जमीन के कागजात की सुरक्षा:** मंदिर की भूमि से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड को सुरक्षित रखते हुए भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. **महंत जी को सुरक्षा मिले:** साजिशकर्ताओं द्वारा महंत जी को मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाने की आशंका को देखते हुए उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए।
## प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
सीकर प्रशासन के लिए यह मामला अब गले की फांस बनता जा रहा है, क्योंकि एक तरफ मंदिर की सुरक्षा और संतों का सम्मान जुड़ा है, तो दूसरी तरफ वायरल वीडियो की संवेदनशीलता। स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। देखना यह होगा कि प्रशासन इस भू-माफिया तंत्र के खिलाफ कितनी जल्दी और कितनी सख्त कार्रवाई करता है।
**- ब्यूरो रिपोर्ट, राजस्थान समाचार।**
पत्रकार लालबहादुर भाखर
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