मुजफ्फरपुर में विकास कार्यों की समीक्षा, खेल मैदान निर्माण में शिथिलता पर कार्रवाई के निर्देश
किसान निबंधन, उर्वरक उपलब्धता, सहयोग शिविर एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
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मुजफ्फरपुर,
12 जून 2026।
जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने विभिन्न विकास योजनाओं, मनरेगा, कृषि, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सहयोग शिविर, राजस्व एवं पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति, लंबित मामलों एवं जनहित से जुड़े कार्यों की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मनरेगा के अंतर्गत पंचायतों में खेल मैदान निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले की कुल 373 पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण कराया जाना है। इनमें से अब तक 239 पंचायतों में खेल मैदान का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। शेष पंचायतों में कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने कार्य की धीमी प्रगति वाले प्रखंडों मुसहरी, मीनापुर, पारू, मोतीपुर एवं कांटी प्रखंड के कार्यक्रम पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की समीक्षा में पाया गया कि 112 केंद्रों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसके विरुद्ध 86 केंद्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष 26 केंद्रों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कर निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों के निबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने अपर समाहर्ता (राजस्व) को निर्देश दिया कि कार्य में शिथिलता बरतने वाले नीचे से पांच राजस्व कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं जिला कृषि पदाधिकारी को भी निर्देश दिया गया कि फार्मर रजिस्ट्री के कार्य में खराब प्रदर्शन करने वाले पांच किसान सलाहकार एवं पांच कृषि समन्वयकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
समीक्षा में बताया गया कि जिले में अब तक 2,91,555 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। इनमें 1,44,017 किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से आच्छादित हैं। विशेष बात यह रही कि एक ही दिन में 20 हजार से अधिक किसानों का निबंधन किया गया। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को सतत मॉनिटरिंग कर निबंधन कार्य में और तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों के उपलब्धता, बिक्री एवं अवशेष की समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। यूरिया की कुल प्राप्ति 17,698.605 मीट्रिक टन के विरुद्ध 2,872.445 मीट्रिक टन बिक्री हुई है तथा 14,826.160 मीट्रिक टन उपलब्ध है। डीएपी की कुल प्राप्ति 7,755.650 मीट्रिक टन के विरुद्ध 563.050 मीट्रिक टन बिक्री हुई तथा 7,192.600 मीट्रिक टन शेष है। एनपीके की कुल प्राप्ति 10,910.920 मीट्रिक टन के विरुद्ध 629.850 मीट्रिक टन बिक्री हुई तथा 10,281.070 मीट्रिक टन उपलब्ध है। एमओपी की कुल प्राप्ति 3,401.100 मीट्रिक टन के विरुद्ध 240.300 मीट्रिक टन बिक्री हुई तथा 3,160.800 मीट्रिक टन शेष है। एसएसपी की कुल प्राप्ति 3,676.100 मीट्रिक टन के विरुद्ध 296.150 मीट्रिक टन बिक्री हुई तथा 3,379.950 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को उर्वरक वितरण की सतत निगरानी करने, कालाबाजारी रोकने तथा किसानों को आवश्यकता के अनुसार पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कृत्रिम संकट उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं नगर निगम की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल का जल योजना तथा सार्वजनिक चापाकलों को चालू रखने का निर्देश दिया। उन्होंने नगर निगम एवं सभी नगर निकायों को गर्मी के मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से जलापूर्ति बनाए रखने को कहा।
लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा में बताया गया कि जिले में कुल 444 सरकारी नलकूप हैं, जिनमें से केवल 228 चालू अवस्था में हैं। जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को नलकूपों की सूची उपलब्ध कराने तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के माध्यम से सभी नलकूपों की जांच कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में 16 जून 2026 को आयोजित होने वाले सहयोग शिविर की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिले के 16 प्रखंडों की 23 पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें बंदरा के हथ्था, गायघाट के दहिला पटशर्मा, कुढ़नी के चकिया एवं चढ़ुआं, मीनापुर के मझौलिया, मोतीपुर के हरसाही एवं कमालपुर बिथरौल, मुरौल के इटहा रसूलनगर, मुशहरी के शेरपुर एवं बड़ा जगन्नाथ, कांटी के बकटपुर, पारू के उस्ती एवं पन्देह, साहेबगंज के बसंतपुर चैनपुर, सरैया के अंबारा तेज सिंह एवं मड़वापाकर, बोचहां के नरकटिया, औराई के सहिलाबली एवं महेशवारा, मड़वन के रक्सा, कटरा के बरैठा उत्तरी तथा सकरा के रघुनाथपुर दोभां एवं राजापाकर पंचायत शामिल हैं।
इन शिविरों के लिए अब तक 918 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 418 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं जिले में आयोजित सहयोग शिविरों में अब तक कुल 14,623 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 12,696 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है तथा 830 आवेदन नियमानुसार गलत पाए जाने पर अस्वीकृत कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने शेष लंबित मामलों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि आम लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि जिले में कुल 5,61,235 लाभुक हैं, जिनमें से 4,25,229 लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण कराया जा चुका है। शेष 1,35,929 लाभुकों का बायोमेट्रिक सत्यापन शीघ्र कराने का निर्देश दिया गया।
राजस्व विभाग की समीक्षा में बताया गया कि ऑनलाइन म्यूटेशन के 98 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं परिमार्जन प्लस के 91 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया गया है। जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व को अंचलवार समीक्षा कर शत-प्रतिशत निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण का कार्य पूर्ण हो चुके हैं। अब जनगणना कार्य में संलग्न शिक्षकों जिनकी प्रतिनियुक्ति नगर निगम नगर परिषद एवं प्रखंडों में जनगणना सेल मे की गई थी उनकी प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई है तथा उन्हें अपने विद्यालयों में योगदान करने का आदेश जारी किया गया है।
बिहार राज्य फसल सहायता योजना रबी,2024-25 से संबंधित जिला स्तरीय समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक जिला पदाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में आहूत की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा BDO स्तर पर सर्वाधिक लंबित किसानों के डाटा यथा औराई -5274, कटरा -1713, गायघाट -1800,कांटी -1605 ,मोतीपुर -502,सकरा-422 के प्रखंड विकास पदाधिकारी पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं बैठक में उपस्थित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निदेशित किया कि पंचायत स्तरीय प्रतिनियुक्त कर्मी से 3 दिनों के भीतर शतप्रतिशत किसानों के डाटा का क्षेत्रीय जाँच कराते हुये अपने(BDO) स्तर पर लंबित सभी किसानों के आवेदन को सत्यापन/जॉच करते हुए जिला सहकारिता पदाधिकारी के स्तर पर अग्रसारित करेंगे। ताकि शतप्रतिशत किसानों के डाटा को अग्रेतर करवाई के लिए मुख्यालय पटना को भेजा जा सके।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करें तथा जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar
1 views | Muzaffarpur, Bihar | Jun 12, 2026