हाईकोर्ट के आदेश से आठ गांवों में जमीन-मकान पंजीकरण पर लगी रोक हटने का रास्ता साफ
वाराणसी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से आठ गांवों में जमीन और मकानों की खरीद-बिक्री के पंजीकरण पर लगी रोक हटने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने वीडीए उपाध्यक्ष को 26 दिसंबर 2025 को जारी पत्र तीन दिनों के भीतर वापस लेने का निर्देश दिया है। आदेश के बाद संबंधित गांवों के किसानों ने बुधवार की रात करीब 10 बजे एक दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपने खुशी का इजहार किया। आपको बता दे कि कमलेश कुमार पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं तीन अन्य की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की पीठ ने वीडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कोर्ट ने पूछा कि उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 या किसी अन्य कानून के तहत क्या वीडीए को संपत्ति मालिकों द्वारा कराए जाने वाले खरीद-बिक्री के पंजीकरण को अपनी अनुमति के बिना रोकने का अधिकार है।
वीडीए के अधिवक्ता रवि प्रकाश पांडे ने बताया कि संबंधित गांवों को काशी स्पोर्ट्स सिटी योजना के विस्तार से बाहर रखा गया है। उन्होंने बताया कि वीडीए उपाध्यक्ष ने पत्र वापस लेने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने तीन दिन में पत्र वापस लेने तथा आदेश की जानकारी 24 घंटे में उपाध्यक्ष तक पहुंचाने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 11 सितंबर 2026 को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह ने पैरवी की।