आज़ादी के 80 साल… फिर भी चंपावत के बच्चों की राह में मौत का खतरा
मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत में बूँगादुर्गापीपल तोक के छात्र-छात्राएं आज भी रोज़ करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर ककनई इंटर कॉलेज पहुंचने को मजबूर हैं। न पक्का रास्ता, न नदी पर पुल
बरसात में बूँगादुर्गापीपल नदी उफान पर रहती है। पुल न होने के कारण बच्चों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
इस तस्वीर की जवाबदेही सिर्फ सरकार की नहीं, आज तक चुने गए जनप्रतिनिधियों की भी है। आखिर इतने वर्षों में इन बच्चों के लिए सड़क और पुल क्यों नहीं बन पाया
सवाल सीधा है—बच्चों की जिंदगी से कब तक होगा ये खिलवाड़?
कब मिलेगा इन्हें सुरक्षित रास्ता और स्कूल तक पहुंचने का हक?