Follow.. खातोली (कोटा) गांवों में रहने वाले लोगों को जीवन ही नहीं, बल्कि मृत्यु के बाद भी सम्मानजनक विदाई के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
कई गांवों में आज तक स्थायी श्मशान घाट तक उपलब्ध नहीं हैं। जहां श्मशान घाट बने भी हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। बारिश के मौसम में हालात और भी दर्दनाक हो जाते हैं। टीन शेड नहीं होने के कारण परिजनों को तेज बारिश के बीच ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। कीचड़, जलभराव और खुले आसमान के नीचे अंतिम संस्कार करना मृतक के परिजनों के लिए बेहद पीड़ादायक और अपमानजनक स्थिति बन जाता है।
Sangod, Kota | Aug 7, 2026