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यादव समाज अगर जग गया तो अंजाम बहुत बुरा होगा #lakhendrapaswan #livelongnews #bihar

Musahri, Muzaffarpur | Jun 26, 2026

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मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन एवं विधि व्यवस्था के प्रभावी संधारण हेतु डीएम एसएसपी ने शहर के प्रमुख स्थलों, जुलूस मार्गों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया तथा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को अलर्ट एंड एक्टिव मोड में कार्य करने का निर्देश दिया।

मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन एवं विधि व्यवस्था के प्रभावी संधारण हेतु डीएम एसएसपी ने शहर के प्रमुख स्थलों, जुलूस मार्गों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया तथा प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को अलर्ट एंड एक्टिव मोड में कार्य करने का निर्देश दिया।

Muzaffarpur, Bihar | Jun 26, 2026

बाढ़ की तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा, कटरा-गायघाट में तटबंध व स्लुइस गेट का किया निरीक्षण, बागमती नदी में कटावरोधी कार्य को मिली 7.98 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति
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मुजफ्फरपुर
26 जून, 2026
 
संभावित बाढ़ की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव के नेतृत्व में बाढ़ पूर्व तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंड कटरा एवं गायघाट का भ्रमण कर तटबंधों, स्लुइस गेटों एवं अन्य बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपर समाहर्ता आपदा एवं अंचलाधिकारी को सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को पूरे तटबंध का नियमित निरीक्षण करने तथा संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित कटाव वाले स्थानों पर फ्लड फाइटिंग मटेरियल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य किया जा सके। उन्होंने अंचलाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों का मोबाइल नंबर संधारित रखने एवं उनसे निरंतर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी आपात सूचना पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।
जिलाधिकारी ने क्षेत्र के स्लुइस गेटों का भी गहन निरीक्षण किया और उनके सुचारु संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी स्लुइस गेटों का नियमित संचालन एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए। गेटों के आसपास जमी गाद, जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को तत्काल हटाकर निर्बाध जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जलस्तर का लगातार आकलन करते हुए आवश्यकता के अनुसार समय पर स्लुइस गेट का संचालन किया जाए तथा सभी यांत्रिक उपकरणों का नियमित रखरखाव कर उन्हें हर समय कार्यशील स्थिति में रखा जाए।
जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बाढ़ की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंधों एवं स्लुइस गेटों के आसपास कहीं भी कटाव या क्षति दिखाई देने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन, मानवबल एवं उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्लुइस गेटों के आसपास अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखने को भी कहा गया।
इसी दौरान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। बागमती नदी के कटाव से प्रभावित रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी की पहल पर कटावरोधी कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। लंबे समय से नवादा गांव के समीप बागमती नदी के कटाव के कारण सड़क पर खतरा मंडरा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराने का अनुरोध किया था, ताकि सड़क को क्षति से बचाया जा सके और लोगों का आवागमन निर्बाध बना रहे।
जिलाधिकारी के अनुरोध पर मुख्य अभियंता, उत्तर बिहार पथ प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग ने स्थल का तकनीकी परीक्षण कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराया। विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लगभग 7 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये की लागत से बागमती नदी के किनारे एंटी इरोजन  कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही संबंधित अभियंताओं को शीघ्र निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत बागमती नदी के किनारे वैज्ञानिक पद्धति से कटावरोधी संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इससे नदी के तेज बहाव से सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा भविष्य में होने वाले कटाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ सुरक्षित रहेगा, बल्कि इस मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
विभागीय आदेश में निर्माण कार्य के दौरान सभी तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी तथा समय-समय पर अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी।  जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 जिला पदाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता आपदा श्री शैलेश कुमार चौधरी अंचलाधिकारी कटरा अंचलाधिकारी गायघाट सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बाढ़ की तैयारियों का जिलाधिकारी ने लिया जायजा, कटरा-गायघाट में तटबंध व स्लुइस गेट का किया निरीक्षण, बागमती नदी में कटावरोधी कार्य को मिली 7.98 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति -------------------------- मुजफ्फरपुर 26 जून, 2026 संभावित बाढ़ की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिला पदाधिकारी श्री कुमार गौरव के नेतृत्व में बाढ़ पूर्व तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है तथा संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी ने अधिकारियों की टीम के साथ जिले के बाढ़ प्रभावित प्रखंड कटरा एवं गायघाट का भ्रमण कर तटबंधों, स्लुइस गेटों एवं अन्य बाढ़ सुरक्षा व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अपर समाहर्ता आपदा एवं अंचलाधिकारी को सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित अंचलाधिकारियों को पूरे तटबंध का नियमित निरीक्षण करने तथा संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित कटाव वाले स्थानों पर फ्लड फाइटिंग मटेरियल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य किया जा सके। उन्होंने अंचलाधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों का मोबाइल नंबर संधारित रखने एवं उनसे निरंतर संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया, जिससे किसी भी आपात सूचना पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। जिलाधिकारी ने क्षेत्र के स्लुइस गेटों का भी गहन निरीक्षण किया और उनके सुचारु संचालन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी स्लुइस गेटों का नियमित संचालन एवं तकनीकी जांच सुनिश्चित की जाए। गेटों के आसपास जमी गाद, जलकुंभी एवं अन्य अवरोधों को तत्काल हटाकर निर्बाध जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जलस्तर का लगातार आकलन करते हुए आवश्यकता के अनुसार समय पर स्लुइस गेट का संचालन किया जाए तथा सभी यांत्रिक उपकरणों का नियमित रखरखाव कर उन्हें हर समय कार्यशील स्थिति में रखा जाए। जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बाढ़ की स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तटबंधों एवं स्लुइस गेटों के आसपास कहीं भी कटाव या क्षति दिखाई देने पर तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन, मानवबल एवं उपकरणों की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्लुइस गेटों के आसपास अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखने को भी कहा गया। इसी दौरान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। बागमती नदी के कटाव से प्रभावित रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी की पहल पर कटावरोधी कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। लंबे समय से नवादा गांव के समीप बागमती नदी के कटाव के कारण सड़क पर खतरा मंडरा रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराने का अनुरोध किया था, ताकि सड़क को क्षति से बचाया जा सके और लोगों का आवागमन निर्बाध बना रहे। जिलाधिकारी के अनुरोध पर मुख्य अभियंता, उत्तर बिहार पथ प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग ने स्थल का तकनीकी परीक्षण कर विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराया। विभागीय स्तर पर सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लगभग 7 करोड़ 98 लाख 35 हजार रुपये की लागत से बागमती नदी के किनारे एंटी इरोजन कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। साथ ही संबंधित अभियंताओं को शीघ्र निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया गया है। प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत बागमती नदी के किनारे वैज्ञानिक पद्धति से कटावरोधी संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। इससे नदी के तेज बहाव से सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा भविष्य में होने वाले कटाव को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद न केवल रुन्नीसैदपुर-कटरा-केवटसा पथ सुरक्षित रहेगा, बल्कि इस मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। विभागीय आदेश में निर्माण कार्य के दौरान सभी तकनीकी एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी तथा समय-समय पर अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रबंधन से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। जिला पदाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, अपर समाहर्ता आपदा श्री शैलेश कुमार चौधरी अंचलाधिकारी कटरा अंचलाधिकारी गायघाट सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Muzaffarpur, Bihar | Jun 26, 2026

जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने सदर अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, एमसीएच, दवा वितरण तथा साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया तथा मरीजों से फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने सिविल सर्जन को सरकारी दिशानिर्देश एवं मानक के अनुरूप  सभी स्वास्थ्य सेवाएँ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण रूप से ससमय उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
State Health Society, Bihar 
Bihar Health Department

जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने सदर अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, एमसीएच, दवा वितरण तथा साफ-सफाई आदि का निरीक्षण किया तथा मरीजों से फीडबैक प्राप्त किया। उन्होंने सिविल सर्जन को सरकारी दिशानिर्देश एवं मानक के अनुरूप सभी स्वास्थ्य सेवाएँ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण रूप से ससमय उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। Information & Public Relations Department, Government of Bihar State Health Society, Bihar Bihar Health Department

Muzaffarpur, Bihar | Jun 26, 2026

जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मातृ एवं शिशु अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के दिये सख्त निर्देश
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मुजफ्फरपुर
26 जून 2026

 जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं मरीजों के लिए सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में संचालित ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच), दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन की जाय।
जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं तथा नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं समुचित देखभाल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां सामान्य एवं आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव, गर्भावस्था की नियमित जांच एवं उपचार, नवजात शिशुओं की देखभाल, बच्चों के रोगों का उपचार, टीकाकरण तथा परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन सभी सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने अस्पताल में संचालित ओपीडी, आईपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिदिन इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या, निबंधन की प्रक्रिया, मरीजों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के पंजीकरण से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया सरल एवं व्यवस्थित हो, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी दवा वितरण केंद्र भी पहुंचे। वहां उन्होंने दवा भंडार पंजी, दवा वितरण पंजी एवं प्रतिदिन वितरित की जाने वाली दवाओं का रिकॉर्ड देखा तथा उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद मरीजों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं या नहीं। मरीजों ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था एवं दवा वितरण प्रणाली पर संतोष व्यक्त किया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर, वार्डों, शौचालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा प्रत्येक वार्ड, शौचालय एवं परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित अस्पताल मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि केवल जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भी नियमित निरीक्षण एवं समीक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाय। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार, प्रभारी अधीक्षक डॉ. ज्ञानेंदु शेखर सहित सदर अस्पताल के कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

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जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मातृ एवं शिशु अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के दिये सख्त निर्देश ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मुजफ्फरपुर 26 जून 2026 जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं मरीजों के लिए सुगम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री कुमार गौरव ने शुक्रवार को सदर अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में संचालित ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी वार्ड, शिशु वार्ड, मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच), दवा वितरण केंद्र तथा अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों से सीधे संवाद कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं सहज स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन की जाय। जिलाधिकारी ने सदर अस्पताल परिसर स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल (एमसीएच) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं, प्रसूता माताओं तथा नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं समुचित देखभाल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मातृ एवं शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां सामान्य एवं आवश्यकता पड़ने पर ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव, गर्भावस्था की नियमित जांच एवं उपचार, नवजात शिशुओं की देखभाल, बच्चों के रोगों का उपचार, टीकाकरण तथा परिवार नियोजन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं संचालित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन सभी सेवाओं का लाभ प्रत्येक पात्र मरीज तक प्रभावी ढंग से पहुंचे तथा किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाए। इसके बाद जिलाधिकारी ने अस्पताल में संचालित ओपीडी, आईपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रतिदिन इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या, निबंधन की प्रक्रिया, मरीजों को मिलने वाली चिकित्सीय सुविधाओं तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों के पंजीकरण से लेकर उपचार तक की पूरी प्रक्रिया सरल एवं व्यवस्थित हो, ताकि किसी भी मरीज को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी दवा वितरण केंद्र भी पहुंचे। वहां उन्होंने दवा भंडार पंजी, दवा वितरण पंजी एवं प्रतिदिन वितरित की जाने वाली दवाओं का रिकॉर्ड देखा तथा उपलब्ध दवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद मरीजों से बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया कि उन्हें चिकित्सकों द्वारा लिखी गई दवाएं समय पर उपलब्ध हो रही हैं या नहीं। मरीजों ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था एवं दवा वितरण प्रणाली पर संतोष व्यक्त किया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्था बनाये रखने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर, वार्डों, शौचालयों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा प्रत्येक वार्ड, शौचालय एवं परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाय। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं व्यवस्थित अस्पताल मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि केवल जिला अस्पताल ही नहीं, बल्कि जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का भी नियमित निरीक्षण एवं समीक्षा की जाय। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जाय। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार, प्रभारी अधीक्षक डॉ. ज्ञानेंदु शेखर सहित सदर अस्पताल के कई चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। Information & Public Relations Department, Government of Bihar State Health Society, Bihar Bihar Health Department

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