उरई (जालौन)। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने रविवार को उरई-कालपी रोड स्थित आटा में वृहद पौधरोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़कर पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया और कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों, छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने पौधरोपण किया। इस दौरान कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और वृक्षारोपण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 12 से अधिक लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और घटते भूजल स्तर पर चिंता जताते हुए वृक्षारोपण को सबसे प्रभावी समाधान बताया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हरित अभियान लगातार सफल हो रहा है। वर्ष 2017 से अब तक 190 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और पौधों की जियो-टैगिंग, ड्रोन व सैटेलाइट निगरानी के कारण उनकी जीवित रहने की दर लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
प्रदेश के नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने किसानों से कृषि वानिकी अपनाने की अपील की। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण को भी जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया तथा विभागीय प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया।
Orai, Jalaun | Jul 12, 2026