प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौ*त से गुस्साए परिजनों ने सिविल सर्जन की पिटाई, वीडियो वायरल।
बिहार के अरवल जिले का लाइफलाइन कहे जाने वाला सबसे बड़े सदर अस्पताल में एक बार फिर शुक्रवार देर शाम बड़ी चिकित्सीय लापरवाही देखने को मिली। जहां अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती 24 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया।
अरवल जिले के सदर थाना के फखरपुर गांव की रहने वाली 24 वर्षीय रागिनी कुमारी को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के पति आकाश कुमार के अनुसार बिना किसी जांच के डॉक्टरों ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ ही समय बाद रागिनी की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति आकाश कुमार ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सीय लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी पत्नी की जान चली गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग सदर अस्पताल पहुंच गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दोषी डॉक्टरों और संबंधित कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी, सिविल सर्जन, पूर्व विधायक महानंद सिंह के अलावे भारी संख्या में पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वही मौके पर पहुंचे सिविल सर्जन राजकिशोर प्रसाद को परिजनों ने पकड़ कर जमीन पर खींच दिया जिससे वह जख्मी हो गए। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि जांच में किसी भी स्तर पर चिकित्सीय लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या चिकित्सीय लापरवाही हुई थी। त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वही नवजात को अस्पताल प्रशासन के द्वारा परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया।